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भारत-पाकिस्तान की लड़ाई आईपीएल से आगे क्या इंग्लैंड और दक्षिण अफ़्रीका के लीग तक पहुँची?

✍️ Admin 📅 21 February, 2026 ⏰ 11:11 AM 👁 39 views

इंग्लैंड में अगले महीने होने वाली 'द हंड्रेड' लीग की नीलामी में भारतीय स्वामित्व वाली टीमें पाकिस्तान के क्रिकेटरों को नहीं ख़रीदने पर विचार कर रही हैं. यह जानकारी बीबीसी स्पोर्ट्स को सूत्रों से मिली है. दोनों देशों के बीच तनाव के कारण 2009 से पाकिस्तान के खिलाड़ी इंडियन प्रीमियर लीग में नहीं खेले हैं. इंग्लैंड की द हंड्रेड की आठ फ्रेंचाइजियों में से चार मैनचेस्टर सुपर जायंट्स, एमआई लंदन, सदर्न ब्रेव और सनराइजर्स लीड्स अब आंशिक रूप से उन कंपनियों के स्वामित्व में हैं जो आईपीएल टीमों को नियंत्रित करती हैं. इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने एक एजेंट को संकेत दिया कि पाकिस्तान के खिलाड़ियों में रुचि केवल उन टीमों तक सीमित रहेगी जो आईपीएल से जुड़ी नहीं हैं. एक अन्य एजेंट ने इस स्थिति को भारतीय निवेश वाली टी-20 लीग में एक अलिखित नियम बताया. इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड के मुख्य कार्यकारी रिचर्ड गूल्ड ने पिछले साल कहा था कि वह द हंड्रेड में "सभी देशों के खिलाड़ियों के चयन" की अपेक्षा करते हैं और "भेदभाव-विरोधी नीतियों" के लागू होने की बात कही थी. संबंधित स्वामित्व वाली टीमों में से तीन ने पाकिस्तान के खिलाड़ियों पर विचार नहीं करने के सवाल पर जवाब नहीं दिया. लेकिन मैनचेस्टर सुपर जायंट्स के उपाध्यक्ष जेम्स शेरिडन ने बीबीसी स्पोर्ट्स से कहा, "हमारी एकमात्र चर्चा दो सर्वश्रेष्ठ टीमों के चयन पर रही है ताकि जीत की संभावना बने." ईसीबी के प्रवक्ता ने कहा, "द हंड्रेड दुनिया भर के पुरुष और महिला खिलाड़ियों का स्वागत करता है और हम अपेक्षा करते हैं कि आठों टीमें इसका ख़्याल करें.'' मशहूर हस्तियों की कहानी पूरी तसल्ली और इत्मीनान से इरफ़ान के साथ. क़रीब 1,000 क्रिकेटरों ने द हंड्रेड नीलामी के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है, जिसमें ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड, पाकिस्तान और वेस्ट इंडीज सहित 18 देशों का प्रतिनिधित्व है." पाकिस्तान के दो अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी मोहम्मद आमिर और इमाद वसीम पिछले वर्ष के टूर्नामेंट में दिखाई दिए थे जो नए निवेशकों के नियंत्रण संभालने से पहले का अंतिम संस्करण था. अन्य खिलाड़ी जिनमें शाहीन अफ़रीदी, शादाब ख़ान और हारिस रऊफ शामिल हैं, पुरुष प्रतियोगिता के पहले के सेशन में खेले थे. महिला द हंड्रेड में अब तक कोई पाकिस्तान खिलाड़ी नहीं दिखी है. आईसीसी की वर्ल्ड टी-20 टीम रैंकिंग में पाकिस्तान की पुरुष टीम छठे स्थान पर है जबकि महिला टीम आठवें स्थान पर है. इस साल जिस वक्त द हंड्रेड लीग का आयोजन होगा उस दौरान पाकिस्तान की पुरुष टीम को वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सिरीज खेलनी है. हालांकि सीमित ओवरों के अहम खिलाड़ी लीग खेलने उपलब्ध रह सकते हैं. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने पहले भी विदेशी टूर्नामेंटों में भागीदारी के लिए अनिवार्य नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट को कम समय के नोटिस पर वापस लिया है. फिर भी, सूत्रों का कहना है कि ऑस्ट्रेलिया की हालिया बिग बैश लीग में सात प्रमुख खिलाड़ियों की भागीदारी यह संकेत देती है कि खिलाड़ियों की उपलब्धता के मामले में बोर्ड ने लचीलापन दिखाया है. 'द हंड्रेड' लीग के लिए इस साल पाकिस्तान के 67 खिलाड़ियों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है. नीलामी में भारतीय स्वामित्व वाली टीमों के पाकिस्तान के क्रिकेटरों को नहीं खरीदने से जुड़ी रिपोर्ट्स पर माइकल वॉन ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड से इस मामले पर एक्शन लेने की अपील की है. उन्होंने कहा कि ऐसा कुछ भी होने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए. माइकल वॉन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "एक ऐसा खेल जो देश के सभी लोगों को एकजुट करता है, उसमें इस तरह की चीजों की अनुमति नहीं दी जा सकती.