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अभिजीत दीपके ने विपक्षी दलों से कहा, 'धांधली वाले चुनावों में हिस्सा लेना बंद करें'

✍️ Admin 📅 25 September, 2026 ⏰ 09:01 AM 👁 82 views

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया एक्स पर विपक्षी दलों पर निशाना साधा है. दीपके ने लिखा, "विपक्ष के लिए- हां, चुनावों में धांधली हो रही है. लेकिन जब आप धांधली वाले चुनावों में लगातार हिस्सा लेते रहते हैं, तो आप इन चुनावों को वैधता देते हैं और यह भ्रम बनाए रखने में मदद करते हैं कि ये चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष हैं." उन्होंने कहा, "हो सकता है कि आप चुनाव लड़ते रहते हैं क्योंकि आपको डर है कि अगर आपने ऐसा नहीं किया, तो आपका अस्तित्व ख़त्म हो जाएगा. लेकिन जब वोट चोरी हो रहे हों, आपके विधायक और सांसद पाला बदल रहे हों और आपकी पार्टियों में फूट डाली जा रही हो, तब आप किस तरह के अस्तित्व को बचाने की कोशिश कर रहे हैं?" अभिजीत दीपके ने एक लंबी पोस्ट में लिखा, "यह राजनीतिक अस्तित्व बचाना नहीं है. आप बस ऐसी व्यवस्था में ख़ुद को बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं. आप केवल उन्हीं राज्यों में चुनावी धांधली की बात नहीं कर सकते, जो आपके लिए महत्वपूर्ण हैं और बाक़ी जगहों पर चुप रह सकते हैं." उन्होंने कहा, "आप यह नहीं कहते रह सकते कि खेल में धांधली है और फिर भी उसमें खेलते रह सकते हैं. आपकी भागीदारी ही इन धांधली वाले चुनावों को वैधता देती है. अपने राजनीतिक अस्तित्व के बारे में सोचने से पहले देश और उसके लोकतंत्र के बारे में सोचिए. अपना रुख स्पष्ट कीजिए और धांधली वाले चुनावों में हिस्सा लेना बंद कीजिए." नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने भारत और चीन का शुक्रिया अदा किया किया. उन्होंने बीते दिनों नेपाल में आई बाढ़ के दौरान मदद के लिए दोनों देशों के प्रति ख़ास आभार जताया." संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने कहा, "हमारा प्रस्ताव है कि नेपाल, भारत और चीन के नेतृत्व में 'हिमालयी जलवायु तंत्र' स्थापित किया जाए." उन्होंने कहा, "इस तंत्र के ज़रिए हम सैटेलाइट डेटा और अपनी विशेषज्ञता साझा करें. हम ख़तरनाक ग्लेशियल झीलों की निगरानी करें और संयुक्त रूप से शुरुआती चेतावनी की व्यवस्था को मजबूत करें." बालेन शाह ने कहा, "जब कोई आपदा आए तो हम सीमाओं के पार राहत और सहायता के लिए तालमेल स्थापित करें." उन्होंने सुझाव दिया कि हिमालय अलग-अलग स्तर पर बिखरी हुई सूचनाओं के बजाय अंतरराष्ट्रीय सहयोग की प्रयोगशाला बने." नेपाल में पिछले महीने आई बाढ़ में क़रीब 1500 लोगों की मौत हो गई, जबकि क़रीब छह हज़ार लोग लापता हैं. इसराइल के ख़िलाफ़ जनमत को प्रभावित करने के नेतन्याहू के आरोपों को क़तर ने ख़ारिज किया है. क़तर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने माजेद अल-अंसारी ने एक्स पर लिखा, "हम संयुक्त राष्ट्र महासभा में संबोधन के दौरान इसराइल के प्रधानमंत्री बिंयामिन नेतन्याहू की ओर से लगाए गए उस आरोप को पूरी तरह ख़ारिज करते हैं, जिसमें उन्होंने कहा कि क़तर, इसराइल के ख़िलाफ़ जनमत को प्रभावित करने का अभियान चला रहा है." "क़तर के ख़िलाफ़ जारी यह बयानबाजी क़ब्ज़े वाले फ़लस्तीनी क्षेत्रों में उनकी सरकार की ओर से किए गए अत्याचारों और उनके गंभीर मानवीय परिणामों से ध्यान भटकाने की कोशिश के अलावा कुछ नहीं है." माजेद अल-अंसारी ने लिखा, "अगर नेतन्याहू और इसराइल के अन्य कट्टरपंथी नेता, जिन्हें तेजी से खाली सभागारों को संबोधित करना पड़ रहा है, वो चाहते हैं कि दुनिया इसराइल को अलग नज़रिए से देखे, तो उन्हें सबसे पहले अपनी नीतियों में बदलाव करना चाहिए, अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन रोकने चाहिए और उसका सम्मान करना चाहिए." उन्होंने आगे लिखा, "उन्हें उन लोगों के प्रति जवाबदेही तय करनी चाहिए, जिन्होंने उन्हें चुना है, न कि इसराइल की बिगड़ती वैश्विक छवि के लिए किसी को बलि का बकरा तलाशना चाहिए." पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ और बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक़ रहमान ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के दौरान हुई इस मुलाक़ात में कई मुद्दों पर चर्चा की. शहबाज़ शरीफ़ ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "प्रधानमंत्री रहमान और मैंने व्यापार, निवेश, संपर्क, शिक्षा, पर्यटन और दोनों देशों के लोगों के बीच आपसी संबंधों के क्षेत्रों में पाकिस्तान-बांग्लादेश द्विपक्षीय सहयोग को और गहरा करने पर सहमति जताई." उन्होंने आगे लिखा, "साथ ही, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों के साथ-साथ बहुपक्षीय मंचों पर भी दोनों देशों के बीच क़रीबी तालमेल बनाए रखने पर सहमति बनी." बीबीसी हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता चंदन कुमार जजवाड़े अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा. कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए आप यहां क्लिक करें. - 'ज्ञानेश कुमार को सरकारी गवाह बन जाना चाहिए': राहुल गांधी ने की प्रेस कॉन्फ़्रेंस, बीजेपी ने दिया जवाब - 'मोरल पुलिसिंग' क्या है और इससे कौन से मौलिक अधिकार प्रभावित होते हैं? - एआई ने ऑस्ट्रेलिया की सरकारी वेबसाइट में किस तरह की 'घुसपैठ' - ज्ञानेश कुमार से असहमति जताने वाले चुनाव आयुक्त विवेक जोशी और सुखबीर संधू को जानिए, कांग्रेस ने नियुक्ति का क्यों किया था विरोध?

स्रोत: BBC Hindi

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