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अन्नामलाई के बाद तमिलनाडु में इन नेताओं ने भी छोड़ी बीजेपी

✍️ Admin 📅 06 June, 2026 ⏰ 09:28 AM 👁 37 views

के अन्नामलाई के पार्टी छोड़ने के बाद तमिलनाडु में कुछ और नेताओं ने बीजेपी का साथ छोड़ने की घोषणा की है. अन्नामलाई की समर्थक उमा हेमवती ने भी पार्टी से इस्तीफ़ा दे दिया है. जिन नेताओं ने बीजेपी छोड़ी उनमें करू नागराजन का नाम काफ़ी अहम है, जो राज्य में बीजेपी के उपाध्यक्ष पद पर रहे हैं. उन्होंने शुक्रवार रात एक सोशल मीडिया पोस्ट में अन्नामलाई के नए आंदोलन के साथ जुड़ने की अपनी मंशा स्पष्ट की. वहीं उमा हेमवती पेरम्बलुर ज़िला बीजेपी की महासचिव थीं. भले ही संगठन के लिहाज़ से वो किसी बड़े पद पर नहीं थीं, लेकिन उन्होंने सार्वजनिक तौर पर राज्य में बीजेपी की अंदरूनी राजनीति पर सवाल खड़े किए हैं. शुक्रवार को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने अन्नामलाई का इस्तीफ़ा स्वीकार कर लिया. अन्नामलाई ने दावा किया कि उन्होंने पिछले दिसंबर में ही पार्टी नेतृत्व को अपने इस्तीफ़े की जानकारी दे दी थी. उन्होंने कहा, "पिछले 18 महीनों से मैं अपने मतभेद व्यक्त कर रहा था. पांच दिसंबर को मैंने पार्टी छोड़ने की सूचना दे दी थी." अन्नामलाई ने कहा, "तमिलनाडु को एक और राजनीतिक पार्टी की ज़रूरत है. जो लोग इस आंदोलन से जुड़ना चाहते हैं, वे वेबसाइट के माध्यम से जुड़ सकते हैं." अन्नामलाई ने शुक्रवार रात सोशल मीडिया एक्स पर दावा किया, "हमारे राजनीतिक आंदोलन ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. दस घंटे में अंदर ही दस लाख नेताओं ने इसमें रजिस्ट्रेशन कराया है." वो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ख़बरें जो दिनभर सुर्खियां बनीं. अंग्रेज़ी अख़बार टाइम्स ऑफ़ इंडिया के मुताबिक़, अन्नामलाई के बीजेपी छोड़ने के बाद करू नागराजन समेत 15 नेता बीजेपी से अलग हो गए हैं. इन नेताओं में तमिलनाडु की स्टेट सेक्रेटरी सुमति वेंटकेश भी शामिल हैं. उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर अन्नामलाई के आंदोलन का समर्थन किया है और इसके साथ अपना संबंध जाहिर किया है. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़, तमिलनाडु बीजेपी के उपाध्यक्ष करू नागराजन ने कहा, "हम सबने अन्नामलाई की कोशिशों का समर्थन करने का फ़ैसला किया है." "उन्होंने अब कई विचारों पर आधारित एक नया आंदोलन शुरू किया है, जिसमें राजनीति में युवाओं की ज़्यादा भागीदारी को बढ़ावा देना भी शामिल है. हमने अन्नामलाई के साथ जुड़ने और उनके शुरू किए गए संगठन को हर संभव समर्थन देने का फ़ैसला किया है." उन्होंने दावा किया, "बीजेपी के कई पदाधिकारी स्वेच्छा से आगे आए हैं और मेरे साथ अन्नामलाई के प्रति अपना समर्थन जताया है. अन्नामलाई तमिलनाडु के लोगों की पसंद के नेता के तौर पर उभरेंगे." ग़ौरतलब है कि शुक्रवार को तमिलनाडु बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रहे अन्नामलाई ने पार्टी से इस्तीफ़ा देने और एक नए राजनीतिक आंदोलन की शुरुआत करने की घोषणा की. अन्नामलाई ने लोगों से 'वी द लीडर' आंदोलन से जुड़ने की अपील की और कहा कि यह आंदोलन आगे चलकर एक राजनीतिक पार्टी का रूप लेगा. शुक्रवार को उमा हेमवती के साथ ही उनके पति सेल्वराज ने बीजेपी से इस्तीफ़ा दे दिया है. सेल्वराज पेरम्बलुर ज़िला बीजेपी अध्यक्ष रह चुके हैं. हालाँकि उमा ने अपने बयान में पीएम मोदी की तारीफ़ की, लेकिन राज्य बीजेपी की है. उमा हेमवती का कहना है, "राज्य में बीजेपी में काफ़ी अंदरूनी राजनीति है. हम साल 2021 से अन्ना को फ़ॉलो कर रहे हैं. हम राजनीति में उनके लिए, देश के लिए और पीएम मोदी के लिए आए. हम अन्ना के अगले कदम के साथ चलेंगे." उन्होंने कहा, "एक बड़ा बदलाव होगा. युवा पीढ़ी सत्ताधारी दल टीवीके को जानती है. युवा शिक्षित हैं और वे हमारे नेता अन्नामलाई को फ़ॉलो करेंगे. हम उनके लिए तैयार हैं. हम उनके साथ खड़े हैं." इसके साथ ही अन्नामलाई के कई समर्थक जो अब तक बीजेपी के साथ थे, वो अन्नामलाई के साथ हो गए हैं. अन्नामलाई के इस पहल को तमिलनाडु की राजनीति में कई लोग एक बड़ी शुरुआत मान रहे हैं. बीजेपी से इस्तीफ़ा देने के बाद बड़ी संख्या में उनके समर्थक चेन्नई एयरपोर्ट पर उनके स्वागत के लिए पहुँचे. उनके एक युवा समर्थक अभिलाष गोपीनाथन ने कहा, "यह समय है जब हम सब एकजुट हुए हैं और अपने नेता के साथ मज़बूती से खड़े रहेंगे. मैंने अन्नामलाई से प्रेरित होकर ही 2021 में पार्टी जॉइन की थी. अब जब उन्होंने यह स्टैंड लिया है, तो हम भी उनके साथ आगे बढ़ना चाहते हैं." के अन्नामलाई के समर्थक वेदा सुब्रमण्यम का कहना है, "हम सब बहुत खुश हैं. हमें इसकी उम्मीद थी. हम एक ऐसा नेता चाहते थे जो तमिलनाडु की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत कर सके." "क्योंकि अब तमिलनाडु की राजनीति 'जेन ज़ी' की राजनीति बन गई है. हमें एक ऐसा युवा नेता मिला है जिसे 'जेन ज़ी' से पहले ही पहचान मिल चुकी है." उन्होंने कहा, "पिछले 4 सालों से तमिलनाडु बीजेपी के अध्यक्ष के तौर पर वे ज़मीनी स्तर तक पहुँचे. वे राज्य के कोने-कोने तक पहुँचने में कामयाब रहे..." "विजय के चुनाव जीतने के बाद, सबको लगा कि तमिलनाडु की राजनीति में सिर्फ़ द्रविड़ आंदोलन और टीवीके ही हैं. अब वे (अन्नामलाई) आज़ाद हैं और खुद फ़ैसले ले सकते हैं." बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित. (बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और व्हॉट्सऐप पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

स्रोत: BBC Hindi

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