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इस राज्य में SIR पर बवाल! मस्जिदों से लेकर BLO के घरों में भरवाए जा रहे फॉर्म? BJP ने लगाए गंभीर आरोप

✍️ Admin 📅 06 July, 2026 ⏰ 07:00 PM 👁 59 views

कर्नाटक में बीजेपी और उसके सहयोगी दलों ने एसआईआर में गड़बड़ी के गंभीर आरोप लगाये हैं. सोमवार (6 जुलाई) को केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी, एसडी कुमारस्वामी समेत कई एनडीए नेताओं ने कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखा है और राज्य में चल रहे SIR अभियान में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाया है.

शिकायत में कहा गया है कि बूथ लेवल अधिकारी (BLO) चुनाव आयोग के निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार अनिवार्य घर-घर जाकर वेरिफिकेशन की प्रक्रिया का पालन नहीं कर रहे हैं. आरोप है कि मतदाताओं का व्यक्तिगत सत्यापन करने के बजाय गणना Enumeration Forms, सामुदायिक भवनों, मस्जिदों और यहां तक कि कुछ BLO के घरों पर ही भरवाए जा रहे हैं.

NDA नेताओं ने SIR प्रक्रिया को लेकर लगाए गंभीर आरोप

एनडीए नेताओं ने दावा किया कि मतदाताओं को एसआईआर प्रक्रिया पूरी करने के लिए इन स्थानों पर बुलाने के लिए व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाए गए हैं. बीजेपी का कहना है कि यह चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का स्पष्ट उल्लंघन है और इससे मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं. शिकायत में यह भी कहा गया है कि कथित अनियमितताओं से जुड़े सबूत सोशल मीडिया पर साझा किए गए हैं और कुछ मीडिया संस्थानों ने भी इनकी रिपोर्टिंग की है.

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मुख्य निर्वाचन अधिकारी से की जांच की मांग

भाजपा का दावा है कि राज्य के विभिन्न हिस्सों से इसी तरह की शिकायतें लगातार मिल रही हैं. एनडीए ने आशंका जताई कि अगर ऐसी प्रक्रियागत चूक जारी रही तो मतदाता सूची की विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है, इसलिए NDA ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से आरोपों की तत्काल जांच कराने की मांग की है. साथ ही, सभी गणना प्रपत्रों का अनिवार्य घर-घर जाकर दोबारा सत्यापन कराने तथा आरोप सही पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की भी मांग की गई है.

पत्र में लिखा गया कि एसआईआर मतदाता सूची की विश्वसनीयता को मजबूत करने के लिए किया जाता है, लेकिन जिस तरह से बीएलओ यह प्रक्रिया चला रहे हैं, उससे इस संशोधन का मूल मकसद ही खत्म हो रहा है. इससे एक ऐसा इलेक्टोरल रोल बनेगा जो टिकाऊ नहीं रहेगा और जिस पर भरोसा नहीं किया जा सकता.

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स्रोत: ABP Hindi

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