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दिल्ली एनसीआर में जारी बारिश से तापमान में गिरावट, एक्यूआई पर ये हुआ असर

✍️ Admin 📅 30 October, 2026 ⏰ 09:01 AM 👁 19 views

दिल्ली और एनसीआर के कई इलाक़ों में लगातार बारिश जारी है. गुरुवार रात से हो रही बारिश की वजह से इलाक़े के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है. शुक्रवार सुबह भी एनसीआर के कई इलाक़े में बारिश हो रही है और आसमान में बादल नज़र आ रहे हैं. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ उत्तर प्रदेश के ग़ाज़ियाबाद में बारिश की वजह से कई इलाक़ों में सकड़ों पर पानी भरा नज़र आ रहा है. सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के मुताबिक़ इस बारिश से दिल्ली में हवा की गुणवत्ता (एयर क्वालिटी इंडेक्स) बेहतर हुई है. सीपीसीबी के मुताबिक़ दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट और आनंद विहार समेत कई इलाक़ों में एक्यूआई 80 के आसपास है, जो ‘संतोषजनक’ की श्रेणी में है. वहीं मौसम विभाग के गुरुवार के आंकड़ों के मुताबिक़ दिल्ली के अधिकतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है. मौसम विभाग ने बताया है कि गुरुवार को दर्ज किए गए आंकड़ों के मुताबिक़ बीते 24 घंटों में दिल्ली में न्यूनतम तापमान 17-19 डिग्री सेल्सियस, जबकि अधिकतम तापमान 24-25 डिग्री सेल्सियस रहा. पंजाब के अमृतसर में गुरुवार देर शाम को दो युवकों को हमलावरों ने गोली मार दी. इस गोलीबारी में दोनों ही युवक घायल हो गए. हालांकि पुलिस ने दावा किया है कि यह गोलीबारी गैंगवार की वजह से नहीं हुई है. अमृतसर के एसीपी रविंदर सिंह ने कहा, "तारां वाला पुल पर फ़ायरिंग हुई है. इस घटना में शामिल दोनों युवक शरणजीत सिंह और आकाशदीप सिंह हैं. दोनों अजनाला पुलिस स्टेशन के तहत आने वाले कोटली सक्का गांव के रहने वाले हैं. आज वे पुल के पास स्थित एक धार्मिक स्थल पर माथा टेकने के लिए मोटरसाइकिल से आए थे." रविंदर सिंह ने बताया कि इन दोनों के मुताबिक़, "वहां चार लोग मौजूद थे. इनमें से दो को वे नहीं जानते थे, जबकि बाक़ी दो उनके परिचित थे. इन लोगों के पहुंचते ही उन्होंने गोलीबारी शुरू कर दी. शरणजीत को एक गोली लगी, जबकि आकाशदीप को दो गोलियां लगीं. आकाशदीप मौक़े पर ही गिर गया, जबकि शरणजीत वहां से भागने में कामयाब रहा." रविंदर सिंह ने बताया, "हमारे मौक़े पर पहुंचने के बाद दोनों को अपने वाहन से अस्पताल पहुंचाया गया. शुरुआती जानकारी के मुताबिक़, क़रीब तीन से चार राउंड फायरिंग हुई. घटनास्थल से तीन खाली कारतूस बरामद किए गए हैं." हालांकि पुलिस ने कहा कि यह गोलीबारी किसी गैंगवार का मामला नहीं है. रविंदर सिंह ने कहा, "उनके बीच आपसी विवाद है. सभी एक ही गांव के रहने वाले हैं और इस घटना में शामिल दूसरे व्यक्ति के रिश्तेदार भी उसी इलाक़े में रहते हैं." इमेज स्रोत, Win McNamee/Getty Images अमेरिका में मध्यावधि चुनाव होने में एक सप्ताह से भी कम समय बचा है. इन चुनावों से तय होगा कि अगले दो साल तक अमेरिकी संसद (कांग्रेस) में किस पार्टी का नियंत्रण रहेगा. इससे पहले ही 4.3 करोड़ से ज़्यादा अमेरिकी नागरिक मतदान कर चुके हैं. यूनिवर्सिटी ऑफ फ्लोरिडा की इलेक्शन लैब के आंकड़ों के मुताबिक, हर दिन 40 से 50 लाख लोग समय से पहले मतदान कर रहे हैं. यह आंकड़ा पिछले ज़्यादातर चुनावों की तुलना में काफी ज़्यादा है. इलेक्शन लैब के डेटाबेस का संचालन करने वाले प्रोफेसर माइक मैकडोनाल्ड के मुताबिक, अब तक टेक्सास में औसत से काफ़ी ज़्यादा मतदान हुआ है. हिस्पैनिक समुदायों में भी सामान्य से कहीं अधिक मतदान देखा जा रहा है. कुल मिलाकर, इस बार मतदान का आंकड़ा साल 2020 या 2018 के चुनावों से भी आगे निकल सकता है. साल 2018 में मध्यावधि चुनाव के दौरान मतदान का रिकॉर्ड बना था, जिसने साल 1914 के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया था. मैकडोनाल्ड के मुताबिक़, टेक्सस में 2022 के चुनावों की तुलना में अब तक करीब 17.5 लाख ज़्यादा लोग मतदान कर चुके हैं. इस राज्य में 58 लाख से ज़्यादा बैलेट डाले जा चुके हैं. टेक्सस एक अहम चुनावी राज्य बनकर उभरा है. यहां के नतीजे तय कर सकते हैं कि डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति कार्यकाल के बाक़ी समय में सीनेट पर किस पार्टी का नियंत्रण रहेगा. जिन राज्यों में मतदाताओं को रजिस्ट्रेशन के दौरान अपनी राजनीतिक पार्टी की जानकारी देनी होती है, वहां