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कॉकरोच जनता पार्टी की चेतावनी- आज सौरव दास और आशुतोष रांका को नहीं छोड़ा तो...

✍️ Admin 📅 18 October, 2026 ⏰ 09:02 AM 👁 41 views

इमेज स्रोत, Sonu Mehta/Hindustan Times via Getty Images कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने कहा है कि सौरव दास और आशुतोष रांका को रविवार को रिहा नहीं किया जाता है, तो उन्हें हिरासत में रखने वाले अधिकारियों के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई की जाएगी. सीजेपी ने का कहा है इस मामले में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल से भी सलाह ली है. सीजेपी ने शनिवार को एक्स पर लिखा, "हमने कपिल सिब्बल से सलाह ली है. अगर कल तक आशु और सौरव को रिहा नहीं किया जाता है, तो हम उन सभी लोगों के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई करेंगे, जिन्होंने जानबूझकर उन्हें ग़ैरक़ानूनी हिरासत में रखे जाने को जारी रखा है. ख़ासकर तब, जब उन्होंने न तो कोई अपराध किया है और न ही उन पर किसी अपराध का आरोप लगाया गया है." सीजेपी ने लिखा, "उन्हें जेल में रखने के लिए जानबूझकर देरी करने की कोशिशों को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. इसके लिए ज़िम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाएगा." गौरतलब है कि सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली की विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (एसईएम) अदालत ने 14 अक्तूबर 2026 (बुधवार) को न्यायिक हिरासत के तहत तिहाड़ जेल भेजा था. मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने श्रद्धालुओं की भीड़ को कुचल दिया, जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई और क़रीब 29 लोग घायल हुए हैं. हादसा शनिवार और रविवार की दरमियानी रात क़रीब डेढ़ बजे हुआ. घायलों में पांच से छह लोगों की हालत गंभीर बताई गई है. ग्वालियर की कलेक्टर रुचिका चौहान के मुताबिक़, "ट्रक चीनोर की तरफ़ से मंदिर की ओर आ रहा था. रास्ते में ट्रक ने नियंत्रण खो दिया और लगातार बाईं तरफ़ मुड़ता चला गया. इसी दौरान ट्रक सड़क किनारे लगी दुकानों को कुचलते हुए शीतला माता मंदिर के प्रवेश द्वार से टकरा गया, जिससे मंदिर की दीवार ढह गई और 40 से 50 लोग मलबे में दब गए." कलेक्टर ने बताया कि नवरात्रि के दौरान इस सड़क पर बैरियर और पुलिस चेकपोस्ट भी मौजूद थे. ऐसे में ट्रक मंदिर परिसर तक कैसे पहुंचा, इसकी जांच की जा रही है. ट्रक की तकनीकी जांच के लिए क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय की टीम भी भेजी गई है, ताकि हादसे की वजह का पता लगाया जा सके. ज़िला प्रशासन के अनुसार घायलों का अस्पताल में इलाज़ चल रहा है साथ ही हादसे की जांच भी की जा रही है. इमेज स्रोत, Ajay Aggarwal/Hindustan Times via Getty Images पश्चिम बंगाल के कोलकाता में चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ होने के कारण कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई है. इस घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख जताया है. उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों और घायलों के लिए आर्थिक सहायता का एलान किया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "कोलकाता में भगदड़ की घटना बेहद दुखद है. जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी संवेदनाएं हैं. घायलों के जल्द ठीक होने की कामना करता हूं. स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की हर संभव मदद कर रहा है." वहीं, पीएमओ ने बताया कि पीएम मोदी ने पधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को 2 लाख रुपये की राशि देने की घोषणा की है. इसके अलावा, हादसे में घायल हुए लोगों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी. दूसरी ओर, राज्य सरकार ने प्रत्येक मृतक के परिजन को 25 लाख रुपये की वित्तीय सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का एलान किया. हर घायल के इलाज का ख़र्च सरकार देगी और उन्हें पांच लाख रुपये का मुआवज़ा दिया जाएगा. गृह मंत्री अमित शाह ने भी इस घटना पर दुख व्यक्त किया है. उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "अभी-अभी कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ का अत्यंत दु:खद समाचार मिला. इस संबंध में मुख्यमंत्री श्री शुभेंदु अधिकारी जी से बात की. पश्चिम बंगाल के अपने कल के सभी कार्यक्रम स्थगित कर अस्पताल जाकर घायलों से मिलूंगा. मां दुर्गा से सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं." फ़्रांस में महंगाई और स्कूलों की बदहाली के ख़िलाफ़ शनिवार को हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान कई शहरों में हिंसा भड़क उठी. फ़्रांस की सरकार के मुताबिक़, देशभर में क़रीब 5.5 लाख लोग सड़कों पर उतरे. इस दौरान पुलिस ने कम से कम 1,200 लोगों को गिरफ़्तार किया. राजधानी पेरिस में शाम तक प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कई जगहों पर झड़पें हुईं. हालात पर क़ाबू पाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया. प्रदर्शन के दौरान राजधानी समेत कई इलाक़ों में इमारतों को आग के हवाले कर दिया गया. लिमोज शहर के टाउन हॉल में भीषण आग लगने से इमारत की छत का एक हिस्सा ढह गया. प्रदर्शन के दौरान कई शहरों में दुकानों में लूटपाट और बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं. प्रदर्शनकारियों ने टाउन हॉल और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया. फ़्रांस के प्रधानमंत्री सेबेस्तियन लेकोर्नू ने बताया कि हिंसा के दौरान 150 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं. दरअसल, पेरिस में दोपहर के समय मार्च काफ़ी हद तक शांतिपूर्ण नज़र आया. इस दौरान प्रदर्शन कर रहे युवाओं के एक समूह ने बीबीसी से बातचीत में ख़ुद को शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी बताया. उन्होंने कहा कि वे केवल बदलाव लाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन कुछ भी आगे नहीं बढ़ रहा है. हालांकि, दिन ढलने के साथ ही कुछ समूहों ने सड़कों पर आगजनी शुरू कर दी और वाहनों को आग के हवाले कर दिया. पेरिस के प्रमुख स्थल प्लेस डे ला रिपब्लिक के आसपास भी आगजनी की घटनाएं सामने आईं. मध्य पेरिस में दंगा-रोधी पुलिस को लोगों की एक भीड़ की ओर दौड़ते और कई लोगों पर लाठियां बरसाते देखा गया. बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें 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स्रोत: BBC Hindi

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