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आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत बोले- नई पीढ़ी सवाल पूछती है

✍️ Admin 📅 25 July, 2026 ⏰ 09:03 AM 👁 56 views

इमेज स्रोत, Sonu Mehta/Hindustan Times via Getty Images राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि नई पीढ़ी सवाल पूछती है, उसे तर्क बताना पड़ता है. युवाओं पर मोहन भागवत का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब दिल्ली स्थित जंतर-मंतर और देश के कई इलाक़ों में छात्र और युवा प्रदर्शन कर रहे हैं. दिल्ली में आयोजित 'विश्व मंगल्य सभा' कार्यक्रम में शुक्रवार को मोहन भागवत ने कहा, "हम जब छोटे थे, तब माता-पिता जो कहते थे, उस पर कोई बहस नहीं करते थे. चुप यानी चुप." "लेकिन अब ऐसा नहीं है, नई पीढ़ी सवाल पूछती है, उसे तर्क बताना पड़ता है." उन्होंने कहा, आज की पीढ़ी को अधिक अपनापन देने की ज़रूरत है. उनके साथ समय बिताना होगा. उनसे बात करनी होगी. आजकल परिवारों के अंदर बातचीत बंद हो रही है. सब लोग मोबाइल में व्यस्त रहते हैं. गौरतलब है कि जंतर-मंतर पर पेपर लीक, परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग को लेकर युवा प्रदर्शन कर रहे हैं. इमेज स्रोत, Sakib Ali/Hindustan Times via Getty Images जंतर-मंतर के पास चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने नई दिल्ली समेत 18 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों पर आवाजाही बंद कर दी है. डीएमआरसी ने एक आधिकारिक सूचना में बताया कि 25 जुलाई (शनिवार) को सुबह 7:30 बजे से अगले आदेश तक ये 18 मेट्रो स्टेशन बंद रहेंगे. हालांकि, राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट पर इंटरचेंज की सुविधा मिलती रहेगी. ये मेट्रो स्टेशन अगले आदेश तक बंद- लोक कल्याण मार्ग, राजीव चौक, पटेल चौक, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, बाराखंबा रोड, सुप्रीम कोर्ट, सेवा तीर्थ, जनपथ, मंडी हाउस, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, आईटीओ, दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, ख़ान मार्केट, ज़ोर बाग़, शिवाजी स्टेडियम, झंडेवालान और नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन. इमेज स्रोत, Ukrainian President Zelensky रूस ने यूक्रेन पर हमले तेज़ कर दिए हैं. हाल में बड़ा हमला राजधानी किएव के पास शुक्रवार को आयोजित ड्रोन तकनीक प्रदर्शनी पर हुआ, जहां बैलिस्टिक मिसाइल हमले में 10 लोगों की जान चली गई. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने बताया कि इस हमले में लगभग 100 लोग घायल हुए. प्रदर्शनी में रक्षा क्षेत्र से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ मौजूद थे. रूस ने भी इस हमले की पुष्टि की है. रूसी रक्षा मंत्रालय का दावा है कि यहां ऐसे ड्रोन प्रदर्शित किए जा रहे थे, जिनका इस्तेमाल रूस के नागरिक ठिकानों पर हमलों के लिए किया जाता है. ज़ेलेंस्की ने शुक्रवार शाम चेतावनी देते हुए कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि रूस अगले 48 घंटे के भीतर एक और बड़े मिसाइल हमले की तैयारी कर रहा है. इस बीच, शुक्रवार को यूक्रेन ने भी रूस पर जवाबी हमला किया. रूस के किरोव शहर में हुए हमले में छह लोगों की मौत हो गई, जबकि 26 लोग घायल हुए. यह शहर युद्ध मोर्चे से क़रीब 1,000 किलोमीटर से अधिक दूर स्थित है. यूक्रेन ने रूस की सबसे बड़ी ऑनलाइन रिटेल कंपनी वाइल्डबेरीज़ के गोदामों को भी निशाना बनाया. इमेज स्रोत, David Talukdar/NurPhoto via Getty Images केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के एक बयान को लेकर विपक्ष ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. गुरुवार को सीतारमण ने कहा था कि कुछ छात्रों ने पेपर लीक की घटना का फ़ायदा उठाकर ज़्यादा मेहनत की. उनके इस बयान पर कांग्रेस, कॉकरोच जनता पार्टी और झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) समेत कई दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. दरअसल, सीतारमण ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, "अगर सरकार ने समय पर कार्रवाई नहीं की होती, समय पर गिरफ़्तारियां नहीं