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कारगिल में मुहर्रम पर सांप्रदायिक तनाव भड़काने की साजिश? प्रशासन ने की अफवाहों से बचने की अपील, जानें पूरा मामला

✍️ Admin 📅 19 June, 2026 ⏰ 09:34 PM 👁 33 views

लद्दाख के करगिल जिले में अज्ञात लोगों की तरफ से मुहर्रम के बैनर और दूसरे धार्मिक प्रतीकों का कथित तौर पर अपमान करने और उन्हें शहर से गुजरने वाली सुरू नदी में फेंकने के बाद गुस्सा और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है.

क्या है पूरा मामला? 

1 मुहर्रम को हरदास थांग पुल पर झंडे, बैनर, पवित्र धार्मिक झंडे (अलम-ए-हुसैन) और दूसरे धार्मिक प्रतीक लगाए गए थे. 17 और 18 जून की रात को अज्ञात शरारती तत्वों ने इनका अपमान किया और अगली सुबह स्थानीय लोगों ने इन्हें बरामद किया. जैसे ही शहर में इस कथित अपमान की खबर फैली, बड़ी संख्या में निवासी विरोध में सड़कों पर उतर आए और दोषियों की पहचान करने और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की.

प्रशासन ने बुलाई इमरजेंसी बैठक

इस घटना के बाद, करगिल के चीफ एग्जीक्यूटिव काउंसलर (CEC) फिरोज खान ने - जो सिविल प्रशासन का प्रतिनिधित्व करते हैं - लद्दाख पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों और भारतीय सेना के साथ मिलकर, हरदास थांग पुल पर अलम-ए-हुसैन के अपमान के मामले पर स्थिति पर चर्चा करने के लिए धार्मिक प्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों के साथ तुरंत एक आपातकालीन बैठक बुलाई.

बैठक के दौरान, अधिकारियों ने बताया कि यह घटना अंधेरे की आड़ में ऐसे इलाके में हुई जहां CCTV कवरेज नहीं था. इससे स्थानीय लोगों का गुस्सा और बढ़ गया. उनका आरोप है कि मुहर्रम के महीने में जिले में सांप्रदायिक तनाव भड़काने की गहरी साजिश रची गई है.

स्रोत: ABP Hindi

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