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Death

इराक़ में अमेरिकी विमान हुआ क्रैश, अब तक क्या-क्या पता है?

✍️ Admin 📅 13 March, 2026 ⏰ 07:51 AM 👁 46 views

अमेरिकी सेना का एक केसी-135 रीफ़्यूलिंग विमान पश्चिमी इराक़ में हादसे का शिकार हो गया है. अमेरिकी सेना ने इसकी पुष्टि की है. सेना ने बताया है कि विमान वहां गिरा जहां 'दोस्त देश का एयर स्पेस' था'. इस घटना में दो विमान शामिल थे, जिनमें से दूसरा विमान सुरक्षित उतर गया. री-फ़्यूलिंग विमान लड़ाकू विमान में हवा में ही ईंधन भरता है. बीबीसी को अभी यह नहीं पता चल पाया है कि केसी-135 विमान कैसे गिरा लेकिन एक आशंका ये है कि ये विमान हवा में टकरा गए होंगे. अमेरिकी सेंट्रल कमान का कहना है कि यह घटना दुश्मन की गोलीबारी या अपनी सेना की गोलीबारी के कारण नहीं हुई. विमान में कितने लोग सवार थे इस बारे में अभी कोई जानकारी नहीं मिली है. विमान दुर्घटना में कितने लोग हताहत हुए हैं, इसकी भी जानकारी नहीं है. अमेरिकी सेंट्रल कमान ने बताया है कि यह घटना इराक़ के एयर स्पेस में हुई, लेकिन यह साफ़ नहीं है कि यह पड़ोसी देश ईरान से कितनी दूरी पर हुई. ये रीफ़्यूलिंग टैंकर विमान युद्ध में काफ़ी अहम भूमिका निभाते हैं. ये लड़ाकू विमानों और बमवर्षक विमानों को हवा में ही ईंधन देकर उन्हें लंबी दूरी तक उड़ान भरने और युद्ध करने में सक्षम बनाते हैं. इमेज स्रोत, HUM Images/Universal Images Group via Getty Images मशहूर हस्तियों की कहानी पूरी तसल्ली और इत्मीनान से इरफ़ान के साथ. यह एक बहुत बड़ा लॉजिस्टिक ऑपरेशन होता है, जिसमें एक ही समय में कई विमान हवा में होते हैं और उन्हें ईंधन की जरूरत होती है. हवा में ईंधन भरने की प्रक्रिया में लड़ाकू विमान को टैंकर विमान के बहुत करीब उड़ना पड़ता है. इसके बाद टैंकर से एक ईंधन पाइप (प्रोब) बाहर निकाली जाती है और नीचे की ओर लाई जाती है. ईंधन लेने वाला विमान उस पाइप के पास आता है और टैंकर के नीचे लगे लाइट सिस्टम की मदद से अपनी स्थिति ठीक करता है, ताकि पाइप को विमान में लगाया जा सके. जब संपर्क स्थापित हो जाता है, तो ईंधन ट्रांसफ़र होने लगता है, और यह प्रक्रिया कई मिनट तक चल सकती है. इस दौरान विमान टैंकर से केवल कुछ फीट की दूरी पर उड़ रहा होता है. अक्सर यह काम रात में किया जाता है. पायलट को इस दौरान पाइप या कभी-कभी शटल-कॉक के आकार वाले ड्रोग से संपर्क बनाए रखने के लिए काफ़ी कौशल की जरूरत होती है, ख़ासकर तब जब आसपास कई अन्य विमान भी उड़ रहे हों. कई बार दुश्मन से बचने के लिए विमानों की लाइटें भी पूरी तरह बंद रखी जाती हैं. आमतौर पर केसी-135 विमान में तीन सदस्यीय चालक दल होता है . इसमें एक पायलट, को-पायलट और एक बूम ऑपरेटर (जो हवा में ईंधन भरने की प्रक्रिया संभालता है) होता है. अमेरिकी वायुसेना के मुताबिक़ एयर मोबिलिटी के पास लगभग 400 टैंकर विमान हैं. इमेज स्रोत, AFP via Getty Images 28 फरवरी 2026 को इसराइल और अमेरिका ने मिलकर ईरान पर हमला कर दिया था. इस हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई समेत उसकी सेना के कई वरिष्ठ अधिकारियों की मौत हो गई है. आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई के बेटे मोजतबा ख़ामेनेई को ईरान का सर्वोच्च नेता चुना गया है. मोजतबा ख़ामेनेई ने अपने हालिया संदेश में ' होर्मुज स्ट्रेट की नाकाबंदी जारी रखने' और 'मिनाब स्कूल के बच्चों सहित शहीद हुए लोगों के खून का बदला लेने' पर ज़ोर दिया है. उन्होंने कहा है, "अन्य मोर्चों को खोलने के संबंध में विचार किया जा रहा है, जहां दुश्मन को कम अनुभव है." अमेरिका और इसराइल के ईरान के साथ चल रहे युद्ध का ज़िक्र करते हुए ख़ामेनेई ने लगातार हमले जारी रखने का आह्वान किया है. इसराइल और अमेरिका के हमले के जवाब में ईरान ने उन खाड़ी देशों पर हमला किया है, जहां अमेरिका के सैन्य ठिकाने हैं. इस युद्ध से तेल की कीमतें काफ़ी तेजी से बढ़ी हैं. इससे क्षेत्रीय तनाव भी बढ़ गया है. पिछले कुछ दिनों के दौरान कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी. लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ये युद्ध जल्द ख़त्म हो जाएगा. इसके बाद तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिली. हालांकि अभी भी ये 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास है. बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित. (बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और व्हॉट्सऐप पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

स्रोत: BBC Hindi

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