ठ शाहीन शाह अफरीदी, सईम अयूब, उस्मान तारिक और हारिफ रऊफ उन 63 पुरुष खिलाड़ियों में शामिल हैं, जिन्होंने इस साल लीग में खेलने के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया है. वहीं रजिस्ट्रेशन करवाने वालीं महिला क्रिकेटर्स में मुनीबा अली, सादिया इकबाल, डायना बेग और फातिमा सना शामिल हैं. 2023 में शुरू हुई दक्षिण अफ्रीका की एस-20 लीग में अब तक कोई पाकिस्तान खिलाड़ी नहीं दिखा है. इसकी सभी छह टीमें आईपीएल फ्रेंचाइज़ समूहों के स्वामित्व में हैं, जिनमें वे चार ग्रुप भी शामिल हैं जो अब द हंड्रेड से जुड़े हैं. एमआई लंदन और सदर्न ब्रेव के मालिक के कंट्रोल वाली फ्रेंचाइज़ियों ने यूएई की आईएलटी-20 लीग के चार सेशन में किसी भी पाकिस्तान खिलाड़ी से कॉन्ट्रैक्ट नहीं किया जबकि 15 अन्य देशों के खिलाड़ियों को शामिल किया है. इसके उलट अमेरिकी स्वामित्व वाली आईएलटी-20 टीम डेज़र्ट वाइपर्स ने इसी अवधि में आठ पाकिस्तान खिलाड़ियों से कॉन्ट्रैक्ट किया है. इस साल जनवरी में आईपीएल टीम कोलकाता नाइट राइडर्स ने बांग्लादेश के गेंदबाज़ मुस्ताफ़िज़ुर रहमान को बीसीसीआई के निर्देश के बाद बाहर कर दिया था. कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया था लेकिन यह भारत और बांग्लादेश के बीच तनावपूर्ण राजनीतिक संबंधों के बीच हुआ था. वर्ल्ड क्रिकेटर्स एसोसिएशन के मुख्य कार्यकारी टॉम मोफैट ने कहा, "हर खिलाड़ी को निष्पक्ष और समान अवसर का अधिकार होना चाहिए. हालांकि फ्रेंचाइजी को खिलाड़ी चुनने की स्वतंत्रता होती है. उनके निर्णय हमेशा निष्पक्षता, समानता और सम्मान के सिद्धांतों के अनुरूप होने चाहिए." ईसीबी ने पिछले साल द हंड्रेड की आठों फ्रेंचाइज़ियों में अपनी 49 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच दी थी, जिससे 50 करोड़ पाउंड का निजी निवेश जुटाया गया. बाद में इसे काउंटी और ग्रासरूट्स गेम में वितरित किए गए थे. मेज़बान काउंटी को अपनी शेष 51 प्रतिशत हिस्सेदारी को रखने या आंशिक रूप से बेचने का विकल्प दिया गया. प्रतियोगिता पर नियंत्रण ईसीबी के पास ही है जबकि टीम प्रतिनिधियों वाला एक नया बोर्ड इसकी रणनीतिक दिशा तय करने में मदद के लिए बनाया गया है. टूर्नामेंट स्वतंत्र क्रिकेट नियामक के अधिकार क्षेत्र में भी बना हुआ है, जिसे 2023 की इक्विटी इन क्रिकेट रिपोर्ट के बाद स्थापित किया गया था. इस रिपोर्ट में इंग्लिश क्रिकेट में भेदभाव को बहुत ज़्यादा बताया गया था. काउंटी क्रिकेट मेम्बर्स ग्रुप ने कहा, "अगर पाकिस्तानी खिलाड़ियों के चयन न होने का निर्णय राष्ट्रीयता के आधार पर सामूहिक रूप से लिया गया है, तो संबंधित काउंटी बोर्ड और ईसीबी को निजी भागीदारों को जवाबदेह ठहराना चाहिए." जनगणना के आंकड़ों के अनुसार, ग्रेटर मैनचेस्टर की 12 प्रतिशत और लीड्स की चार प्रतिशत आबादी ख़ुद को पाकिस्तानी बताती है. 2018 में ईसीबी ने साउथ एशियन एक्शन प्लान शुरू किया था, जिसका नेतृत्व विक्रम बनर्जी ने किया था, जो अब द हंड्रेड के मैनेजिंग डायरेक्टर हैं. इसका मक़सद दक्षिण एशियाई समुदायों के साथ जुड़ाव बढ़ाना था. मैनचेस्टर, लीड्स और लंदन की टीमों के प्रशंसकों को अपनी स्थानीय टीमों में पाकिस्तानी प्रतिनिधित्व नहीं मिलने की आशंका है. एक प्रमुख एजेंट ने कहा, "हमारे खिलाड़ी एहसान नहीं चाहते बल्कि वे निष्पक्ष अवसर चाहते हैं. मुझे उम्मीद है कि द हंड्रेड अन्य फ्रेंचाइज़ ढांचों जैसी नीतियों को नहीं दोहराएगा. मुझे आशा है कि मेरी आशंका ग़लत साबित होगी." बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

स्रोत: BBC Hindi

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