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राहुल गांधी के संसद में दिए गए भाषण पर हंगामा, बीजेपी ने बताया असंसदीय

✍️ Admin 📅 29 July, 2026 ⏰ 02:57 PM 👁 58 views

लोकसभा में बुधवार को भी पेपर लीक से जुड़े 'पब्लिक एग्ज़ामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' पर चर्चा जारी है. मंगलवार को जहां कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी के बयान पर काफ़ी हंगामा हुआ वहीं बुधवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बयान की चर्चा है. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को पेपर लीक के मुद्दे पर अपनी बात रखी. उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत में ही कुछ युवा स्टूडेंट्स का ज़िक्र करते हुए एक शब्द का इस्तेमाल किया, जिसे बीजेपी ने असंसदीय बताया. बीजेपी सांसद किरेन रिजिजू ने इस शब्द पर आपत्ति जताते हुए अनुरोध किया कि वो इस शब्द का इस्तेमाल न करें. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा अध्यक्ष से इस शब्द को संसदीय कार्यवाही से हटाने के लिए कहा. लोकसभा में अपने भाषण की शुरुआत करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि "मैं बहुत उत्साहित था, ये देखकर कि हमारे देश के भविष्य ने सड़कों पर क्या किया. यह गुस्सा नहीं था, हिंसा नहीं थी, नफ़रत नहीं थी. यह इस देश के युवाओं की, इस देश की आने वाली पीढ़ी की गहरी अभिव्यक्ति थी और मुझे लगता है कि सभी राजनीतिक पार्टियों को इस अभिव्यक्ति का सम्मान करना चाहिए, जिसमें बीजेपी में मेरे दोस्त भी शामिल हैं." "मुझे पूरा यक़ीन है कि अगर बीजेपी में मेरे दोस्त जाकर अपने बच्चों से पूछें कि उनके भाई-बहन जो कर रहे हैं, उसके बारे में उन्हें क्या लगता है, तो उन्हें अपने बच्चों में भी सहमति मिलेगी. जो हुआ है उसमें कुछ भी ग़लत नहीं है और हर भारतीय को गर्व होना चाहिए." राहुल गांधी ने कहा कि "मैंने सोचा में अगली पीढ़ी के लिए ये भाषण देने जा रहा हूं, तो मेरे भाषण की शुरुआत कहां से होनी चाहिए." देश - दुनिया की बड़ी ख़बरें जिन्होंने बटोरी सुर्खियां. "मुझे लगा कि एक अच्छा शुरुआती बिंदू युवा स्टूडेंट्स के साथ मेरी बातचीत का हिस्सा होना चाहिए." "मैंने एक युवा लड़की से पूछा कि आपने कहा आप स्टूडेंट हैं, इसका मतलब क्या है. उन्होंने मुझे बहुत ख़ूबसूरत जवाब दिया. उन्होंने कहा कि स्टूडेंट वो होता है जो खुले दिल का होता है, जो शुरुआत से ही ये स्वीकार कर लेता है कि उसे सबकुछ नहीं पता. वो मानता है कि ये यूनिवर्स लगातार बदल रहा है. स्टूडेंट ये भी समझता है कि नॉलेज भी बदलती रहती है. उस स्टूडेंट ने मुझे ये बताया." "मैंने उससे अगला सवाल किया कि तुमने स्टूडेंट को बहुत अच्छे से परिभाषित किया. तो उस छात्रा ने मुझसे कहा कि कुछ और भी लोग हैं. मैंने पूछा वो कौन हैं?" उन्होंने कहा, "ये वो लोग हैं जो मानकर चलते हैं कि उन्हें सब पता है, उनका मानना है कि यूनिवर्स स्थिर है. उन्हें लगता है कि नॉलेज उन्हीं के भीतर से आ रही है, वो खुद को ईश्वर मानते हैं. ये अहंकारी होते हैं, ये सुनते नहीं हैं किसी की, दूसरे के सच का सम्मान नहीं करते. मैंने पूछा आप इन लोगों को क्या कहती हैं." इस बयान के बाद उन्होंने उस शब्द का इस्तेमाल किया जिस पर सत्ता पक्ष ने आपत्ति जताई और उनके बयान को असंसदीय शब्द बताया. इसके बाद राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने ऐसा कुछ नहीं कहा है. राहुल गांधी के भाषण पर आपत्ति जताते हुए संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजीजू ने कहा, "जितने भी शब्द हैं, जो हम संसद में नहीं कह सकते वो