पूर्ण संस्करण देखें
⚡ AMP पेज | पूर्ण वेबसाइट देखें
Death

ईरान ने अमेरिकी एयरबेस को बनाया निशाना तो जवाब में अमेरिका ने क़ेशम द्वीप पर किया हमला

✍️ Admin 📅 03 June, 2026 ⏰ 07:02 AM 👁 40 views

इमेज स्रोत, Morteza Nikoubazl/NurPhoto via Getty Images ईरानी रिवोल्यूशनरी गॉर्ड कोर (आईआरजीसी) ने बुधवार को कहा कि उसने देर रात अमेरिका की फ़िफ़्थ फ़्लीट और एक अमेरिकी एयरबेस को निशाना बनाया है. आईआरजीसी का कहना है कि ये जवाबी हमला था, इससे पहले अमेरिका ने उनके टेलीकॉम एंटीना और ईरानी तेल टैंकर को निशाना बनाया था. उधर, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने कहा है कि उसने कई ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन को रोक कर उन्हें नष्ट कर दिया है. बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, सेंटकॉम ने कहा कि उसने "पूरे क्षेत्र में हमले करने के ईरानी प्रयासों" के जवाब में क़ेशम द्वीप के कुछ ठिकानों पर आत्मरक्षा में हमले किए हैं. दरअसल, इससे पहले अमेरिका ने दावा किया था कि उसने एक ख़ाली तेल टैंकर को निशाना बनाया था, जो ईरान की तरफ़ जा रहा था. सेंटकॉम ने बताया कि एक अमेरिकी विमान ने बोत्सवाना के झंडे वाले एम/टी जहाज़ के इंजन रूम पर हेलफ़ायर मिसाइल दागी. आईआरजीसी ने अपने बयान में कहा, "हमने पहले ही चेतावनी दी थी कि आक्रामकता की स्थिति में, प्रतिक्रिया अलग और अधिक गंभीर होगी और हमने उसी के अनुसार कार्रवाई की." इस बीच सेंटकॉम ने अमेरिका की फ़िफ़्थ फ़्लीट पर हमले के दावे के ग़लत बताया है. वो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ख़बरें जो दिनभर सुर्खियां बनीं. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बयान में कहा है कि ईरान ने इलाक़े में स्थित पड़ोसी देशों पर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, लेकिन उनमें से कोई भी अपने टार्गेट तक नहीं पहुंचीं. अमेरिका ने दावा किया कि कुवैत पर दागी गईं दो मिसाइलें अपने लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही गिर गईं या रास्ते में ही नष्ट हो गईं और बहरीन पर दागी गईं तीन अन्य मिसाइलों को अमेरिकी और बहरीनी हवाई रक्षा प्रणालियों द्वारा तुरंत रोक दिया गया. सेंटकॉम की ओर से जारी बयान के अनुसार, "आईआरजीसी का दावा है कि उसने आज बहरीन में अमेरिकी 5वें बेड़े के मुख्यालय और क्षेत्र में स्थित एक अमेरिकी एयरबेस पर मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया." "अमेरिकी बलों पर ईरान के सभी हमले विफल रहे. अमेरिकी बल सतर्क हैं और ईरान की किसी भी अनुचित आक्रामक कार्रवाई का जवाब देने के लिए तैयार हैं." बीबीसी फ़ारसी के अनुसार, ईरानी सूत्रों ने दावा किया कि कुवैत में कम से कम तीन विस्फोट हुए और एक अमेरिकी पैट्रियट सिस्टम निष्क्रिय हो गया. सेंटकॉम के बयान में यह भी कहा गया है कि "कुछ मिनट पहले, इलाक़े से गुज़र रहे नागरिक जहाज़ों पर ईरान की ओर से दागे गए तीन सुसाइड ड्रोन को सेंटकॉम बलों ने मार गिराया." सेंटकॉम ने कहा कि अमेरिकी सेना ने आत्मरक्षा में क़ेशम द्वीप पर स्थित एक ईरानी सैन्य ज़मीनी कंट्रोल स्टेशन को निशाना बनाया. यह आईआरजीसी की रिपोर्ट से मेल खाता है, जिसमें क़ेशम द्वीप के दक्षिण में स्थित एक दूरसंचार टॉवर को निशाना बनाए जाने को अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के मुख्यालय पर हमले का कारण बताया गया है. अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इन