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राहुल गांधी के 'डिजिटल सत्याग्रह' पर बोले चिराग पासवान- 'मैंने हमेशा...'

✍️ Admin 📅 04 October, 2026 ⏰ 04:40 PM 👁 51 views

छत्तीसगढ़ पहुंचे केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने लोकसभा नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के डिजिटल सत्याग्रह प्लेटफॉर्म को लेकर अपना बयान दिया है. चिराग ने तंज कसते और कांग्रेस नेता को नसीहत देते हुए कहा है कि जनता आपको नकार रही है. इस बात को समझने के लिए सत्याग्रह नहीं, आत्म मंथन करने की जरूरत है.  चिराग ने कहा है कि यह अच्छी बात है. मैंने हमेशा युवाओं और हमारे भारतीय नागरिकों को अपनी बात रखने के लिए ज्यादा से ज्यादा प्लेटफॉर्मम देने की वकालत की है. इसी सोच के साथ राहुल गांधी ने सत्याग्रह शुरू किया है.  चिराग ने आगे कहा, 'नाम तो अच्छा चुना गया है, लेकिन विपक्ष की आदत हो गई है, कि वे बार-बार झूठ और भ्रम फैलाते हैं. मुद्दों को उठाना और फिर उन्हें बीच में ही छोड़ देना, ईवीएम से लेकर एसआईआर तक हर चीज के बारे में जनता के बीच भ्रम फैलाना. असलियत यह है कि जनता आपको नकार रही है. यह बात आपको सत्याग्रह से नहीं बल्कि आत्म मंथन से समझ आएगी.' आप चुनाव जीत जाते हैं, तो वहां SIR सही: पासवानइसके अलावा पासवान ने कहा, 'आप चुनाव जीत जाते हैं, तो वहां का एसआईआर सही रहता है. वहीं, अगर हम लोग के सांसद जीतते हैं, तो गलत हो जाता है. जहां पर हमारी सरकार जीतकर आती है, वहां पर एसआईआर की गड़बड़ी होती है. लेकिन जिन राज्यों में आपके मुख्यमंत्री हैं, तेलंगाना, कर्नाटक, हिमाचल, वहां एसआईआर सही रहता है. सत्याग्रह सोच अच्छी है. सत्य बोलें. विपक्ष झूठ बोल-बोलकर, लोगों को भ्रमित न करें.' मल्लिकार्जुन खरगे के गैरकानूनी बयान पर क्या बोले? इसके अलावा चिराग पासवान ने मल्लिकार्जुन खरगे के बयान पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने देश के चुनावों को गैरकानूनी करार दिया है. इसपर पासवान ने कहा है कि अगर चुनाव गैरकानूनी हैं तो उसे रद्द करवाएं. आदरणीय खरगे साहब के अनुभव की तुलना किसी से नहीं की जा सकती. उसके बावजूद भी अगर उन्हें लगता है कि गैरकानूनी हैं, तो रद्द करवाएं. लेकिन उससे पहले अपने ही सांसदों से पूछे कि वो इसके लिए तैयार हैं. जिन राज्यों में इनकी सरकारें हैं, उनके मुख्यमंत्रियों से पूछे कि वो तैयार हैं.  चिराग ने कहा, 'अगर इनके सांसद, मुख्यमंत्री एक साथ हैं, तो इसकी शिकायत चुनाव आयोग से करें. लेकिन विरोध इनके अंदर ही आएगा. अगर वो इस सोच को आगे लेकर बढ़ने की कोशिश करेंगे. इसके अलावा उन्होने आरक्षण विवाद पर कहा है कि यह एक अधिकार है. इसपर किसी तरह के विवाद की कोई गुंजाइश ही नहीं.'  नवंबर 2025 एबीपी न्यूज नेटवर्क में बतौर कंसल्टेंट अपनी भूमिका निभा रहा हूं. मीडिया का अनुभव करीबन साढ़े 8 साल का है. देश के अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दे चुका हूं. पिछले कुछ सालों में बतौर मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर, कंटेंट एडिटर, सब एडिटर और रिजनल टीवी चैनल में प्रोग्राम एग्जीक्यूटिव के तौर पर अपनी सेवाएं दी हैं. लेखन, ग्राफिक्स और वीडियो प्रोडक्शन की बारीक समझ है. नेशनल-इंटरनेशनल डेस्क की भी जिम्मेदारी संभाल चुका हैं. मजा ग्राउंड या एक्सक्लूसिव रिपोर्ट कवर करने में आता है. साल 2016 में माखनलाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी भोपाल से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया और पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखा. साहित्य पढ़ना, फिल्में देखना, कहानियां-कविताएं लिखना और घूमना विशेष रुचियों में दर्ज है.

स्रोत: ABP Hindi

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