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Death

जयपुर में एयर इंडिया विमान की इमरजेंसी लैंडिंग, हाईजैक होने की गुत्थी अनसुलझी

✍️ Admin 📅 14 October, 2026 ⏰ 09:23 PM 👁 40 views

जर्मनी से नई दिल्ली जाने वाली एयर इंडिया की जिस फ्लाइट की हाईजैक होने का एलर्ट आने के बाद जयपुर में इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई थी, उसे करीब सवा पांच घंटे के बाद जयपुर से नई दिल्ली के लिए रवाना तो कर दिया गया है.  लेकिन हाईजैक होने के अलर्ट के रहस्य की गुत्थी अभी भी सुलझ नहीं सकी है. टेक्निकल टीम को विमान में कोई तकनीकी गड़बड़ी नहीं मिली. दूसरी तरफ पायलट और को पायलट ने हाईजैक का अलार्मिंग बटन दबाने से साफ इंकार किया है.  ऐसे में सवाल यह उठता है कि अहमदाबाद के एयर ट्रैफिक कंट्रोल तक हाईजैक का अलर्ट कैसे पहुंचा? विमान के पायलट और दूसरे स्टाफ को भी इस अलर्ट की जानकारी तुरंत ही मिल गई थी. विमान से ATC को यह जानकारी भी तुरंत दी गई थी कि हाईजैक जैसी कोई घटना नहीं हुई है. जयपुर में हुई इमरजेंसी लैंडिंग दरअसल, जर्मनी के फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट से कल रात 10:45 बजे एयर इंडिया के बोइंग विमान ने नई दिल्ली के लिए उड़ान भरी. इस विमान में 243 यात्री और करीब दर्जन भर क्रू स्टाफ मौजूद था. आज सुबह करीब नौ बजकर बीस मिनट पर अहमदाबाद के एयर ट्रैफिक कंट्रोल को इस विमान के हाईजैक होने का अलर्ट मिला. विमान से हाईजैक का सिग्नल कोड 7500 भेजा गया था. इससे हड़कंप मच गया. फौरन दूसरे एयर ट्रैफिक कंट्रोल के साथ ही गृह मंत्रालय तक खबर दी गई. तलाशी के बावजूद कुछ संदिग्ध नहीं मिला  हाईजैक होने का एलर्ट मिलने के बाद सुबह करीब पौने दस बजे इस विमान की जयपुर एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई. एयरपोर्ट पर इसे आइसोलेशन में लैंड कराया गया. लैंडिंग के बाद CISF ने इसे घेर लिया. क्रू स्टाफ द्वारा फिजिकल तौर पर हाईजैक नहीं होने की जानकारी देने के बाद राहत की सांस ली गई. यात्रियों को टर्मिनल-2 पर बिठाया गया. सुरक्षा एजेंसियों ने सघन तलाशी ली, लेकिन विमान में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला. इस बीच राजस्थान के गृह सचिव समेत पुलिस और प्रशासन के तमाम बड़े अधिकारी भी मौके पर पहुंचे. नई दिल्ली में NSG कमांडोज को स्टैंड बाय मोड पर कर दिया गया था. जयपुर से दिल्ली भेजा गया विमान दोपहर करीब पौने तीन बजे विमान को नई दिल्ली के लिए भेजा गया. विमान को नई दिल्ली के लिए वही स्टाफ लेकर गया, जो जर्मनी से जयपुर तक आया था. कोई अनहोनी नहीं होने से हर किसी ने राहत की सांस ली, लेकिन देश में जयपुर में नई दिल्ली और अहमदाबाद से जर्मनी तक कोहराम मचा रहा. बड़ा सवाल यह है कि अगर विमान के पायलट या किसी अन्य स्टाफ ने हाईजैक का सिग्नल नहीं भेजा और उसमें कोई तकनीकी खराबी नहीं मिली तो फिर विमान से अहमदाबाद के एयर ट्रैफिक कंट्रोल तक एलर्ट कैसे पहुंचा. बहरहाल मामले की जांच जारी रहेगी. जांच के बाद ही गुत्थी सुलझ सकती है.  मोहम्मद मोईन को पत्रकारिता का करीब तीन दशक का अनुभव है. वह प्रिंट - इलेक्ट्रानिक और डिजिटल तीनों ही माध्यमों में सालों तक काम कर चुके हैं. ABP नेटवर्क से वह पिछले करीब 18 सालों, स्टार न्यूज़ के समय से ही जुड़े हुए हैं. राजनीति - धर्म और लीगल टापिक के साथ सम सामयिक विषयों के एक्सपर्ट हैं. पत्रकार होने के साथ ही राजनीतिक विश्लेषक, एक्सपर्ट पैनलिस्ट, आलोचक और टिप्पणीकार भी हैं. इनकी चुनावी भविष्यवाणी ज्यादातर मौकों पर सटीक साबित हुई है. 8 लोकसभा चुनाव और कई विधानसभा चुनाव कवर कर चुके हैं. 7 कुंभ और महाकुंभ की कवरेज कर अपनी अलग पहचान बनाई है. यह अपनी बेबाक- निष्पक्ष और तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. मोहम्मद मोईन ने चार विषयों पत्रकारिता एवं जनसंचार, राजनीति विज्ञान, हिंदी और मध्यकालीन व आधुनिक इतिहास विषयों में मास्टर डिग्री यानी स्नातकोत्तर किया हुआ है. लॉ ग्रेजुएट भी हैं. देश के कई राज्यों में काम करने का अनुभव रखते हैं. देश की तमाम नामचीन हस्तियों का इंटरव्यू ले चुके हैं और कई चर्चित घटनाओं को कवर चुके हैं. 

स्रोत: ABP Hindi

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