'ज्यादातर कैदी अपने हालात...', चेन्नई सेंट्रल जेल का निरीक्षण कर क्या बोले CM विजय
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने शुक्रवार को चेन्नई की पुझल सेंट्रल जेल के कैदियों से मुलाकात की. कई कैदियों से उन्होंने बातचीत की. इसके बाद मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वे कैदियों को उनकी रुचि के अनुसार सुधार, शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण के मौके दें.
विजय ने कैदियों के पढ़ने के महत्व पर भी जोर दिया और अधिकारियों से कहा कि वे यह पक्का करें कि कैदियों को पर्याप्त किताबें मिलें. जेल के एक अधिकारी ने बताया कि विजय कैदियों के प्रति सहानुभूति रखते हैं. अधिकारी ने कहा, "उन्होंने कहा कि ज़्यादातर कैदी अपनी परिस्थितियों की वजह से वहां थे. उन्होंने अनजाने में हुई गलती और जानबूझकर किए गए गलत काम के बीच फर्क बताया और हमसे कहा कि हम कैदियों के सुधरने के लिए मौके बनाएं."
जेल परिसर का निरीक्षण
मुख्यमंत्री ने जेल के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ जेल परिसर के उन तीन हिस्सों का निरीक्षण किया, जहां विचाराधीन कैदी, सज़ा-याफ़्ता कैदी और महिला कैदी रखे हैं. उन्होंने कुछ कैदियों से वहां की सुविधाओं के बारे में पूछा. उन्होंने जेल की रसोई का दौरा किया और खाने की भी जांच की, जिसके बाद वे कपड़े रखने की जगह और चिकित्सा सुविधाओं का निरीक्षण करने लगे.
यह दौरा विधानसभा में जेल विभाग की ग्रांट की मांग पर चर्चा के बाद हुआ. सरकार ने जेल कर्मचारियों के लिए अतिरिक्त बॉडी कैमरे मंजूर किए थे और उनके लिए सिलाई भत्ता (स्टिचिंग अलाउंस) भी शुरू किया था. जेल विभाग के आंकड़ों के अनुसार तमिलनाडु की 125 जेलों (जिनमें 9 सेंट्रल जेलें शामिल हैं) उनमें 23,608 कैदी बंद हैं. इनमें से 2,076 अनपढ़ हैं, 323 पोस्ट-ग्रेजुएट हैं और 1,317 ग्रेजुएट हैं.
कैदियों द्वारा निर्मित उत्पादों की समीक्षा
इन सबके अलावा सीएम विजय ने व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र में कैदियों द्वारा निर्मित उत्पादों की समीक्षा की, जिनमें सब्जियां रखने के लिए लोहे के रैक, कागज के कवर और कार्यालय फाइल बोर्ड शामिल थे. उन्होंने हथकरघा और सिलाई अनुभागों में निर्मित उत्पादों का भी निरीक्षण किया और कैदियों को परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता जांची.
स्रोत: ABP Hindi