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Death

ट्रंप ने कहा, ईरान में गिराए गए अमेरिकी लड़ाकू विमान के लापता अफ़सर को 'साहसिक' ऑपरेशन में बचा लिया

✍️ Admin 📅 05 April, 2026 ⏰ 09:56 AM 👁 47 views

इमेज स्रोत, Chip Somodevilla/Getty Images अमेरिका ने दावा किया है कि एफ़-15 ईगल विमान गिराए जाने के बाद ईरान में लापता हुआ सैन्य अफ़सर मिल गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट लिखकर यह जानकारी साझा की है. अमेरिका को अफ़सर कैसे मिला, इसकी पूरी जानकारी साफ नहीं है. लेकिन इस ऑपरेशन को करीब से देखने वाले एक व्यक्ति ने बीबीसी को बताया कि दक्षिणी ईरान में एक "बहुत बड़ा" सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया. बीबीसी मानता है कि बचाव के दौरान अमेरिकी और ईरानी सेनाओं के बीच मुठभेड़ हुई थी, यह भी माना जा रहा है कि पायलट विमान से बाहर निकलते समय घायल हो गया था. इमेज स्रोत, Joan Valls/Urbanandsport/NurPhoto via Getty Images डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, "यूएस मिलिट्री ने इतिहास की सबसे साहसी खोज और बचाव कार्रवाई में से एक को अंजाम दिया. यह हमारे शानदार क्रू मेंबर अफ़सर के लिए था, जो एक बहुत सम्मानित कर्नल भी हैं. मुझे खुशी है कि अब वे सुरक्षित हैं." "यह बहादुर योद्धा ईरान के ख़तरनाक पहाड़ों में दुश्मनों के बीच फंसा हुआ था. ईरानी फ़ौज को वह हर घंटे अपने क़रीब आते देख रहा था. लेकिन वह कभी अकेला नहीं था, क्योंकि उसका कमांडर इन चीफ़, सेक्रेटरी ऑफ़ वॉर, जॉइंट चीफ़्स ऑफ़ स्टाफ़ और साथी सैनिक उसकी लोकेशन पर 24 घंटे नज़र रख रहे थे और बचाव की योजना बना रहे थे." ट्रंप ने लिखा, "मेरे आदेश पर उसे वापस लाने के लिए अमेरिकी सेना ने दर्जनों विमान भेजे, जो दुनिया के सबसे घातक हथियारों से लैस थे. उसे चोटें आई हैं, लेकिन वह ठीक हो जाएगा. यह बचाव अभियान उस सफल ऑपरेशन के बाद हुआ है जो हमने कल किया था, लेकिन हमने उसे सार्वजनिक नहीं किया ताकि दूसरे अफ़सर को ख़तरा न हो." उन्होंने कहा, "यह पहली बार है कि दो अमेरिकी पायलटों को अलग-अलग जगहों से दुश्मन के इलाक़े से बचाया गया है. हम कभी भी किसी अमेरिकी सैनिक को पीछे नहीं छोड़ेंगे. दोनों अभियानों में कोई अमेरिकी सैनिक न तो मारा गया और न ही घायल हुआ. यह साबित करता है कि हमने ईरानी आसमान पर पूरी तरह से हवाई कंट्रोल हासिल कर लिया है." इमेज स्रोत, Chip Somodevilla/Getty Images व्हाइस हाउस संवाददाता बर्न्ड डेबुसमैन जूनियर के मुताबिक़, अमेरिका में मौजूदा और पूर्व अधिकारियों ने बचाव अभियान की सफलता का जश्न मनाना शुरू कर दिया है. मध्य पूर्व के लिए डिप्टी असिस्टेंट सेक्रेटरी ऑफ डिफेंस मिक मुलरॉय ने कहा, "अमेरिकी सेना का सिद्धांत है कि किसी को पीछे नहीं छोड़ा जाएगा. आज उस मूल वचन का शानदार उदाहरण देखने को मिला." उन्होंने कहा, "अमेरिकी सेना, खुफिया एजेंसियां और खासकर वे लोग जिन्होंने यह अभियान चलाया, वो अमेरिकी जनता की कृतज्ञता के हकदार हैं." इमेज स्रोत, Morteza Nikoubazl/NurPhoto via Getty Images ईरानी मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) के प्रवक्ता ने दावा किया है कि सर्च अभियान के दौरान अमेरिकी ड्रोन को मार गिराया गया. आईआरजीसी के जनसंपर्क कार्यालय के मुताबिक़, यह ड्रोन ईरान के दक्षिणी इस्फ़हान प्रांत में गिरा. यह जानकारी फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी और आईआरजीसी से जुड़ी तस्नीम न्यूज़ एजेंसी ने दी है. हालांकि, इन रिपोर्टों की अमेरिकी पक्ष से अभी तक कोई पुष्टि नहीं हुई है. अमेरिका आमतौर पर अपने सैनिकों को बचाने के लिए कॉम्बैट सर्च एंड रेस्क्यू (सीएसएआर) मिशन चलाता है. सीएसएआर मिशन ऐसे सैन्य ऑपरेशन होते हैं जिनका मक़सद ज़रूरत में फंसे सैनिकों को ढूंढना, उनकी मदद करना और उन्हें सुरक्षित निकालना होता है, जैसे कि गिराए गए पायलट या अलग-थलग पड़े सैनिक. प्राकृतिक आपदा या मानवीय राहत के दौरान होने वाले सामान्य सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन से अलग सीएसएआर मिशन दुश्मन या संघर्ष वाले इलाकों में किए जाते हैं. कुछ मामलों में ये मिशन दुश्मन के इलाके के काफ़ी अंदर तक जाकर किए जाते हैं. जैसा कि शुक्रवार को ईरान को लेकर बताया गया ऑपरेशन है. एफ-15 विमान को गिराए जाने को अमेरिका के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा था. दरअसल, डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ईरान की हवाई सुरक्षा इतनी कमज़ोर पड़ चुकी है कि वह अमेरिकी विमानों के ख़िलाफ़ कुछ नहीं कर सकता. अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भी दावा किया था कि अमेरिका ने ईरान पर 'हवाई बढ़त' हासिल कर ली है. लेकिन शुक्रवार को गिराए गए एफ़-15 ईगल विमान से साफ़ होता है कि ईरान अभी भी अपनी हवाई सीमा की रक्षा करने में सक्षम है, भले ही सीमित स्तर पर. बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़ रूम की ओर से प्रकाशित (बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और व्हॉट्सऐप पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

स्रोत: BBC Hindi

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