लाल झंडे की नई घेराबंदी, CPM कर रहा है बतौर विपक्ष खुद को मजबूत करने की तैयारी, जानें क्या है प्लानिंग
केरल में चुनाव नतीजों की समीक्षा के लिए शुक्रवार को बुलाई गई पार्टी की राज्य सचिवालय बैठक के दौरान CPM के कुछ नेताओं ने तीखी आलोचना की. कई सदस्यों ने कहा कि अब चुप रहना कोई विकल्प नहीं है और पार्टी को अब 'बोलना, सुनना और सुधार करना' चाहिए.
कुछ नेताओं ने सुझाव दिया कि पार्टी सदस्यों का मन भी LDF के पक्ष में नहीं था. उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी का संगठनात्मक ढांचा ऐसा हो गया है, जहां अब अंदरूनी मामलों पर खुलकर बात नहीं की जा सकती और उन्होंने कहा कि यह पहली समस्या है, जिसे ठीक करने की जरूरत है.
सबकी सुनी जाए- नेताओं का इस बात पर रहा जोर
चर्चा के दौरान नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि हर किसी की बात खुले मन से सुनी जानी चाहिए और सदस्यों को यह महसूस होना चाहिए कि उन्हें अपनी बात कहने की पूरी आजादी है. उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ, तो सुधार की कोई भी कोशिश असल सुधार नहीं बन पाएगी.
13 घंटे तक चली बैठक
यह बैठक जो शुरू में शाम 4 बजे से पहले खत्म होने वाली थी, 13 घंटे तक चली क्योंकि नेताओं ने कथित तौर पर इसे जल्दबाजी में खत्म करने पर आपत्ति जताई थी. उनकी इस मांग को मान लिया गया कि हर किसी को बिना किसी समय सीमा के बोलने का मौका दिया जाना चाहिए.
स्रोत: ABP Hindi