हुई होतीं, समय पर दोबारा परीक्षा नहीं हुई होती और घटना के बाद समय पर नतीजे घोषित नहीं किए गए होते, तो आज युवा उन संस्थानों में दाख़िला लेने की स्थिति में नहीं होते, जहां उन्हें आगे की पढ़ाई करनी है. उन्होंने कहा, "यह सब हो रहा है और कुछ युवा खुद सामने आकर कह रहे हैं कि हां, जब पेपर लीक हुआ था तो मुझे दुख हुआ था, लेकिन बाद में मैंने इसका फ़ायदा उठाया और ज़्यादा मेहनत से तैयारी की. मेरी परफ़ॉर्मेंस बेहतर हुई और मैंने अच्छा किया. ऐसे भी युवा हैं जिन्होंने इस चुनौती का सामना किया और इससे निकलकर अच्छी सफलता हासिल की." वित्त मंत्री के इस बयान के बाद कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे असंवेदनशील और ग़ैर-जिम्मेदाराना क़रार दिया. कांग्रेस ने अपने पोस्ट में लिखा, "जिस पेपर लीक ने 21 से अधिक बच्चों की जान ले ली, जिसके ख़िलाफ़ लाखों युवा आंदोलन कर रहे हैं, उसी के फ़ायदे सरकार गिना रही है. यह बयान इस बात का सबूत है कि मोदी सरकार पेपर लीक रोकने को लेकर गंभीर नहीं है. इन लोगों ने देश की शिक्षा व्यवस्था का कबाड़ा कर दिया है." आम आदमी पार्टी ने कहा, "मैडम वित्त मंत्री को परिचय की आवश्यकता नहीं है. वह फिर से लौट आई हैं- इस बार पेपर लीक होने के फायदों के बारे में बता रही हैं." झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) ने भी सीतारमण के बयान की आलोचना की. पार्टी ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा, "पेपर लीक एक विकराल रूप धारण कर चुका कैंसर है. झारखंड की हेमंत सरकार इस कैंसर का सर्वनाश कर रही है, मगर बीजेपी कहती है कि पेपर लीक के अपने फ़ायदे हैं." वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने तंज कसते हुए कहा, "इस तर्क के हिसाब से तो देश में सारे पेपर लीक होने चाहिए." इमेज स्रोत, Abdul BASIT / AFP via Getty Images पाकिस्तान के ख़ैबर पख़्तूनख़्वा प्रांत के टांक ज़िले में सेना और पुलिस की संयुक्त चौकी 'मांझी खेल' पर गुरुवार रात को चरमपंथियों के हमले में 12 सैन्यकर्मियों समेत 15 लोगों की मौत हो गई. मृतकों में दो पुलिसकर्मी और वन विभाग का एक अधिकारी भी शामिल हैं. हमले के बाद सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में 12 चरमपंथी भी मारे गए. पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग इंटर-सर्विसेज़ पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) के मुताबिक़, पहले आतंकियों ने चौकी की सुरक्षा व्यवस्था को भेदने की कोशिश की, लेकिन सुरक्षा बलों ने उनकी ये कोशिश नाकाम कर दी. इसके बाद भाग रहे चरमपंथियों का पीछा कर उन्हें निशाना बनाया गया, जिसमें 12 आतंकी मारे गए. आईएसपीआर के अनुसार, शुरुआती कोशिश विफल होने के बाद आतंकियों ने विस्फोटकों से भरी एक गाड़ी चौकी की दीवार से टकरा दी. भीषण विस्फोट में चौकी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और 15 लोगों की जान चली गई. बीबीसी के संवाददाता अज़ीज़ुल्लाह ख़ान के मुताबिक़, धमाके में मांझी खेल चौकी पूरी तरह तबाह हो गई. हमले में घायल सुरक्षाकर्मियों को तुरंत नज़दीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया. घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. ज़िला प्रशासन ने पूरे टांक ज़िले में धारा 144 लागू करते हुए लोगों से बिना ज़रूरत घरों से बाहर नहीं निकलने की अपील की है. आईएसपीआर ने बताया कि इलाक़े में तलाशी अभियान जारी है. बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा. कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. बीबीसी न्यूज़ हिन्दी पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए उनके साथ दिए गए लिंक पर क्लिक करें. - जंतर-मंतर प्रदर्शन: जेएनयू और डीयू की स्टूडेंट्स को नसीहत पर विवाद, क्या कह रहे हैं जानकार? - पीएम मोदी के आधी रात वाले इंस्टाग्राम वीडियो के राजनीतिक संकेत क्या हैं? - 'वक़्त बर्बाद मत कीजिए' वाले बयान पर सीजेआई बोले- कोई याचिका दायर नहीं हुई, रिपोर्टिंग ग़ैर-ज़िम्मेदाराना - धर्मेंद्र प्रधान का सियासी सफ़र: कभी पेपर लीक के ख़िलाफ़ प्रदर्शन, अब इस्तीफ़े की मांग

स्रोत: BBC Hindi

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