पूर्ण संस्करण देखें
⚡ AMP पेज | पूर्ण वेबसाइट देखें
Death

बंगाल चुनाव से पहले अधिकारियों के तबादलों को चुनौती देने वाली याचिका खारिज, SC ने कहा- ऐसा पहली बार तो नहीं हुआ

✍️ Admin 📅 16 April, 2026 ⏰ 06:12 PM 👁 54 views

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (16 अप्रैल, 2026) को पश्चिम बंगाल में 1,000 से ज्यादा प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के तबादलों को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया. चुनाव आयोग की ओर से किए गए अधिकारियों के तबादलों को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी. कलकत्ता हाईकोर्ट की ओर से याचिका खारिज किए जाने के बाद याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था. हालांकि कोर्ट ने इस विवादास्पद कानूनी प्रश्न को भविष्य में विचार के लिए खुला रखा कि क्या निर्वाचन आयोग को चुनाव वाले राज्यों में प्रशासनिक परिवर्तन करने से पहले संबंधित राज्य से बात करने की जरूरत है.

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की बेंच ने कहा कि यह देश का दुर्भाग्य है कि अखिल भारतीय सेवाओं के निर्माण का उद्देश्य विफल हो रहा है. सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की कवायद में कोर्ट को न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति करनी पड़ी क्योंकि राज्य सरकार और चुनाव आयोग के बीच विश्वास की कमी थी.

कोर्ट ने कहा, 'चुनाव आयोग को राज्य सरकार के अधिकारियों पर भरोसा नहीं है और राज्य को चुनाव आयोग की ओर से लाए गए अधिकारियों पर भरोसा नहीं है.' पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए दो चरणों में- 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को वोटिंग होनी है. सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता अर्का कुमार नाग की ओर से पेश हुए सीनियर एडवोकेट कल्याण बनर्जी ने कहा कि पहली बार किसी राज्य के मुख्य सचिव का इस तरह से तबादला किया गया है.

स्रोत: ABP Hindi

📤 शेयर करें: