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Death

इस देश में सोने की खदान धंसी, 100 से ज़्यादा लोगों की मौत

✍️ Admin 📅 20 August, 2026 ⏰ 09:04 AM 👁 48 views

सेंट्रल अफ़्रीकन रिपब्लिक (सीएआर) के पश्चिमी हिस्से में, कैमरून की सीमा के पास एक सोने की खदान में भूस्खलन होने से 100 से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई है. एक स्थानीय अधिकारी ने बीबीसी को यह जानकारी दी. सामने आए वीडियो में खदान का एक हिस्सा लोगों के ऊपर गिरता दिखाई दे रहा है. इस दौरान कुछ लोग अपनी जान बचाने के लिए भागते नज़र आए. कैमरून की सीमा से लगे शहर गरुआ-बुलाई के मेयर अदमो अब्दोन ने बीबीसी को बताया कि यह हादसा मंगलवार दोपहर हुआ. घटना के बाद राहत और बचाव अभियान जारी है और अधिकारियों को आशंका है कि मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है. अभी यह साफ नहीं है कि खदान में भूस्खलन किस वजह से हुआ. अब्दोन ने बताया कि अब तक 107 शव मलबे से निकाले जा चुके हैं. हादसे में बचे एक खनिक सेड्रिक मबांगो ने एएफ़पी को बताया, "ज़मीन पूरी तरह धंस गई और लोग मलबे में दब गए. मेरे आपसे बात करने के वक्त भी कुछ लोग अभी मलबे में फंसे हुए हैं." कैमरून के ईस्ट रीजन के गवर्नर के मुताबिक, मारे जाने वालों में कम से कम तीन लोग कैमरून के नागरिक थे. उनके शव अंतिम संस्कार के लिए वापस कैमरून भेजे जा रहे हैं. वहीं, घायलों के इलाज के लिए भी इंतज़ाम किए जा रहे हैं. एएफ़पी के मुताबिक, घायलों और हादसे में बचे लोगों को खदान से करीब 50 किलोमीटर दूर सीएआर के बाबुआ शहर के अस्पताल ले जाया जा रहा है. स्थानीय मीडिया के अनुसार, अधिकारियों ने हादसे की वजह पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है. बाबुआ के सरकारी अभियोजक के हवाले से बताया गया है कि शुरुआती तौर पर माना जा रहा है कि खदान के अंदर कई सुरंगें धंसने की वजह से यह हादसा हुआ. इस इलाक़े में छोटे स्तर पर पारंपरिक तरीके से खनन बड़ी संख्या में परिवारों की कमाई का मुख्य जरिया है. लेकिन यहां काम करने की परिस्थितियां खराब हैं और खनिकों को स्वास्थ्य और पर्यावरण से जुड़े कई खतरों का सामना करना पड़ता है. खदानों का धंसना और भूस्खलन इस इलाक़े में असामान्य नहीं है. अक्सर खदानों के गड्ढों को ठीक से बंद नहीं किया जाता और तेज बारिश के कारण मिट्टी कमज़ोर पड़ जाती है, जिससे ऐसे हादसों का खतरा बढ़ जाता है. इमेज स्रोत, AFP via Getty Images रूस की ओर से रातभर किए गए मिसाइल हमलों में यूक्रेन की राजधानी कीएव और आसपास के इलाक़ों में कम से कम 5 लोगों की मौत हो गई है. हमलों में कम से कम 23 लोग घायल हुए हैं. यूक्रेन की स्टेट इमरजेंसी सर्विस (डीएसएनएस) ने बताया कि गुरुवार को बड़े पैमाने पर किए गए हमले में इमारतों और गोदामों को निशाना बनाया गया. हमलों के बाद राहत और बचाव दल मलबे में फंसे लोगों को निकालने में जुटे हैं. बचावकर्मी अब तक एक व्यक्ति को मलबे से ज़िंदा निकाल चुके हैं. इस बीच, रूस के यूक्रेन पर हमलों के बीच पोलैंड की सेना ने “एहतियाती सैन्य विमान अभियान” शुरू करने का ऐलान किया है. कीएव के मेयर विताली क्लिट्स्को ने बताया कि रात के हमलों में एक बच्चों का अस्पताल भी क्षतिग्रस्त हुआ है. अस्पताल की खिड़कियां टूट गईं और आसपास कई कारों में आग लग गई. मेयर के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिमी कीव के सोलोमियांस्की ज़िले में स्थित एक औद्योगिक इलाक़े को भी मिसाइलों से निशाना बनाया गया. वहीं, कीएव क्षेत्र के ब्रोवरी ज़ेले में हुए एक हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई और एक अन्य घायल हो गया. क्षेत्रीय गवर्नर तिमुर तकाचेंको ने इसकी जानकारी दी. क्षेत्रीय प्रशासन ने रात में ही लोगों को सुरक्षित जगहों पर जाने की चेतावनी जारी कर दी थी. प्रशासन ने कहा था कि इलाक़े में हवाई सुरक्षा अभियान चलाए जा सकते हैं. रातभर क्षेत्रीय अधिकारियों की ओर से मिसाइल हमलों को लेकर लगातार नए अलर्ट जारी किए जाते रहे. कीनिया में बुधवार को हुए एक हेलीकॉप्टर क्रैश में इक्वाडोर के इंटेलिजेंस चीफ़ और उनकी पत्नी की मौत हो गई. हादसे में पांच अमेरिकी नागरिकों समेत कुल सात लोगों की जान गई है. अमेरिकी विदेश विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि हादसे में पांच अमेरिकी नागरिक भी मारे गए हैं. इक्वाडोर के इंटेलिजेंस चीफ़ मिशेल सेंसी कॉन्टोगी और उनकी पत्नी स्टेफनी होलिहान उन सात लोगों