के आंकड़े बताते हैं कि डेमोक्रेटिक पार्टी के मतदाताओं के वोट बढ़े हैं. वहीं, रिपब्लिकन पार्टी के शुरुआती मतदान के आंकड़े साल 2022 के आसपास ही बने हुए हैं. मैकडोनाल्ड के मुताबिक़, उन मतदाताओं में भी शुरुआती मतदान बढ़ा है, जिन्होंने किसी खास राजनीतिक पार्टी के साथ अपना रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है. हालांकि, इन आंकड़ों से यह पता नहीं चलता कि उन्होंने किन उम्मीदवारों को वोट दिया है. गुरुवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक़, शुरुआती मतदान में 44 फीसदी वोट डेमोक्रेटिक पार्टी के मतदाताओं ने डाले हैं, जबकि 31.2 फीसदी वोट रिपब्लिकन पार्टी के मतदाताओं ने डाले हैं. वहीं, 24.7 फीसदी वोट उन मतदाताओं के हैं, जिन्होंने किसी राजनीतिक पार्टी से जुड़ाव दर्ज नहीं कराया है. हालांकि, ये आंकड़े सिर्फ उन क़रीब आधे राज्यों के हैं, जहां मतदाताओं के लिए राजनीतिक पार्टी से जुड़ाव बताना जरूरी है. इमेज स्रोत, Noah SEELAM / AFP via Getty Images कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 'अर्नब' चक्रवात से हुए नुक़सान पर चिंता ज़ाहिर की है. उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “आंध्र प्रदेश में चक्रवात अर्नब से हुई तबाही और ओडिशा में भारी बारिश और बाढ़ से पैदा हुए हालात को लेकर मैं बेहद चिंतित हूं.” “जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं हैं. मेरी संवेदनाएं उन सभी लोगों के साथ हैं जो इस आपदा से प्रभावित हुए हैं, जिन्होंने अपने घर, आजीविका और सुरक्षा का एहसास खो दिया है.” राहुल गांधी ने मांग की, “मैं सरकारों से अपील करता हूं कि इस मुश्किल समय में हर प्रभावित परिवार तक जल्द से जल्द राहत और पुनर्वास की सुविधाएं पहुंचाना सुनिश्चित करें.” साइक्लोन अर्नब के कारण तेज़ हवाएं और भारी के चलते आंध्र प्रदेश में बड़े पैमाने पर फसलों को नुक़सान पहुंचा है. अधिकारियों के अनुमान के अनुसार, इस खरीफ सीजन में राज्य में धान की कुल खेती का रकबा 37.53 लाख एकड़ है. इनमें से 26 लाख एकड़ साइक्लोन प्रभावित क्षेत्र में आते हैं. बीबीसी तेलुगू के मुताबिक़, कोनसीमा ज़िले में धान और केले की खेती को काफ़ी नुक़सान हुआ है. भार संख्या में नारियल के पेड़ और बिजली के खंभे गिरे हैं. कई घरों को भी नुकसान पहुंचा है. आंध्र प्रदेश के बिजली विभाग के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के साथ एक समीक्षा बैठक में बताया कि अर्नब के प्रभाव से कोनासीमा ज़िले में करीब 6,000 बिजली के खंभे गिर गए हैं. चक्रवात का तटीय ज़िलों में धान, कोनासीमा में नारियल और गोदावरी घाटी में केले और जलीय कृषि सहित प्रमुख फसलों की खेती पर गंभीर असर पड़ा है. भारी बारिश, तेज़ हवाओं और बाढ़ से हज़ारों एकड़ में फैली फसलें क्षतिग्रस्त हो गई हैं. समाचार एजेंसी एएनआई ने एक वीडियो जारी किया है, जिसके मुताबिक़ चक्रवात अर्नब के कारण हुई भारी बारिश से ओडिशा में मोहना के पास तप्तपानी घाट पर गजपति-गंजाम सीमा पर बड़ा भूस्खलन हुआ है. एएनआई के मुताबिक़ पहाड़ियों से बड़ी मात्रा में मिट्टी और विशाल चट्टानें खिसककर सड़क पर जमा हो गई हैं, जबकि बहता पानी अब भी आवाजाही में बाधा डाल रहा है. वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है. एक अन्य घटना में, गजपति जिले के मोहना के तहत लेडबांध के पास नेशनल हाईवे 326 को भारी नुकसान पहुंचा है. यह हाईवे ब्रह्मपुर को दक्षिणी ओडिशा से जोड़ने वाला एक अहम रास्ता है. हाईवे के कुछ हिस्से बह गए हैं, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है. रास्ता बंद होने के कारण यात्रियों को वापस लौटते देखा गया. बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता चंदन कुमार जजवाड़े अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा. कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें बीबीसी न्यूज़ हिन्दी की अहम ख़बरें पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें. - प्रधानमंत्री मोदी का कांग्रेस पर तंज़ और बैलट बनाम ईवीएम की बहस - पैर हिलाना भी कसरत: बिना अलग से समय निकाले दिन भर एक्टिव कैसे रहें? - इसराइल: चुनाव ने समाज के गहरे मतभेद उजागर किए, अरब पार्टियों ने दिखाया अपना दम - मध्य प्रदेश के 'चिता आंदोलन' से चर्चा में 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स्रोत: BBC Hindi

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