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डोनाल्ड ट्रंप बोले- होर्मुज़ स्ट्रेट से क्यों न हम टोल वसूलें

✍️ Admin 📅 07 April, 2026 ⏰ 09:02 AM 👁 50 views

इमेज स्रोत, Tom Williams/CQ-Roll Call, Inc via Getty Images अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि होर्मुज़ स्ट्रेट से ईरान नहीं, बल्कि युद्ध ख़त्म होने के बाद अमेरिका टोल वसूल सकता है. दरअसल, सोमवार को जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि क्या वे ऐसा समझौता मानेंगे जिसमें ईरान जहाज़ों से शुल्क ले सके? इस पर ट्रंप ने जवाब दिया, "क्यों न हम टोल वसूलें? मैं यह करना पसंद करूंगा बजाय कि उन्हें टोल मिले. हमें टोल क्यों नहीं वसूलना चाहिए? हम विजेता हैं. हमने जीत हासिल की है." हालांकि, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पत्रकारों से बाद में कहा कि ईरान के साथ किसी भी शांति समझौते की शर्तों में होर्मुज़ स्ट्रेट को खोलना शामिल होना चाहिए. ट्रंप ने कहा, "हमें ऐसा समझौता चाहिए जो मुझे स्वीकार्य हो, और उस समझौते का हिस्सा यह होगा कि हमें तेल का फ़्री आवागमन चाहिए." गौरतलब है कि इससे पहले ईरान ने यह कहा था कि वह होर्मुज़ स्ट्रेट से गुज़रने वाले जहाज़ों से टोल वसूलेगा. संबंधित कहानी: ट्रंप ने ईरान को एक ही रात में ख़त्म करने की धमकी दी, ईरान ने दिया ये जवाब इमेज स्रोत, Chip Somodevilla/Getty Images नासा के आर्टेमिस 2 के चार अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी से दूर अंतरिक्ष में उस स्थान पर पहुंचे हैं, जहां अब तक कोई इंसान नहीं पहुंचा था. ओरियन स्पेसक्राफ़्ट ने धरती से अपनी सबसे ज़्यादा दूरी तय की है. यह इंसान की ओर से अपने ग्रह से सबसे दूर जाने का नया रिकॉर्ड है. नासा ने बताया कि यह दूरी 2,52,756 मील (4,06,771 किलोमीटर) थी. धरती से सबसे दूर जाने का पिछला रिकॉर्ड 1970 में अपोलो 13 ने बनाया था. गौरतलब है कि पचास से अधिक साल बाद नासा का चंद्रमा को लेकर पहला मिशन शुरू हुआ. आर्टेमिस 2 मिशन के रॉकेट ने फ़्लोरिडा के केप कैनावेरल स्थित केनेडी स्पेस सेंटर से उड़ान भरी थी. यह मिशन 1 अप्रैल को शुरू हुआ. 10 दिन के इस मिशन में अंतरिक्ष यात्री चांद की सतह पर नहीं उतरेंगे, बल्कि आस-पास घूमते रहेंगे. संबंधित कहानी: आर्टेमिस-2 लॉन्च, 50 साल बाद चांद की ओर नासा की उड़ान इमेज स्रोत, ATTA KENARE / AFP via Getty Images ईरान ने पाकिस्तान को एक शांति प्रस्ताव दिया है, जिसका मक़सद अमेरिका के साथ चल रहे युद्ध का 'हमेशा के लिए अंत' करना है. यह जानकारी सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए ने सोमवार को दी. आईआरएनए ने बताया कि अमेरिका की ओर से आए प्रस्ताव पर ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने जवाब पहुंचाया है. ईरान की लीडरशिप ने क़रीब दो हफ़्तों तक गहन समीक्षा की, इसके बाद अपना जवाब भेजा है. ईरान की ओर से जवाब तब भेजा गया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को मंगलवार तक की डेडलाइन दी है. ट्रंप ने धमकी दी है कि स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ नहीं खुला तो वो ईरान के पावर प्लांट्स और पुलों को निशाना बनाया जाएगा. 6 अप्रैल को ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बग़ाई ने पुष्टि करते हुए बताया कि संदेशों का आदान-प्रदान मध्यस्थों के ज़रिए हुआ है. लेकिन उन्होंने कहा कि तेहरान ने अमेरिका की "15 बिंदुओं वाली योजना" को ठुकरा दिया है. आईआरएनए ने बताया कि ईरान के दस पैराग्राफ़ वाले जवाब में युद्धविराम के विचार को "पिछले अनुभवों" का हवाला देते हुए ख़ारिज किया गया. इसके बजाय ईरान ने अपने शर्तों पर स्थायी समाधान की ज़रूरत पर ज़ोर दिया. एजेंसी के अनुसार, तेहरान के दस्तावेज़ में कई मांगें शामिल हैं- जैसे क्षेत्रीय संघर्षों का अंत, होर्मुज़ स्ट्रेट से सुरक्षित आवाजाही का समझौता, पुनर्निर्माण करना और प्रतिबंधों को हटाना. इमेज स्रोत, Fatemeh Bahrami/Anadolu via Getty Images ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बग़ाई ने कहा है कि अमेरिका की इस्फ़हान में हुई कार्रवाई का मक़सद "ईरान से यूरेनियम चुराना" भी हो सकता है. जबकि अमेरिका ने इस्फ़हान के दक्षिण में हुई कार्रवाई को अपने लापता एयरमैन को बचाने का मिशन बताया था. यह एयरमैन ईरानी आसमान में निशाना बने दूसरे एफ़-15 लड़ाकू विमान का क्रू मेंबर था. सोमवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पेंटागन ने इस कार्रवाई को "अपनी जीत" बताया था. वहीं सोशल मीडिया पर कुछ लोग और जानकारों ने अंदेशा जताया कि इतनी बड़ी कार्रवाई का मक़सद इस्फ़हान से 200 किलोग्राम संवर्धित यूरेनियम ट्रांसफ़र करना था. ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बग़ाई ने भी कहा कि इस्फ़हान के दक्षिण हुए अमेरिकी ऑपरेशन का मक़सद ईरान से 'यूरेनियम चुराना' हो सकता है और इस संभावना को अनदेखा नहीं किया जा सकता. हालांकि, व्हाइट हाउस और अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने इन क़यासों पर कोई जवाब नहीं दिया है. दूसरी ओर, ईरान का कहना है कि अमेरिका को इस मिशन में काफ़ी नुक़सान का सामना करना पड़ा है. बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा. कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. हमारे पेज पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें. - 'मरने के बाद दो ग़ज़ ज़मीन मिल जाए': मीर जाफ़र के वंशजों का नाम वोटर लिस्ट से कटा - 'उम्रक़ैद भी काफ़ी नहीं': तमिलनाडु में 9 पुलिसकर्मियों को दोहरी फांसी की सज़ा - आईआरजीसी की ख़ुफ़िया विंग के प्रमुख माजिद ख़ादेमी कौन थे? - अमेरिका का वो रेस्क्यू मिशन जो ईरान में बुरी तरह नाकाम रहा था

स्रोत: BBC Hindi

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