हमने तय नहीं किए हैं. हम आपके भाषण को डिस्टर्ब नहीं करना चाहते हैं लेकिन जो शब्द आपने इस्तेमाल किया वो मत कीजिए. मेरा इतना ही अनुरोध है." हालांकि, इसके बाद राहुल गांधी से लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कई बार ये कहा कि वे अपनी बात रखें लेकिन अपनी सीट पर वापस बैठ चुके राहुल गांधी ने ये कहते हुए इनकार किया कि अध्यक्ष पहले हाउस को ऑर्डर में लाएं. इसके बाद राहुल गांधी उठे और उन्होंने कहा, "जैसे ही मैंने बोलना शुरू किया पूरा सत्ता पक्ष हंगामा करने लगा." जिसके बाद रिजिजू ने कहा, "मैं फिर से कहना चाहूंगा राहुल गांधी जी कि आप लीडर ऑफ़ अपोज़िशन हैं, हम बस ये कह रहे हैं कि आप असंसदीय शब्द न बोलें." इस पर राहुल गांधी ने कहा, "ये शब्द तब असंसदीय होता जब मैंने ये किसी सांसद के ख़िलाफ़ बोला होता. मैं बोलता हूं तो रिजिजू साहब खड़े हो जाते हैं." रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस शब्द पर आपत्ति जताते हुए लोकसभा अध्यक्ष से अनुरोध किया कि इस शब्द को कार्यवाही से निकाल दिया जाए. इसके साथ ही उन्होंने अपने पक्ष से कहा, "मैं आप सभी से अपील करना चाहता हूं कि आप शांत रहिए और उनकी बात सुनिए." देशभर के स्टूडेंट्स प्रदर्शन पर बोलते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाते हुए कहा, "गृह मंत्री अमित शाह ने स्टूडेंट्स पर गोली चलाने का आदेश दिया था." उन्होंने कहा, "मैं आज यह देखकर बहुत ख़ुश हूं देश के तथाकथित गृह मंत्री में हिम्मत नहीं हैं. गृह मंत्री के अंदर इतनी हिम्मत नहीं है कि वो सदन में आकर बैठें. मैंने देखा कि 30 कारों के काफ़िले में गृह मंत्री कांपते हुए बैठे हुए थे." "गृह मंत्री आज यहां क्यों नहीं है? गृह मंत्री यहां इसलिए नहीं हैं क्योंकि वो डरे हुए हैं. गृह मंत्री ने स्टूडेंट्स पर शूटिंग का आदेश दिया था. उनके ऊपर हमारे स्टूडेंट्स के ख़ून के धब्बे हैं. उन्होंने भारत के स्टूडेंट्स को गोली मारने का आदेश दिया था." लोकसभा स्पीकर ने इसमें दख़ल देते हुए कहा कि जिस बिल पर चर्चा है उससे जुड़े मंत्री यहां बैठे हुए हैं, गृह मंत्रालय का इससे कोई संबंध नहीं है. किरेन रिजीजू ने भी इस बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा कि राहुल गांधी गलत बात बोल रहे हैं और नेता प्रतिपक्ष होने के नाते गंभीरता से बात बोलनी चाहिए. राहुल गांधी के बयान पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने संसद के बाहर कहा, "कुछ लोगों का कोई इलाज हो ही नहीं सकता है जबकि कोई फ़ायरिंग हुई ही नहीं है और इतना बेबुनियाद और झूठा बयान विपक्ष के नेता सदन में दे रहे हैं जिसकी मैं निंदा करता हूं. राहुल गांधी जी के पास बोलने के लिए कुछ नहीं है क्योंकि उन्होंने डिबेट के संबंध और बिल के संबंध में कुछ नहीं बोला." पीयूष गोयल ने इन आरोपों को लेकर राहुल गांधी से सदन में देश से माफ़ी मांगने को कहा है. कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने कहा, "दिल्ली पुलिस पूरी तरह से केंद्रीय गृह मंत्रालय के कंट्रोल में है. दिल्ली पुलिस कमिश्नर किससे ऑर्डर लेते हैं? दिल्ली पुलिस कमिश्नर सिर्फ़ गृह मंत्रालय से ऑर्डर लेते हैं. गृह मंत्री खुद ज़िम्मेदार हैं इसीलिए वो सदन में नहीं आ रहे हैं. अगर राहुल गांधी ने ये आरोप लगाए हैं, तो आगे क्या रास्ता है? गृह मंत्री को सदन में आकर बताना चाहिए. आप विपक्ष के नेता को बोलने नहीं दे रहे हैं." बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित. 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स्रोत: BBC Hindi

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