झड़पों में अमेरिकी सेना का कोई भी जवान घायल नहीं हुआ. अमेरिकी केंद्रीय कमान ने कहा कि मौजूदा युद्धविराम के दौरान उसकी सेनाएं सतर्क रहेंगी और "ईरान की बिना उकसावे वाली आक्रामकता" का मुकाबला करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं. इमेज स्रोत, X/US Central Command अमेरिका का कहना है कि उसने ईरान की ओर जा रहे एक ख़ाली तेल टैंकर पर हमला कर उसे "निष्क्रिय" कर दिया है. यह कार्रवाई होर्मुज़ स्ट्रेट पर वॉशिंगटन की नौसैनिक नाकेबंदी के तहत की गई. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने कहा कि अमेरिकी विमान ने बोत्सवाना के झंडे वाले एम/टी जहाज़ पर हेलफ़ायर मिसाइल दागी, जो उसके इंजन रूम में लगी. सेंटकॉम के मुताबिक, जहाज़ के चालक दल ने "बार-बार दी गई चेतावनियों को नज़रअंदाज़" किया था. सेंटकॉम ने मंगलवार को टैंकर पर हुए हमले का कथित वीडियो फ़ुटेज भी जारी किया. ईरान ने इस मामले पर अभी तक सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं की है. अमेरिकी सेना ने 13 अप्रैल से ईरानी बंदरगाहों में आने-जाने वाले सभी जहाज़ों पर अपनी नाकेबंदी लागू करना शुरू किया था. अपने बयान में सेंटकॉम ने कहा कि अमेरिकी बलों ने "बोत्सवाना के झंडे वाले एम/टी लेक्सी के ख़िलाफ़ नाकेबंदी संबंधी कार्रवाई की, जब वह अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र से होकर ख़ार्ग द्वीप की ओर जा रहा था." सेंटकॉम के अनुसार, नाकेबंदी लागू होने के बाद अब तक कुल छह कमर्शियल जहाज़ों को निष्क्रिय किया गया है और 122 अन्य जहाज़ों का रास्ता बदला गया है. इमेज स्रोत, Tom Williams/CQ-Roll Call, Inc via Getty Images मंगलवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा था कि अगर होर्मुज़ स्ट्रेट पूरी तरह खुल भी जाता है तो ईरान पर प्रतिबंध नहीं हटेंगे. हालांकि दोनों पक्षों के बीच बातचीत में प्रतिबंध हटाना एक प्रमुख मुद्दा रहा है. बीबीसी उर्दू के मुताबिक़, रुबियो ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में ईरान के "परमाणु कार्यक्रम के उन पहलुओं पर भी चर्चा हुई है जिनका ज़िक्र ईरान एक महीने या एक साल पहले तक नहीं कर रहा था." उन्होंने यह भी कहा कि "इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि कोई स्वीकार्य समझौता हो पाएगा." रुबियो ने मंगलवार को अमेरिकी सीनेट की विदेश मामलों से जुड़ी समिति के सामने ये बातें कही हैं. इस दौरान उन्होंने अमेरिकी अभियानों का बचाव किया और उन्हें 'बहुत सफल' बताया. उन्होंने कहा, "ऑपरेशन एपिक फ़्यूरी अपने सैन्य उद्देश्यों को हासिल करने में सफल रहा है, जिससे ईरान का रक्षा उद्योग कमज़ोर हो गया है." मार्को रुबियो ने दावा किया कि "ईरान के पास आज कोई नौसेना नहीं है." उन्होंने कहा कि अगर होर्मुज़ स्ट्रेट पूरी तरह से खुल जाता है तो भी अमेरिका ईरान पर लगे प्रतिबंधों को नहीं हटाएगा. रुबियो ने अमेरिकी सीनेट के सदस्यों से कहा, "इस पर कोई चर्चा नहीं हुई है, ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं दिया गया है." हालांकि उन्होंने कहा कि ईरान की ओर से संवर्द्धित यूरेनियम और परमाणु कार्यक्रम से जुड़े पहलुओं को छोड़ने पर 'शर्तों के तहत' प्रतिबंधों में राहत मिल सकती है. बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित. (बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और व्हॉट्सऐप पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

स्रोत: BBC Hindi

📤 शेयर करें: