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Death

अमेरिका ने कुवैत में मारे गए अपने छठे सैनिक की पहचान बताई

✍️ Admin 📅 05 March, 2026 ⏰ 09:01 AM 👁 43 views

इमेज स्रोत, US Army Reserve Command अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने कुवैत में मारे गए अपने छठे सैनिक की संभावित पहचान बताई है. पेंटागन ने इस संबंध में अभी-अभी जानकारी दी है. उसका कहना है कि कुवैत पर हुए हमले में मारे गए छठे सैनिक के बारे में माना जा रहा है कि वे कैलिफ़ोर्निया के सैक्रामेंटो के रहने वाले 54 साल के चीफ वारंट ऑफिसर-3, रॉबर्ट एम मार्ज़ान हैं. पेंटागन ने एक बयान में कहा, "मार्ज़ान 1 मार्च, 2026 को कुवैत के पोर्ट शुआइबा में घटना की जगह पर थे, और माना जा रहा है कि वह मौक़े पर मारे गए. मेडिकल टीम उनकी पहचान की पुष्टि करेगी." पेंटागन ने अभी तक मार्ज़ान की फ़ोटो जारी नहीं की है. इससे ठीक पहले अमेरिकी सेना ने कुवैत हमले में मारे गए पांचवें सैनिक की पहचान बताई थी, जो आयोवा के रहने वाले मेजर जेफरी ओब्रायन थे. रविवार को कुवैत के पोर्ट शुआइबा में एक कमांड सेंटर पर एक अनमैन्ड एयरक्राफ्ट सिस्टम के एयर डिफेंस को चकमा देने से छह अमेरिकी सैनिक मारे गए. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने शुरू में कहा था कि हमले में तीन सैनिक मारे गए, लेकिन अधिकारियों ने बाद में मारे जाने वालों की संख्या छह बताई थी. कुवैत में अमेरिका के तीन लड़ाकू विमान किसकी ग़लती से हुए क्रैश? भारत के पड़ोसी देश नेपाल में नई सरकार के लिए हो रहे चुनावों की वोटिंग शुरू हो गई है. नेपाल में पिछले साल 'जेन ज़ी' के आंदोलन के बाद सरकार गिर गई थी और उसके बाद देश में पहली बार चुनाव हो रहे हैं. इस चुनाव के बाद नेपाल में सुशीला कार्की के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार की जगह नई सरकार बनेगी. नेपाल में पिछले साल अगस्त महीने में संसद भंग कर दी गई थी. उस वक़्त देश में युवाओं के आंदोलन को रोकने के दौरान काफ़ी हिंसा हुई थी. इस चुनाव में नेपाल में क़रीब एक करोड़ नब्बे लाख मतदाता हैं. इसराइली सेना का कहना है कि उसने ईरान की राजधानी तेहरान में नए सिलसिलेवार हमले किए हैं. इसराइल डिफ़ेंस फ़ोर्स ने एक बयान में कहा, "आईडीएफ़ ने तेहरान में ईरानी सरकार के मिलिट्री इंफ़्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाकर हमलों की एक और सिरीज़ शुरू की है." इस बयान में किसी ख़ास जगह पर हमले के बारे में ज़्यादा जानकारी नहीं दी गई, लेकिन बयान में कहा गया है कि आगे की जानकारी बाद में दी जाएगी. न्यूज़ एजेंसी एएफ़पी की रिपोर्ट के मुताबिक़ उसके पत्रकारों ने बुधवार रात राजधानी तेहरान में एक ज़ोरदार धमाका देखा. इससे पहले, इसराइली सेना ने घोषणा की कि उसकी एयर फ़ोर्स ने पूर्वी तेहरान के एक कंपाउंड पर "बड़े पैमाने पर हमला" किया है, जहाँ कमांड सेंटर और इंटरनल सिक्योरिटी के लोग थे. अमेरिकी सीनेट में राष्ट्रपति ट्रंप की युद्ध से जुड़ी शक्तियों को सीमित करने के लिए लाया गया बिल पास नहीं हो सका है. इस बिल के समर्थन में 47 सीनेटरों ने वोट डाले, जबकि इसके ख़िलाफ़ 53 वोट डाले गए. यानी ट्रंप के ख़िलाफ़ लाए गए बिल को कम वोट मिला. अगर यह बिल पास हो जाता तो युद्ध से जुड़े आदेश देने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति के पास शक्तियाँ कम हो जातीं. इस बिल में युद्ध से जुड़ा कोई भी आदेश देने से पहले ट्रंप को अमेरिकी कांग्रेस यानी संसद की मंज़ूरी लेनी होती. 28 फ़रवरी को अमेरिका और इसराइल ने मिलकर ईरान पर हमला किया था. इसके जवाब में ईरान ने भी अमेरिकी सैन्य ठिकानों, इसराइल और अन्य जगहों पर हमले किए हैं. इस संघर्ष के बाद अमेरिकी सीनेट में इस तरह का यह पहला विधेयक था और यह ट्रंप को रोकने में नाकाम रहा है. बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता चंदन कुमार जजवाड़े अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा. कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. हमारे पेज पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें. ईरान के साथ जंग में ट्रंप ने किस वजह से लिया चर्चिल का नाम और ब्रिटेन-स्पेन से क्यों हैं नाराज़ पांच दिन बाद भी हमें नहीं पता कि यह जंग किस दिशा में जा रही है मध्य-पूर्व में जारी जंग से क्या भारत में बढ़ेंगे तेल के दाम या रूस से ज़रूरत पूरी हो जाएगी?

स्रोत: BBC Hindi

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