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एआई से जुड़े वे कोर्स, जो एक अच्छा करियर और सैलरी दे सकते हैं

✍️ Admin 📅 23 February, 2026 ⏰ 01:35 PM 👁 40 views

ऑफिस हो, घर हो या फिर दोस्तों की बैठक, इन दिनों एक सवाल सभी के दिमाग़ में घूम रहा है. एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्या हमारी नौकरियां ले सकता है? और ये चिंता सिर्फ एंट्री लेवल कर्मचारियों की नहीं, बल्कि ऊंचे पदों पर बैठे सीनियर लोगों को भी परेशान कर रही है. सवाल ये कि अगर एआई हमारे काम तेज़ी से और कम लागत में कर सकता है तो इंसानों और उनकी नौकरियों का क्या होगा? इस सवाल का स्पष्ट जवाब फिलहाल किसी के पास नहीं है. लेकिन इतना तय है कि एआई अब भविष्य नहीं, बल्कि वर्तमान है. मोबाइल फोन से लेकर बैंकिंग सिस्टम, ऑनलाइन शॉपिंग, सोशल मीडिया और हेल्थकेयर तक हर जगह एआई काम कर रहा है. विशेषज्ञों का कहना है कि एआई सिर्फ़ नौकरियां खत्म नहीं करेगा, बल्कि नई नौकरियां भी पैदा करेगा. जनवरी 2026 में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की एक रिपोर्ट के मुताबिक एआई के कारण दुनियाभर में लाखों नई नौकरियां बनी हैं. 12वीं पास करने के बाद अगर कोई एआई फ़ील्ड में करियर बनाना चाहे तो शुरुआत सही कोर्स चुनने से होती है. करियर कनेक्ट में आज हम ऐसे टॉप पांच एआई कोर्स बताएंगे, जो मज़बूत करियर और अच्छी सैलरी की दिशा में पहुंचा सकते हैं. मशहूर हस्तियों की कहानी पूरी तसल्ली और इत्मीनान से इरफ़ान के साथ. आपको ये सोचकर कभी हैरानी हुई है कि आपका फ़ोन कैसे आपके चेहरे को पहचानता है, कोई स्ट्रीमिंग सर्विस ये कैसे समझ लेती है कि आपको कौन सी फ़िल्म पसंद आएगी या फिर कोई कार ड्राइवर के बिना कैसे चल सकती है? इन सभी सवालों का जवाब है आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस यानी एआई. शिव नाडर यूनिवर्सिटी में आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस डिपार्टमेंट के हेड प्रोफ़ेसर आकाश सिन्हा एआई को आसान भाषा में समझाते हुए कहते हैं, "आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आप ऐसे समझिए कि मशीन या कंप्यूटर की ऐसी क्षमता, जिससे ऐसा लगे कि वो इंसानों की तरह ही सोचने-समझने के काबिल है." वह कहते हैं रोज़मर्रा की लाइफ़ में देखें तो आप जहां भी कंप्यूटर-मोबाइल इस्तेमाल कर रहे हैं, उसके पीछे आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस काम कर रहा है. वह कहते हैं, "जब आप यूट्यूब खोलते हैं तो आपको कौन सा वीडियो दिखाया जाएगा, यह कोई व्यक्ति बैठकर तय नहीं करता. इसके पीछे एआई एल्गोरिदम काम करता है. फेसबुक पर कौन सा पोस्ट दिखेगा, कौन सा विज्ञापन आएगा, या बैंकिंग लेनदेन में धोखाधड़ी कहां हो सकती है, इन सबका विश्लेषण एआई करता है." समय के साथ एआई सिस्टम लगातार सीखते और बेहतर होते जाते हैं, ठीक वैसे ही जैसे इंसान अनुभव से सीखते हैं, वो भी सीख रहे हैं. यही वजह है कि इसे कई नौकरियों के विकल्प के रूप में देखा जा रहा है. दिल्ली में टेक पॉलिसी फ़ोकस्ड थिंकटैंक इसिया सेंटर की डायरेक्टर और जानी-मानी एआई एक्सपर्ट मेघना बल कहती हैं, ''एआई उन लोगों के लिए ख़तरा नहीं है, जो खुद को अपडेट रखते हैं. बल्कि यह उनके लिए मौका है, जो टेक्नोलॉजी को समझकर उसके साथ काम करना सीख लेते हैं.'' मेघना बल कहती हैं कि कुछ बेसिक लेवल कोर्स तो सभी को करने चाहिए. कई कोर्स तो सरकार के 'SWAYAM' पोर्टल के ज़रिए फ्री में भी किए जा सकते हैं. इसके