पूर्ण संस्करण देखें
⚡ AMP पेज | पूर्ण वेबसाइट देखें
Death

नेपाल: शवों को रखने के लिए हॉस्पिटलों में जगह नहीं, महामारी की आशंका

✍️ Admin 📅 29 August, 2026 ⏰ 06:59 AM 👁 10 views

इमेज स्रोत, Subaas Shrestha/NurPhoto via Getty Images नेपाल में बुधवार को आई विनाशकारी बाढ़ के बाद लापता लोगों की तलाश में सुरक्षाकर्मी लगातार जुटे हुए हैं. इस दौरान बाढ़ प्रभावित अलग-अलग जगहों पर मिले शवों से महामारी फैलने का ख़तरा बढ़ गया है. चितवन के मुख्य ज़िला अधिकारी गणेश आर्याल ने कहा कि खोज और बचाव अभियान जारी रहने के कारण शवों का प्रबंधन करना एक चुनौती बन गया है. उन्होंने बताया कि अब तक केवल चितवन में 178 शव मिले हैं. इनमें से 74 पुरुष और 41 महिलाएं, जबकि आठ बच्चों में छह लड़के और दो लड़कियां हैं. उन्होंने कहा, "गुरुवार को मिले अधिकांश शव सड़ने लगे थे, जिससे महामारी फैल सकती है. इसे रोकने के लिए शवों के प्रबंधन (उचित व्यवस्था) की चुनौती और बढ़ जाती है." इमेज स्रोत, Prakash MATHEMA / AFP via Getty Images उन्होंने बताया कि वे इस मामले में आगे की कार्रवाई के लिए केंद्र के साथ बातचीत कर रहे हैं. इस बीच चितवन के अस्पताल में शव रखने की जगह न होने के कारण शवों को एक सरकारी दफ़्तर में रखा जा रहा है. उस इलाक़े में मौजूद बीबीसी संवाददाता ईश्वर जोशी, ने बताया कि शवों से दुर्गंध आने लगी है. उन्होंने कहा, "मैं अभी उस कमरे के सामने हूँ जो शवों की पहचान के लिए है. शव सड़ने की अवस्था में हैं, इसलिए दुर्गंध आ रही है." नेपाल की नेशनल डिज़ास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (एनडीआरआरएमए) ने बताया है कि भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ से शुक्रवार शाम तक 579 शव बरामद किए जा चुके हैं. अधिकारियों का कहना है कि अब तक क़रीब 4000 लोगों को बचाया जा चुका है. एनडीआरआरएमए की ओर से शुक्रवार देर शाम को दिए गए एक ताज़ा अपडेट में अथॉरिटी ने कहा है कि नेपाल में लापता लोगों की संख्या बढ़कर हज़ारों हो गई है. यहां लापता लोगों में नेपाली और विदेशी पर्यटक शामिल हैं, जिनमें पुलिस, सेना, सशस्त्र पुलिस बल, सीमा शुल्क और इमिग्रेशन कार्यालयों के कर्मचारी भी शामिल हैं. नेपाल आए लापता विदेशी नागरिकों की संख्या 517 है. नेपाल के गृह मंत्रालय ने कहा है कि मृतकों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए शवों के प्रबंधन के तरीक़े को लेकर संबंधित ज़िलों के साथ समन्वय किया जा रहा है. गृह मंत्रालय के उप प्रवक्ता रमा आचार्य सुबेदी ने बीबीसी को बताया, "रसुआ, नुवाकोट, धाडिंग, गोरखा, चितवन और नवलपरासी में शवों का मिलना जारी है, ऐसे में इस बात पर चर्चा चल रही है कि शवों का प्रबंधन संबंधित ज़िलों में ही किया जाए या उन्हें केंद्र में लाया जाए." सुबेदी ने कहा, "जहाँ कहीं भी शव मिले हैं और जिनका प्रबंधन करना ज़रूरी है, उनके प्रबंधन के तरीक़े को लेकर बातचीत चल रही है." "प्रबंधन प्रक्रिया में तेज़ी लाने की बात चल रही है. हम फ़िलहाल इस मुद्दे पर अथॉरिटी में चर्चा कर रहे हैं." महामारी विज्ञान और रोग नियंत्रण विभाग ने कहा है कि प्रभावित ज़िलों में मिलने वाले शवों की बढ़ती संख्या महामारी को समाप्त करने में एक चुनौती पेश करती है. विभाग के निदेशक डॉक्टर अनुज भट्टाचन ने कहा कि शव की स्थिति और पहचान होने तक उन्हें ऐसी जगह पर रखना ज़रूरी है, जहाँ हवा में नमी हो, जो कि बड़ी चुनौती है." उन्होंने कहा कि शवों को ऐसी जगह रखना और एक साथ बड़ी संख्या में शवों का आना, जबकि क्षमता सीमित है, यह सब चुनौतियों को बढ़ा रहा है. उन्होंने कहा, " यह भी एक वजह थी कि धाडिंग में मिले शवों को काठमांडू, पोखरा भेजना पड़ा. दूसरी ओर, कई शव क्षतिग्रस्त हैं और उन्हें पहचान के लिए लंबे समय तक रेफ्रिजरेटर में रखना चुनौतीपूर्ण हो जाता है." बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित. BBC World Service के नए ऐप को डाउनलोड करें BBC News हिन्दी को चुनें और पाइए न्यूज़ अलर्ट, लाइव टीवी, पॉडकास्ट... सब एक जगह कृपया नोट करें: नया ऐप ब्रिटेन और अमेरिका में उपलब्ध नहीं है.

स्रोत: BBC Hindi

📤 शेयर करें: