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Death

ममता के साथ विपक्ष ने भी पकड़ा माथा, बंगाल में कैसे ढह गया TMC का किला? जानें अपने ही घर से कैसे बेगानी हो गईं दीदी

✍️ Admin 📅 05 May, 2026 ⏰ 11:45 PM 👁 43 views

तृणमूल कांग्रेस की मुखिया ममता बनर्जी इस बार सिर्फ पश्चिम बंगाल का चुनाव नहीं हारीं, बल्कि वो उनका घर कही जाने वाली भवानीपुर विधानसभा सीट भी हार गईं और इस बार भी ममता के खिलाफ भाजपा की आवाज पार्टी के कद्दावर नेता शुभेंदु अधिकारी ही बने, जिन्होंने ही उन्हें 15 हजार से ज्यादा वोटों से हराया है. खास बात ये है कि शुभेंदु ने 2021 के चुनाव में भी नंदीग्राम में ममता को हराया था, लेकिन तब भवानीपुर ने ममता को राज्य का मुख्यमंत्री बनाए रखा था. पर इस बार पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ऐसी सुनामी आई, जिसमें ममता बनर्जी का भवानीपुर किला भी ढह गया.

जनता के जनादेश को मानने के लिए तैयार नहीं ममता बनर्जी

राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि भवानीपुर की हार सिर्फ एक सीट की हार नहीं, बल्कि बड़े राजनीतिक नरैटिव को बदलने का संदेश समेटे हुए है. संदेश ये कि पश्चिम बंगाल में दीदी के 15 साल के शासन का अंत हो गया है और पहली बार बंगाल में भगवा लहराने जा रहा है.

हालांकि, ममता बनर्जी इस हार को बीजेपी की अनैतिक जीत करार देते हुए वोटों की लूट बता रही हैं और उन्होंने यहां तक कह दिया है कि वो चुनाव हारी नहीं हैं, इसलिए वो इस्तीफा नहीं देंगी, लेकिन इस बीच सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि आखिर ऐसा क्या हुआ जिसने बंगाल की सियासी तस्वीर बदलकर रख दी. हार की इस कहानी में पश्चिम बंगाल के लिए ममता बनर्जी कैसे और क्यों बेगानी हो गईं?

बंगाल में ढह गया तृणमूल कांग्रेस का किला

सिर्फ ममता बनर्जी को ही नहीं, बल्कि पूरे विपक्ष को इस बात पर अटूट विश्वास था कि अगर भाजपा से कोई सीधी टक्कर ले रहा है, तो वो ममता बनर्जी हैं, लेकिन पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों ने ममता बनर्जी के साथ-साथ पूरे विपक्ष को करारा झटका दे दिया है. ममता बनर्जी पूरी ताकत के साथ भाजपा के खिलाफ संघर्ष किया, लेकिन इस बार वो बीजेपी को पश्चिम बंगाल का किला भेदने से रोक नहीं पाईं.

चुनाव नतीजे आने से पहले ही बीजेपी डंके की चोट पर ममता बनर्जी की विदाई का ऐलान कर रही थी. पहले चरण के बंपर मतदान के बाद तो अमित शाह का कॉन्फिडेंस और ज्यादा बढ़ गया था और जैसे ही नतीजों वाले दिन रिजल्ट टैली में बीजेपी का आंकड़ा बढ़ने लगा. TMC खेमे में सन्नाटा पसरने लगा. बीजेपी बहुमत की तरफ बढ़ रही थी, लेकिन ममता आखिरी नतीजा आने तक जीत का दावा कर रही थीं, लेकिन दोपहर ढलते-ढलते बंगाल में भगवा लहराने का जश्न मनाया जाने लगा था. दूसरी तरफ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भवानीपुर सीट के काउंटिंग सेंटर में पहुंच गई.

ममता बनर्जी ने कहा कि बीजेपी की यह जीत धोखा है. उन्होंने मंगलवार (5 मई, 2026) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए बीजेपी की जीत को सवालों में खड़ा किया. उनका दावा है कि आधिकारिक रूप से भले ही बीजेपी जीत गई हो, लेकिन नैतिक रूप से वो ही बंगाल में जीती हैं, जबकि जानकार बता रहे हैं कि ममता बनर्जी को मुगालता हो गया कि वो बंगाल नहीं हारेंगी.

स्रोत: ABP Hindi

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