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Death

'बारिश हो रही थी, धक्का लगा और...', कोलकाता के चोरबगान पंडाल में भगदड़ की आंखों देखी

✍️ Admin 📅 17 October, 2026 ⏰ 10:48 PM 👁 39 views

कोलकाता के एक पंडाल में दुर्गा पूजा के दौरान भीड़ बढ़ने से भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई. इस हादसे में कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई. पुलिस ने बताया कि बारिश शुरू होने पर चोरबगान दुर्गा पूजा पंडाल के बाहर इंतजार कर रही भीड़ अचानक आगे की ओर बढ़ी, जिससे कुछ लोग सड़क पर गिर गए और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई. पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य मंत्री सरदवत मुखर्जी और वरिष्ठ अधिकारी अस्पताल पहुंचे हैं. एक युवक ने एबीपी न्यूज को बताया कि बहुत भीड़ थी. मेरे साथ तीन दोस्त थे. बाहर तेज बारिश हो रही थी. लोग आगे चल रहे थे. अचानक पीछे से धक्का लगा. आगे चल रहे सभी लोग गिर पड़े. सब एक-दूसरे के ऊपर गिरते चले गए. आगे चल रहे लोग उठ नहीं पा रहे थे. उन्हें बाहर नहीं निकाला जा सका. एक युवक ने एएनआई से बातचीत में कहा, ''भीड़ थी, धक्का-धक्की हुई. बहुत सारे लोग बेहोश भी हो गए थे.लोगों को बाइक पर ले जाया गया.'' एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने कहा, ''हम भागे. हम नहीं कह सकते कि ये कैसे हुआ.'' #BREAKING | दुर्गा पूजा पंडाल हादसे पर क्या बोले चश्मदीद, सुनिए देखिए न्यूज@10 अवधेश मिश्रा (@awdheshkmishra) के साथ | https://t.co/SMm0dUypVm #Kolkata #DurgaPuja #Accident #WestBengal #ABPNews #Newsat10onABP https://t.co/XQZblvAkVO प्रत्यक्षदर्शी ने मौजूदा हालात के बारे में बताया, ''कुचले जाने के कारण उन्हें बाहर निकालना संभव नहीं था. मेरे तीनों दोस्त जमीन पर कुचल गए. सांस लेना भी मुश्किल हो रहा था. कई लोग बेहोश हो गए. मैं उन्हें बाहर नहीं निकाल पाया. सब लोग मेरा हाथ पकड़े हुए थे. तभी स्थानीय लोगों ने पंडाल के दूसरी तरफ से तोड़कर उन्हें बाहर निकाला." मैं खुद को बाहर नहीं निकाल पा रहा था- प्रत्यक्षदर्शी एबीपी आनंदा के मुताबिक, एक अन्य शख्स ने कहा, ''मुझे करीब 40-45 मिनट तक सांस लेने में दिक्कत हुई. मैं खुद को बाहर नहीं निकाल पा रहा था. कई लोग मेरा हाथ और घड़ी पकड़कर मुझे खींच रहे थे. आखिरकार, स्थानीय लोगों ने पंडाल का एक हिस्सा तोड़ दिया. उसके बाद हम खुद को बाहर निकालने में कामयाब हुए."  एक महिला ने कहा, "पंडाल में पुलिस नहीं थी. हमारी गाड़ियां वहां फंसी हुई है. सिर्फ वीआईपी लोगों के लिए... कोई एम्बुलेंस नहीं है. इलाके के लोग अपने घरों से निकलकर अपनी गाड़ियों लेकर आए. एक तरह की अफरा-तफरी मच गई है." कुछ ने  पूरी घटना में कुप्रबंधन का आरोप लगाया है. एक युवक ने कहा, "भीड़ को नियंत्रित क्यों नहीं किया गया? उन्होंने इसे होने क्यों दिया? पुलिस कहां गई? हम शव को निजी गाड़ी से ले जा रहे हैं. हम इसे ओला-उबर से ले जा रहे हैं. यहां न तो एम्बुलेंस है, न ही पुलिस." जीवन प्रकाश, एबीपी न्यूज़ में नेशनल टीम लीड हैं. राजनीतिक खबरों में दिलचस्पी है और लगातार लिखते रहे हैं. नई और बड़ी खबरों की तलाश रहती है. ब्रेकिंग न्यूज़ पर खास फोकस रखते हैं. 8 सालों से अधिक समय से एबीपी में कार्यरत है. 2019 के लोकसभा चुनाव में कवरेज के लिए एबीपी न्यूज ने श्रेष्ठ सम्मान से नवाजा. पत्रकारिता जगत में करीब 11 सालों का अनुभव है. एबीपी न्यूज़ से पहले न्यूज़ नेशन में बतौर सब एडिटर कार्यरत रहे. 2015 में जिया न्यूज से इंटर्नशिप शुरू करने के बाद एनएनआईएस न्यूज एजेंसी, न्यूजरूम पोस्ट वेबसाइट में काम किया. माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (MCU) से मास कम्युनिकेशन में 2015 में मास्टर की डिग्री ली. पत्रकारिता में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव को समझने की कोशिश कर रहे हैं. फैक्ट चेक और सोशल मीडिया को लेकर कई वर्कशॉप किए हैं. Mail Id- jeevanp@abpnetwork.comLinkdin: https://in.linkedin.com/in/jeevan-prakash-1bab03164Facebook- https://www.facebook.com/share/1LjCA2q3w1/

स्रोत: ABP Hindi

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