अलावा जेनरेटिव एआई के टूल को कैसे इस्तेमाल करें, इसका फंडामेंटल कोर्स सभी को करना चाहिए. वो कहती हैं, "मशीन लर्निंग के बेसिक कॉन्सेप्ट, अप्लाइड मशीन लर्निंग के बेसिक कॉन्सेप्ट से जुड़ा कोर्स कर सकते हैं, जो आपको बताएगा कि मशीनें कैसे काम करती हैं. एआई अप्लाइड ऑन बिज़नेस एंड डेटा एनालिटिक्स जैसे कोर्स भी कर सकते हैं. इससे ये समझ आएगा कि डेटा को कैसे हैंडल करना है. एक हो सकता है, एआई रिलेटेड टू प्रॉडक्ट एंड स्ट्रैटेजी मैनेजमेंट, जो बताते हैं कि प्रॉडक्ट से जुड़े, स्ट्रैटेजी से जुड़े, मैनेजमेंट से जुड़े फ़ैसले कैसे लेने हैं. उनमें एआई कैसे इस्तेमाल होगा. ये एक अच्छा कोर्स हो सकता है.'' "एआई साइबर सिक्योरिटी से कैसे जुड़ सकता है, ये भी एक स्पेशलाइज़्ड कोर्स है, लेकिन ये ख़ासतौर पर इंजीनियर के लिए कोर्स होता है. साइबर सिक्योरिटी और रोबोटिक्स जैसे कोर्स इंजीनियरिंग में करियर को आगे बढ़ाने का भरपूर मौका देंगे." मगर किसी को करियर ही एआई में बनाना हो तो प्रोफ़ेसर सिन्हा उनके लिए पांच बेस्ट कोर्स का सुझाव देते हैं, जो मज़बूत विकल्प हो सकते हैं. प्रोफ़ेसर सिन्हा बताते हैं कि सीनियर एआई रोल में सैलरी 25 से 40 लाख रुपये या उससे ज़्यादा भी मिल सकती है. ख़ास तौर पर बेंगलुरु, हैदराबाद जैसे टेक हब और ग्लोबल टेक कंपनियों में. इनवेस्टमेंट बैंक गोल्डमैन सैक्स की एक रिपोर्ट में ये कहा गया है कि एआई से साल 2030 तक दुनियाभर में 30 करोड़ फुल-टाइम जॉब रिप्लेस हो जाएंगी. लेकिन जानकार मानते हैं कि हर वो फ़ील्ड, जहां भी एक एक्सपर्ट की ज़रूरत हो, अनुभव की ज़रूरत हो...उनका एआई से रिप्लेस होना मुश्किल है या इसमें अभी समय लगेगा. इसलिए ऐसा ज़रूरी नहीं कि सिर्फ़ एआई के कोर्स करके ही करियर को फ्यूचर रेडी बनाया जा सकता है. मेघना बल कहती हैं, "नर्स, हेल्थकेयर प्रोफ़ेशनल, फिज़ियोथेरेपिस्ट, साइकोलॉजिस्ट, टीचर के काम एआई नहीं कर पाएगा. इन कामों के लिए इंसान ही चाहिए. ह्यूमन कनेक्शन के बिना लोग सिर्फ ऑटोमेटेड जवाबों से संतुष्ट नहीं होंगे." "इसके अलावा क्रिएटिव डायरेक्टर्स हैं, लेखक हैं या कॉन्टेंट स्ट्रैटेजिस्ट. जहां भी क्रिटिकल थिंकिंग की ज़रूरत होगी, उन कामों में एआई मदद कर सकता है, लेकिन इनकी जगह नहीं ले सकता. मगर जिन कामों में कुछ नया नहीं है, जो हर बार एक ही तरह से किए जाते हैं, उन्हें आसानी से एआई कर लेगा." वहीं प्रोफ़ेसर आकाश सिन्हा कहते हैं, "चार्टर्ड अकाउंटेंट, डॉक्टर, नर्स, एआई इंजीनियर, साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट, वकील...करियर इन्ही पांच-छह फील्ड में लोग सिक्योर हैं, बशर्ते कि आप इसमें अपनी विशेषज्ञता कायम रखें. आप खुद एआई टूल का इस्तेमाल करना सीखें, ताकि काम जल्दी कर सकें." हालांकि, वो करियर के इन विकल्पों को भी पूरी तरह एआई से सुरक्षित नहीं मानते. प्रोफ़ेसर सिन्हा कहते हैं, "जहां पर भी आपको एक एक्सपर्ट के तौर पर देखा जाएगा, वहां आपकी नौकरी सुरक्षित है. क्योंकि एआई पर किसी एक्सपर्ट के लेवल जितना भरोसा आते-आते लोगों को समय लगेगा. अगर इन्हीं करियर में आप एंट्री या मिड लेवल पर हैं तो आपकी नौकरी पर ख़तरा है. ऐसे में आप आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस के टूल इस्तेमाल कर अपने काम को बेहतर बनाएं और नौकरी को सुरक्षित रखें." बीबीसी के लिए कलेक्टिवन्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

स्रोत: BBC Hindi

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