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Death

पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर बड़ा फैसला, NIA कोर्ट ने आरोपी को 10 साल की सजा सुनाई

✍️ Admin 📅 22 January, 2026 ⏰ 11:56 AM 👁 67 views

पाकिस्तान से जुड़े आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के लिए युवाओं की भर्ती और उन्हें कट्टरपंथी बनाने के मामले में बड़ा फैसला आया है. नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) की स्पेशल कोर्ट, कोलकाता ने इस केस के मुख्य आरोपी को 10 साल की सख्त कैद की सजा सुनाई है.

इस मामले में कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले के रहने वाले सैयद एम. इदरीस को दोषी पाया गया. कोर्ट ने उसे अधिकतम 10 साल की सजा सुनाने के साथ 70 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. सभी सजाएं एक साथ चलेंगी.

NIA ने इस केस की जांच अप्रैल 2020 में पश्चिम बंगाल पुलिस से अपने हाथ में ली थी. जांच के दौरान इदरीस को जम्मू-कश्मीर के रहने वाले अल्ताफ अहमद राथर के साथ गिरफ्तार किया गया था. जांच में सामने आया कि दोनों ने तानिया परवीन नाम की महिला के साथ मिलकर पश्चिम बंगाल में LeT का मॉड्यूल खड़ा करने की साजिश रची थी. इससे पहले मार्च 2020 में STF वेस्ट बंगाल पुलिस ने उत्तर 24 परगना के बड़ुईया इलाके में छापेमारी कर तानिया परवीन को गिरफ्तार किया था. तलाशी के दौरान जिहादी किताबें और दूसरे आपत्तिजनक सामान भी बरामद किए गए थे.

एनआईए की जांच में ये भी खुलासा हुआ कि सोशल मीडिया के जरिए मुस्लिम युवाओं को भड़काया जा रहा था और भारत सरकार के खिलाफ जिहाद के लिए उकसाया जा रहा था. इसी साजिश के तहत युवाओं की भर्ती की जा रही थी. इसके बाद सितंबर 2020 और मई 2021 में एनआईए ने तीनों गिरफ्तार आरोपियों के साथ-साथ पाकिस्तान में बैठे दो फरार आतंकियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी. इन फरार आरोपियों की पहचान आयशा उर्फ आयशा बुर्हान उर्फ सैयद आयशा और बिलाल उर्फ बिलाल दुर्रानी के रूप में हुई. इनके खिलाफ रेड और ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी किए जा चुके है. इस केस में दो अन्य गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ ट्रायल अभी भी जारी है.

 

स्रोत: ABP Hindi

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