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इसराइल में चुनाव से ठीक पहले नेतन्याहू सरकार के ख़िलाफ़ हज़ारों लोग सड़क पर क्यों उतरे

✍️ Admin 📅 25 October, 2026 ⏰ 09:04 AM 👁 28 views

इमेज स्रोत, Ronen Zvulun / POOL / AFP via Getty Images इसराइल में संसदीय चुनाव से तीन दिन पहले यानी 24 अक्तूबर को हज़ारों लोगों ने राजधानी तेल अवीव में प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू की सरकार से सात अक्तूबर 2023 को हुए हमास हमले से जुड़ी सुरक्षा चूक की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की. समाचार एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक़, इस प्रदर्शन में इसराइल के चार प्रमुख विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए. इनमें पूर्व सेना प्रमुख और नेतन्याहू के प्रमुख चुनावी प्रतिद्वंद्वी गादी आइज़ेनकोट भी मौजूद रहे. प्रदर्शन का आयोजन ‘अक्तूबर काउंसिल’ नामक समूह ने किया था. इस समूह में 7 अक्तूबर 2023 को हुए हमास हमले में मारे गए लोगों और बंधक बनाए गए लोगों के परिजन शामिल हैं. इमेज स्रोत, Alexi Rosenfeld/Getty Images समूह की मांग है कि हमले से पहले हुई सुरक्षा चूक की जांच के लिए एक स्वतंत्र सरकारी आयोग का गठन किया जाए. साथ ही, इन सुरक्षा चूकों के लिए ज़िम्मेदार इसराइली अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाए. दूसरी ओर, नेतन्याहू सरकार ने 7 अक्तूबर के हमले से जुड़ी सुरक्षा चूकों की जांच के लिए स्वतंत्र सरकारी आयोग गठित करने की मांग का विरोध किया है. इसके बजाय, सरकार ने ऐसे आयोग का प्रस्ताव रखा है, जिसके आधे सदस्यों की नियुक्ति सत्तारूढ़ गठबंधन और बाक़ी आधे सदस्यों की नियुक्ति विपक्षी प्रतिनिधियों की ओर से की जाए. गौरतलब है कि इसराइल में संसदीय चुनाव 27 अक्तूबर को होंगे. ताज़ा जनमत सर्वेक्षणों के मुताबिक़, चुनाव में नेतन्याहू समर्थक खेमे और विपक्षी दलों के बीच कड़ा मुक़ाबला होने के संकेत हैं. दलेर मेहंदी विवाद में उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल की प्रतिक्रिया सामने आई है. सुबोध उनियाल ने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "अगर दलेर मेहंदी बड़े कलाकार न होते तो उनको बुलाया क्यों जाता और 36 लाख रुपये क्यों दिए जाते." उन्होंने कहा, "मैं भी मानता हूं कि वो बड़े कलाकार हैं, लेकिन दो बातें हैं, वो प्रोग्राम के लिए मना भी कर सकते थे और मंच से जनता को या मुझे भी तबीयत के बारे में बता सकते थे. ये किसी के चेहरे पर तो लिखा नहीं रहता कि स्वास्थ्य ख़राब है." जब सुबोध उनियाल से पूछा गया कि रैपर मीका सिंह माफ़ी की मांग कर रहे हैं, आप माफ़ी मांगेंगे? इसके जवाब में उनियाल ने इतना कहा, "देखिए... ठीक है." गौरतलब है कि उत्तराखंड के नई टिहरी में आयोजित सिद्धिपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले के दौरान मशहूर गायक दलेर मेहंदी की परफ़ॉर्मेंस के समय उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने उन पर शराब पीकर गाने और लिप्सिंग करने का आरोप लगाया था. इसके बाद दलेर मेहंदी के भाई रैपर मीका सिंह ने सुबोध उनियाल से माफ़ी की मांग की और दावा किया कि दलेर शराब नहीं पीते हैं. इमेज स्रोत, Soumyabrata Roy/NurPhoto via Getty Images बंगाल की खाड़ी में बन रहे चक्रवात ‘अर्नब’ के संभावित ख़तरे को देखते हुए ओडिशा सरकार ने तैयारियां तेज़ कर दी हैं. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 26 अक्तूबर की सुबह पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफ़ान बन सकता है, जो 28 अक्तूबर की सुबह तक आंध्र प्रदेश तट के पास पहुंचने का अनुमान है. संभावित ख़तरे को देखते हुए ओडिशा सरकार ने भी सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने और समय रहते ज़रूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं. सरकार ने इस दौरान जानमाल के नुकसान को रोकने के लिए ‘ज़ीरो कैज़ुअल्टी’ का लक्ष्य निर्धारित किया है. मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा, “हमने चक्रवात अर्नब के संभावित प्रभाव और उससे निपटने के उपायों को लेकर समीक्षा बैठक की है. मौसम विभाग के अनुसार, 28 अक्तूबर की दोपहर उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के बीच कहीं चक्रवात के तट से टकराने की आशंका है. इसके कारण दोनों राज्यों के विभिन्न ज़िलों में भारी बारिश हो सकती है." "सभी विभागों को उनकी ज़िम्मेदारियां सौंप दी गई हैं और उन्हें पहले से पूरी तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं. राज्य सरकार स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है. हमारा प्राथमिक लक्ष्य हमेशा की तरह शून्य जनहानि सुनिश्चित करना है.” मौसम विभाग ने ओडिशा और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में अर्नब तूफ़ान के कारण भारी बारिश की आशंका जताई है. इस बीच, तमिलनाडु में उत्तर-पूर्वी मानसून एक्टिव बना हुआ है. पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के अधिकांश स्थानों के साथ-साथ पुदुचेरी और कराईकल में भी हल्की बारिश दर्ज की गई. इमेज स्रोत, Mohammed Hamoud/Getty Images यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट तेल पाइपलाइन और हवाई अड्डों को निशाना बनाने का दावा किया है. हूती प्रवक्ता याह्या सरी ने अपने ताज़ा बयान में कहा कि समूह ने सऊदी अरब के कई रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया है. इनमें यानबू स्थित सऊदी अरामको फ़ैसिलिटी, राबिग तेल रिफ़ाइनरी और रियाद का किंग ख़ालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा शामिल हैं. हूती प्रवक्ता के मुताबिक़, दम्माम स्थित किंग फ़हद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, नज़रान हवाई अड्डे और ख़मिस मुशैत के एक एयरबेस को भी निशाना बनाया गया है. हालांकि, सऊदी अरब की ओर से हूती विद्रोहियों के इन हमलों के दावों पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. इस बीच, सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि हूती विद्रोहियों की ओर से दागी गईं और बीच में ही रोक दी गईं दो बैलिस्टिक मिसाइलों का मलबा मक्का के वादी अल-मुगमास इलाक़े में गिरा है. मंत्रालय के अनुसार, इन मिसाइलों के टुकड़े जेद्दा, ताइफ़ और राबिग में भी मिले हैं. बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा. कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. - बिहार : मोकामा के विधायक अनंत सिंह को जेडी (यू) ने पार्टी से निकाला, क्या है पूरा मामला - घर पर ये आसान फ़िटनेस टेस्ट करके लगा सकते हैं जान को ख़तरे का अंदाज़ा - ट्रंप ने दी फिर हमले की चेतावनी तो ईरान ने बताया कैसे देगा जवाब - दिल्ली की रेस कोर्स मस्जिद को लेकर क्या है विवाद? बेदखली के नोटिस को लेकर अलग-अलग दावे क्यों

स्रोत: BBC Hindi

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