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पूर्व सैनिकों की समस्याओं का मौके पर समाधान, स्पीयर कोर की पहल पर असम-अरुणाचल सीमा पर भव्य सम्मेलन

✍️ Admin 📅 26 April, 2026 ⏰ 11:14 PM 👁 50 views

पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण तथा उनकी समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से भारतीय सेना की स्पीयरहेड डिवीजन, स्पीयर कोर के तत्वावधान में रविवार (26 अप्रैल, 2026) को लिकाबाली में एक भव्य मेगा वेटरन्स रैली का आयोजन किया गया. असम और अरुणाचल प्रदेश के राज्य और जिला प्रशासन के सहयोग से आयोजित इस रैली में 1,500 से अधिक पूर्व सैनिकों, वीर नारियों, सेवारत सैनिकों, शहीदों के परिजनों और आश्रितों ने भाग लिया.

यह रैली सिर्फ एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि पूर्व सैनिक समुदाय के साथ सेना के रिश्तों को और मजबूत करने, उनकी समस्याओं को सीधे सुनने और समाधान उपलब्ध कराने का एक महत्वपूर्ण मंच बनकर उभरी.

क्या था रैली का मुख्य उद्देश्य?

रैली का मुख्य उद्देश्य पेंशन वितरण में विसंगतियां, भूमि और कानूनी विवाद, दस्तावेज संबंधी परेशानियां और अन्य कल्याणकारी मुद्दों का समाधान करना था. इस मौके पर विभिन्न विभागों और एजेंसियों ने शिविर लगाकर पूर्व सैनिकों को मौके पर ही सहायता प्रदान की.

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राज्यपाल ने दी रैली को आर्मी आपके द्वार की संज्ञा दी

अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल के. टी. परनाइक (K. T. Parnaik) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे. उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे पूर्व सैनिक सम्मेलन सेना और वेटरन समुदाय के बीच संपर्क बनाए रखने का एक महत्वपूर्ण माध्यम हैं. उन्होंने इसे “आर्मी आपके द्वार” की संज्ञा देते हुए कहा कि इस पहल का मकसद सभी जरूरी सेवाएं और सुविधाएं एक ही मंच पर उपलब्ध कराना है, ताकि पूर्व सैनिकों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़े.

उन्होंने कहा कि देश के लिए कठिन परिस्थितियों में सेवा देने वाले सैनिकों और उनके परिवारों की देखभाल करना राष्ट्र का दायित्व है. उन्होंने पूर्व सैनिकों के पुनर्वास, दूसरी पारी में रोजगार के अवसर और राज्य सरकारों के साथ समन्वय कर उन्हें फिर से राष्ट्र निर्माण में जोड़ने पर भी जोर दिया.

अब अत्यधिक तकनीकी हो चुकी है सेनाः राज्यपाल

राज्यपाल केटी परनाइक ने अपने संबोधन में सेना में भर्ती के बदलते मानकों पर भी विस्तार से चर्चा की. उन्होंने कहा कि सेना अब अत्यधिक तकनीकी हो चुकी है और आधुनिक हथियार प्रणालियों और उपकरणों को संभालने के लिए न्यूनतम 10+2 शिक्षा आवश्यक हो गई है. उन्होंने समाज, अभिभावकों और सरकारों से युवाओं की शिक्षा सुनिश्चित करने की अपील की, ताकि वे भविष्य के अवसरों से वंचित न हों.

रैली में विभिन्न विभागों ने दिया सहयोग

रैली में राज्य सैनिक बोर्ड ईटानगर, जिला सैनिक कल्याण कार्यालय डिब्रूगढ़ और लखीमपुर, पीसीडीए गुवाहाटी, ईसीएचएस, रिकॉर्ड कार्यालयों, विभिन्न सरकारी एजेंसियों और बैंकों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर पेंशन, चिकित्सा, बैंकिंग और दस्तावेजों से जुड़ी समस्याओं के समाधान में सहयोग किया.

पूर्व सैनिकों को आर्मी वेलफेयर प्लेसमेंट ऑर्गनाइजेशन (Army Welfare Placement Organisation) के माध्यम से पुनर्वास योजनाओं, दूसरी पारी के रोजगार और पुनर्नियोजन के अवसरों के बारे में भी जानकारी दी गई. इसके अलावा, स्वास्थ्य सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए एक व्यापक चिकित्सा शिविर भी लगाया गया, जहां उपस्थित पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों की स्वास्थ्य जांच और परामर्श की व्यवस्था की गई.

समारोह में वीरों के परिजनों को किया गया सम्मानित

कार्यक्रम के दौरान वीर नारियों, वीर माताओं, वीर पुत्रियों, विशेष बच्चों और विशिष्ट पूर्व सैनिक उपलब्धि प्राप्तकर्ताओं को सम्मानित किया गया. यह समारोह आयोजन का भावनात्मक और प्रेरणादायक पहलू बनकर उभरा. कार्यक्रम में सैनिक स्कूल रकसीन के छात्रों और एनसीसी कैडेटों द्वारा देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया, जिसने आयोजन में उत्साह और ऊर्जा का संचार किया.

यह रैली पूर्व सैनिकों और वीर नारियों के सामने आने वाली नियमित चुनौतियों के समाधान का एक प्रभावी मंच साबित हुई. साथ ही इसने सेना और नागरिक प्रशासन की उस प्रतिबद्धता को दोहराया, जिसके तहत पूर्व सैनिकों के सम्मान, कल्याण और सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है. लिकाबाली में आयोजित यह मेगा वेटरन्स रैली भारतीय सेना के उस मानवीय और समर्पित दृष्टिकोण की मिसाल बनकर सामने आई, जिसमें सेवा समाप्ति के बाद भी सैनिकों और उनके परिवारों के साथ जुड़ाव को उतनी ही अहमियत दी जाती है जितनी वर्दी में रहते हुए.

स्रोत: ABP Hindi

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