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Death

रिहा होने के बाद सीजेपी नेताओं ने कहा, कॉकरोच कभी मरते नहीं, 2 बजे करेंगे प्रेस कॉन्फ़्रेंस

✍️ Admin 📅 11 October, 2026 ⏰ 12:09 PM 👁 46 views

अभिजीत दीपके, सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रांका को मजिस्ट्रेट कोर्ट की ओर से रविवार को रिहा किए जाने के बाद सीजेपी के आधिकारिक अकाउंट से हुई पोस्ट में लिखा गया कॉकरोच कभी मरते नहीं. वहीं, आशुतोष रांका ने रिहा होने के बाद बताया कि सीजेपी रविवार दोपहर 2 बजे प्रेस कॉन्फ़्रेंस करेगी. सीजेपी की लीगल हेड रत्ना सिंह के मुताबिक़, तीनों लीडर को इस शर्त पर रिहा किया गया है कि वे एक साल तक शांति भंग नहीं करेंगे. दीपके, रांका और दास को 10 अक्तूबर को दिल्ली एयरपोर्ट पर प्लेन से ही हिरासत में ले लिया गया था. रविवार को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के फ़ाउंडर अभिजीत दीपके, सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रांका को पुलिस हिरासत से रिहा कर दिया गया. लाइव लॉ के मुताबिक सीजेपी के तीनों टॉप लीडर्स को एग्ज़ीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां इन्हें रिहा करने का आदेश दिया गया. तीनों को एसईएम न्यायालय, दिल्ली कैंट के सामने पेश किया गया था. तीनों के वकील सौतिक बनर्जी ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि वो अब यहां से बाहर जा सकते हैं. दिल्ली पुलिस ने एक्स पर बताया, ''मजिस्ट्रेट ने तीनों को अच्छे आचरण और शांति बनाए रखने की शर्त पर 50 हज़ार रुपये के बॉन्ड पर एक साल की अवधि के लिए रिहा किया है.'' सीजेपी ने दिल्ली में रविवार को भी प्रोटेस्ट का एलान किया है. इसे देखते हुए जंतर-मंतर के आसपास रविवार को पुलिस बल की भारी तैनाती की गई है. सीजेपी ने रविवार को भी प्रदर्शन का एलान किया है. सीजेपी से जुड़े अजिंक्य शिंदे ने बताया था कि वो रविवार को 10 बजे फिर से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेंगे. रविवार को भी कुछ वामपंथी संगठनों से जुड़े युवाओं ने दिल्ली में राजीव चौक से मार्च निकालने की कोशिश की. इन संगठनों के करीब 50-60 प्रतिनिधियों को हिरासत में ले लिया गया. इनमें एआईएसएफ़, एसएफ़आई और केवाईएस से जुड़े युवा शामिल हैं. ये लोग राजीव चौक मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 से जनपथ की रेडियल रोड 1 की ओर मार्च निकाल रहे थे. लेकिन पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया. इसके साथ ही मशहूर यूट्यूबर और सोशल मीडिया इन्फ़्लुएंसर ध्रुव राठी को भी पुलिस ने हिरासत में लेने के कुछ घंटों बाद रिहा कर दिया है. गुरुग्राम पुलिस के प्रवक्ता ने बीबीसी संवाददाता दिलनवाज़ पाशा से इसकी पुष्टि की है. दरअसल, ध्रुव राठी को 10 अक्तूबर 2026 की सुबह गुरुग्राम के सेक्टर 56 स्थित केंद्रीय विहार हिरासत में लिया गया था. यह कार्रवाई दिल्ली के जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को देखते हुए की गई थी. इस बीच, सुप्रीम कोर्ट में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने और दिल्ली में मेट्रो और रेल बंद किए जाने के ख़िलाफ़ दायर याचिकाओं पर सुनवाई हुई. सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए कहा कि क़ानून के मुताबिक़ शहर में लोगों की निर्बाध आवाजाही की अनुमति होगी. साथ ही, क़ानून में निर्धारित प्रक्रिया के अलावा किसी को हिरासत में नहीं लिया जाएगा. अदालत ने कहा कि बीएनएसएस की धारा 163 लागू होने वाले क्षेत्र के बाहर लोगों को एकत्र होने का अधिकार होगा. अदालत ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट या किसी अन्य अदालत में न्याय पाने के लिए व्यक्तिगत रूप से पहुंचने से किसी को नहीं रोका जाएगा. कॉकरोच जनता पार्टी ने कहा है कि 10 अक्तूबर की तरह ही 11 अक्तूबर को भी प्रदर्शन किया जाएगा. इसे देखते हुए पुलिस ने आज भी कड़ा इंतज़ाम किया है. जंतर-मंतर के आसपास रविवार को पुलिस बल की भारी तैनाती की गई है. कई इलाक़ों में प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेड्स भी लगाए हैं. पुलिस बल के साथ कई अलग-अलग सुरक्षा बलों की यूनिट्स भी तैनात की गई हैं 'द हिंदू' ने दिल्ली पुलिस के सूत्रों के हवाले से बताया कि शनिवार (10 अक्टूबर, 2026) को राजधानी में करीब 2,500 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया. प्रदर्शन के दिन से पहले रात भर दिल्ली में एहतियातन की गई कार्रवाई के दौरान हिरासत में लिए गए करीब 1,000 लोगों के अलावा ये गिरफ्तारियां हुईं. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (ओएचसीएचआर ) ने दिल्ली में हुए प्रदर्शनों के दौरान "बड़े पैमाने पर हिरासत में लिए जाने" की खबरों पर "चिंता" जताई. हालांकि, सरकार ने इस बयान को खारिज कर दिया है. बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित. BBC World Service के नए ऐप को डाउनलोड करें BBC News हिन्दी को चुनें और पाइए न्यूज़ अलर्ट, लाइव टीवी, पॉडकास्ट... सब एक जगह कृपया नोट करें: नया ऐप ब्रिटेन और अमेरिका में उपलब्ध नहीं है.

स्रोत: BBC Hindi

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