दो साल के लिए बंद होने जा रहा है अमेरिका का कैनेडी सेंटर, ट्रंप ने बताई ये वजह
इमेज स्रोत, Dimitrios Kambouris/Getty Images अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि वॉशिंगटन डीसी में स्थित कैनेडी सेंटर जुलाई से दो साल के लिए बंद रहेगा. ट्रंप ने इसका कारण सेंटर का रेनोवेशन बताया है, जो इस साल जुलाई से शुरू होगा. रविवार को ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में, ट्रंप ने कहा कि यह सेंटर इस साल 4 जुलाई को "हमारे देश की 250वीं वर्षगांठ के सम्मान में" बंद हो जाएगा. यह कदम तब उठाया गया है जब हाल ही में इस मशहूर संस्थान का नाम बदलकर ट्रंप कैनेडी सेंटर किए जाने के बाद कई कलाकारों ने वहां परफ़ॉर्मेंस कैंसिल कर दी थी. इमेज स्रोत, Mandel NGAN / AFP via Getty Images पद संभालने के तुरंत बाद, राष्ट्रपति ने सेंटर के कई बोर्ड सदस्यों को निकाल दिया था और उनकी जगह अपने सहयोगियों को नियुक्त किया, जिन्होंने बाद में ट्रंप को बोर्ड का चेयरमैन बनाने के लिए वोट दिया. पिछले साल दिसंबर में नए बोर्ड ने इस संस्थान का नाम बदलकर 'द डोनाल्ड जे ट्रंप एंड जॉन एफ़ कैनेडी मेमोरियल सेंटर फ़ॉर द परफ़ॉर्मिंग आर्ट्स' कर दिया था. इमेज स्रोत, Arif ALI / AFP via Getty Images पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के कप्तान सलमान आगा ने कहा है कि टी-20 वर्ल्ड कप में भारत के ख़िलाफ़ मैच नहीं खेलने का फ़ैसला पाकिस्तानी क्रिकेटरों का नहीं है. पाकिस्तान ने घोषणा की है कि उसकी क्रिकेट टीम टी-20 वर्ल्ड कप में 15 फ़रवरी को भारत के ख़िलाफ़ होने वाले मैच का बहिष्कार करेगी. भारत और श्रीलंका में 7 फ़रवरी से आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप शुरू होने जा रहा है. पाकिस्तान सरकार ने एक्स पर लिखा है, "इस्लामी गणराज्य पाकिस्तान की सरकार ने पाकिस्तान क्रिकेट टीम को आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में हिस्सा लेने की मंज़ूरी दे दी है. हालांकि, पाकिस्तान क्रिकेट टीम 15 फ़रवरी 2026 को भारत के ख़िलाफ़ निर्धारित मैच में मैदान पर नहीं उतरेगी." लाहौर में एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान सलमान अली आगा से भारत के ख़िलाफ़ मैच नहीं खेलने के फ़ैसले पर सवाल किया गया. इस पर उन्होंने कहा, "वो हमारा डिसीज़न नहीं है, उसमें हम कुछ कर नहीं सकते. जो हमारी सरकार, हमारे चेयरमैन जो हमें बोलेंगे, हमें वही करना है. वो जैसा कहेंगे, हम करेंगे." यहां पढ़ें- टी-20 वर्ल्ड कप: भारत के ख़िलाफ़ मैच नहीं खेलेगा पाकिस्तान, विशेषज्ञों ने उठाए ये सवाल दोषी यौन अपराधी जेफ़री एपस्टीन से जुड़ी नई फ़ाइलें जारी होने के बाद ब्रिटेन के लेबर पार्टी के नेता पीटर मैंडेलसन ने पार्टी से इस्तीफ़ा दे दिया है. अपने ख़त में उन्होंने लिखा कि वह पार्टी को 'और शर्मिंदा' नहीं करना चाहते. अमेरिका के जस्टिस डिपार्टमेंट की ओर से हाल ही में जारी की गई नई एपस्टीन फ़ाइलों के बाद दोषी यौन अपराधी जेफ़री एपस्टीन से संबंधों को लेकर उन पर और जांच हो रही है. पूर्व कैबिनेट मंत्री मैंडेलसन को एपस्टीन से उनके संबंधों के कारण पिछले साल अमेरिका के राजदूत के पद से हटा दिया गया था. दस्तावेजों के मुताबिक़ एपस्टीन ने साल 2003 और 2004 में मेंडेलसन को 25 हज़ार डॉलर के तीन अलग-अलग ट्रांजैक्शन में 75 हज़ार डॉलर का पेमेंट किया था. लेबर पार्टी के जनरल सेक्रेटरी को लिखे अपने ख़त में, मैंडेलसन ने कहा कि इस हफ़्ते उन्हें जेफ़री एपस्टीन से फ़िर से जोड़ा गया है और उन्हें इस बात का अफ़सोस है. उन्होंने लिखा, "मुझे पर लगे आरोप जो झूठ हैं कि उन्होंने (जेफ़री एपस्टीन ने) 20 साल पहले मुझे पेमेंट किया था, और जिसका मेरे पास कोई रिकॉर्ड या याद नहीं है, उसकी मुझे जांच करने की ज़रूरत है." "ऐसा करते समय मैं लेबर पार्टी को और ज़्यादा शर्मिंदगी नहीं पहुंचाना चाहता और इसलिए मैं पार्टी की सदस्यता से इस्तीफ़ा दे रहा हूं. मैं इस मौक़े पर उन महिलाओं और लड़कियों से फिर से माफ़ी मांगना चाहता हूं जिनकी आवाज़ बहुत पहले सुनी जानी चाहिए थीं." "मैंने अपनी ज़िंदगी लेबर पार्टी के मूल्यों और सफलता के लिए समर्पित की है और यह फ़ैसला लेते हुए, मेरा मानना है कि मैं पार्टी के सबसे अच्छे हित में काम कर रहा हूं." इससे पहले मैंडेलसन ने कहा था कि उन्हें नहीं पता कि जारी किए गए नए दस्तावेज़ असली हैं या नहीं. बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता सुरभि गुप्ता अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगी. कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. हमारे पेज पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें. - टी-20 वर्ल्ड कप: भारत के ख़िलाफ़ मैच नहीं खेलेगा पाकिस्तान, विशेषज्ञों ने उठाए ये सवाल - केदारनाथ-बद्रीनाथ समेत 47 मंदिरों में ग़ैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक की मांग, क्या कह रहे हैं विशेषज्ञ और स्थानीय मुसलमान - नए रक्षा बजट से कितनी आधुनिक हो पाएगी सेना, पाकिस्तान और चीन के मुक़ाबले कहां खड़ा है भारत?
स्रोत: BBC Hindi