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Death

बिहार: सहरसा में सत्यनारायण पूजा के बाद 100 से ज़्यादा लोग पड़े बीमार, सिविल सर्जन ने ये बताया

✍️ Admin 📅 09 August, 2026 ⏰ 09:00 AM 👁 53 views

बिहार के सहरसा ज़िले में सरडीहा गांव में सत्यनारायण पूजा के बाद सौ से ज़्यादा लोग बीमार पड़ गए. सहरसा के सिविल सर्जन राज नारायण प्रसाद ने बताया, "लोगों को उल्टी, दस्त और बुखार हो गया. उनके इलाज के लिए सबडिविज़न अस्पताल के प्रभारी, डॉक्टरों और अन्य स्टाफ़ के साथ पहुंचे. लोगों का इलाज हो रहा है और एक-दो बच्चों को ज़्यादा परेशानी हुई है तो उन्हें सदर अस्पताल ले गए हैं." उन्होंने बताया, "अलग-अलग घरों के लोग बीमार पड़े हैं तो पूरी गिनती नहीं हो पा रही है, लेकिन 100 से ज़्यादा लोग बीमार पड़े हैं. जांच के बाद ही पता चलेगा कि क्या हुआ था." स्थानीय ख़बरों के मुताबिक़, पूजा का प्रसाद खाने के बाद लोगों की तबीयत बिगड़नी शुरू हो गई. हालांकि सिविल सर्जन ने फ़िलहाल इस घटना के पीछे फ़ुड पॉइज़निंग की पुष्टि नहीं की है. एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने आईआईटी दिल्ली के कार्यक्रम में पीएम मोदी की मौजूदगी के दौरान 'कुछ निर्देशों' को लेकर सवाल खड़े किए हैं. शनिवार को आईआईटी दिल्ली के दीक्षांत समारोह में पीएम मोदी को मुख्य अतिथि के तौर पर बुलाया गया था. ओवैसी ने पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया, "मुझे अफ़सोस के साथ कहना पड़ रहा है कि मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ आईआईटी दिल्ली के स्टूडेंट्स से कहा गया कि जब वो पीएम से मिलेंगे तो उन्हें अपनी गर्दन कितनी झुकाकर रखनी है." ओवैसी ने आरोप लगाया, "मीडिया ने यह भी बताया है कि 'कहा गया कि जब वैदिक मंत्र पढ़े जाएंगे तो सबको खड़े होना पड़ेगा.' भारत के संविधान में स्पष्ट तौर पर लिखा है कि सरकारी शिक्षा संस्थानों में किसी भी तरह से धार्मिक चीजों को न तो पढ़ाया जा सकता है और ने ऐसा कुछ किया जा सकता है." असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि भारत का संविधान लोगों में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने को कहता है, लेकिन यह उसके विपरीत था. पीएम मोदी ने आईआईटी दिल्ली में अपने भाषण के दौरान बाबा बागेश्वर का भी ज़िक्र किया, जिसे लेकर अन्य लोग सवाल खड़े कर रहे हैं. पीएम मोदी ने कहा था, "...सारे स्टूडेंट्स इस कार्यक्रम में उपस्थित हैं, लेकिन मन के किसी कोने में कुछ और चल रहा होगा. मैं तो बाबा बागेश्वर नहीं हूं, लेकिन कुछ तो चलता होगा." पश्चिमी कनाडा के एक दूरदराज़ इलाक़े में तेजी से फैल रही जंगल की आग का दायरा दोगुना हो गया है. इसकी वजह से हज़ारों लोगों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा. बीसी वाइल्डफ़ायर सर्विस के मुताबिक, बाल्ड रेंज की आग अब ब्रिटिश कोलंबिया के समरलैंड और ओकानागन-सिमिलकामीन ज़िलों में 95 वर्ग किलोमीटर से ज़्यादा इलाक़े में फैल चुकी है. ओकानागन-सिमिलकामीन के क्षेत्रीय ज़िले की इमरजेंसी सेवा के अधिकारी एरिक थॉम्पसन ने कहा कि आग के लिहाज से संवेदनशील इस इलाक़े में उन्होंने इतनी जल्दी और इतनी बड़ी आग पहले फैलती नहीं देखी. इस इलाक़े में स्थानीय समय के मुताबिक़ शनिवार सुबह तक आग पर काबू नहीं पाया जा सका था. क़रीब बारह हज़ार की आबादी वाले समरलैंड ज़िले में लोगों को घर खाली करने का आदेश दिया गया. अधिकारियों ने शनिवार सुबह बताया कि पूरे इलाक़े में बिजली भी चली गई. आसपास के ओकानागन, पीचलैंड और ओकानागन-सिमिलकामीन ज़िलों ने भी कुछ इलाक़ों में लोगों को घर खाली करने के आदेश जारी किए हैं. कुछ अन्य इलाक़ों में लोगों को घर खाली करने की संभावना को देखते हुए तैयार रहने की चेतावनी दी गई है. बीबीसी हिंदी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता चंदन कुमार जजवाड़े अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा. कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. बीबीसी न्यूज़ हिन्दी पर मौजूद इन अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए इनके साथ दिए गए लिंक पर क्लिक करें. - यूपीआई पेमेंट को लेकर छिड़ी बहस, जानकार क्यों कह रहे अमेरिकी दबाव में बदला जा रहा क़ानून - एआई से पहली बार बने नए वायरस, मानवता के लिए कितनी बड़ी उपलब्धि और कितनी ख़तरनाक है यह? - गिलगित-बल्तिस्तान में सिंधु नदी से सोना निकालने वाली भारी मशीनों से क्यों डरे हुए हैं लोग? - प्रयागराज छात्र आंदोलन: पुलिस ने कहा 'गिरफ़्तार लोगों में कोई छात्र नहीं', बीबीसी की पड़ताल में परिवारों ने दिखाए पढ़ाई के दस्तावेज़

स्रोत: BBC Hindi

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