में शामिल थे, जिनकी मौत सांबुरु काउंटी में हुई. कीनिया सिविल एविएशन अथॉरिटी के मुताबिक, हेलीकॉप्टर लुईसाबा के एक संरक्षित वाइल्डलाइफ़ इलाक़े से इवासो न्यीरो नदी की तरफ एक हवाई यात्रा पर निकला था. इवासो न्यीरो कीनिया के कई इलाक़ों से होकर बहने वाली एक प्रमुख नदी है. अथॉरिटी ने बताया कि कीनिया के परिवहन मंत्रालय और एयर एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन विभाग हादसे की जांच करेंगे. जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि हेलीकॉप्टर किस वजह से हादसे का शिकार हुआ और इसके पीछे की पूरी परिस्थितियां क्या थीं. इमेज स्रोत, REUTERS/Nathalia Angarita बीबीसी न्यूज़ को मिली जानकारी के मुताबिक, ड्यूक और डचेस ऑफ़ ससेक्स प्रिंस हैरी और मेगन मर्केल अमेरिका से ब्रिटेन वापस लौटने की तैयारी कर रहे हैं. डेली टेलीग्राफ और द सन की रिपोर्ट के बाद सामने आई जानकारी के मुताबिक, हैरी और मेगन इसी महीने के आखिर में लंदन के बाहर एक प्राइवेट, गैर-शाही घर में शिफ्ट होने वाले हैं. उनके दोनों बच्चे, 7 साल के प्रिंस आर्ची और 5 साल की प्रिंसेस लिलिबेट का सितंबर से ब्रिटेन के एक स्कूल में दाखिला कराया गया है. बताया जा रहा है कि किंग चार्ल्स को रविवार को इस फैसले की जानकारी दी गई. हालांकि, फिलहाल प्रिंस हैरी या मेगन के दोबारा शाही परिवार के कामकाजी सदस्य यानी वर्किंग रॉयल्स के तौर पर अपनी भूमिका शुरू करने की कोई योजना नहीं है. इस साल जुलाई में हैरी, मेगन और उनके बच्चे किंग चार्ल्स से उनके हाईग्रोव स्थित घर पर मिले थे. हालांकि, समझा जाता है कि उस मुलाक़ात के दौरान ब्रिटेन वापस लौटने की योजना पर कोई चर्चा नहीं हुई थी. बीबीसी के मुताबिक, किंग चार्ल्स को पिछले हफ़्ते के आखिर तक इस फैसले की जानकारी नहीं थी. हालांकि, वो निजी और पारिवारिक तौर पर ससेक्स परिवार के साथ ज्यादा समय बिताने का मौका मिलने का स्वागत कर रहे हैं. लेकिन हैरी और मेगन की आधिकारिक स्थिति में कोई बदलाव नहीं होगा. दोनों आगे भी शाही परिवार के कामकाजी सदस्यों के बजाय निजी नागरिकों के तौर पर ही रहेंगे. प्रिंस विलियम और प्रिंसेस कैथरीन को भी हैरी और मेगन के ब्रिटेन लौटने की योजना के बारे में जानकारी दे दी गई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के ख़िलाफ़ एक “अभूतपूर्व और बेहद कड़ा आर्थिक अभियान” शुरू करने का एलान किया है. ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि उन्होंने ईरान को समझौते के लिए सबसे ज़्यादा मौका दिया, लेकिन ईरान इसका फ़ायदा उठाने में नाकाम रहा. उन्होंने कहा, “आज मैं किसी भी देश के ख़िलाफ़ अब तक की सबसे कड़ी आर्थिक कार्रवाई का एलान कर रहा हूं. यह बड़े स्तर पर आर्थिक युद्ध और ईरान को अलग-थलग करने की मुहिम होगी.” ट्रंप ने पहले के अपने बयानों को दोहराते हुए कहा कि ईरान की सैन्य और आर्थिक ताकत को कमज़ोर किया जाएगा. उन्होंने चेतावनी दी कि जो भी देश अपने वित्तीय संस्थानों, कारोबार, एयरपोर्ट या सरकारी एजेंसियों के जरिए ईरान को किसी भी तरह की आर्थिक मदद देगा, उसे भी भारी आर्थिक नुक़सान उठाना पड़ेगा. ट्रंप ने खास तौर पर तेल की तस्करी, तेल टैंकरों की अदला-बदली, नकदी के जरिए पैसे भेजने, मनी एक्सचेंज कंपनियों के इस्तेमाल और जहाजों को फ़र्जी कंपनियों के नाम पर रजिस्टर करने जैसी गतिविधियों का ज़िक्र किया. अपने बयान के आखिर में ट्रंप ने इस अभियान की तुलना द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान नॉर्मंडी में अमेरिकी सैनिकों की लैंडिंग से की. उन्होंने अमेरिका के सहयोगी देशों से अपील की कि वे ईरान से पैदा होने वाले ख़तरे को खत्म करने के लिए अमेरिका का साथ दें. ट्रंप ने इस पूरी कार्रवाई को “ऐतिहासिक कदम” बताया है. बीबीसी हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता अरशद मिसाल अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा. कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. बीबीसी न्यूज़ हिन्दी पर मौजूद इन अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए इनके साथ दिए गए लिंक पर क्लिक करें. - कश्मीर पर सर्जियो गोर के बयान के बाद पाकिस्तान ने अमेरिकी राजनयिक को किया तलब, क्या कहा? - शहज़ाद भट्टी कौन है जिसके नेटवर्क का नाम अमित शाह और एनआईए ने लिया है - 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स्रोत: BBC Hindi

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