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Death

प्रेमी जोड़ा जानना चाहता था कहीं वो भाई-बहन तो नहीं, फिर सामने आए जवाबों ने चौंका दिया

✍️ Admin 📅 30 August, 2026 ⏰ 05:19 PM 👁 15 views

इमेज स्रोत, Courtesy of Audrey and Arthur Kermalvezen स्पर्म डोनर से पैदा हुए आर्थर केरमाल्वेज़ेन कई सालों तक जहां भी जाते थे, उन्हें हर जगह अपने संभावित पिता नज़र आते थे. उनका कहना है, "मैं सोचता था कि शायद वह मेरे शिक्षक हो सकते हैं, बस में दिखाई देने वाले लोग हो सकते हैं और मैं बहुत ग़ुस्से में था क्योंकि इस तरह जीना संभव नहीं है." जब बड़े होने के बाद उन्हें पेरिस की एक अन्य स्पर्म डोनर से पैदा हुई महिला ऑड्री से प्यार हो गया, तो यह सवाल और भी गंभीर हो गया. ऑड्री साल 2010 में डोनर से पैदा हुए लोगों के अधिकारों के लिए काम करने वाले कार्यकर्ताओं की एक सभा में आर्थर से पहली मुलाक़ात को "पहली नज़र में प्यार" बताती हैं, लेकिन क्या यह जुड़ाव रोमांटिक था या आनुवंशिक आकर्षण? जब उनका जन्म हुआ था, तब पेरिस में सिर्फ़ दो स्पर्म बैंक थे और कई पुरुषों ने एक से ज़्यादा बार डोनेशन किया था, इसलिए उनके सौतेले भाई-बहन होने की वास्तविक संभावना थी. साथ में ज़िंदगी शुरू करने से पहले आर्थर और ऑड्री को यह जानना ज़रूरी था कि क्या वे आपस में रिश्तेदार हैं. लेकिन फ्रांस में जेनेटिक टेस्ट और डोनर की पहचान गुप्त रखने से जुड़े क़ानूनों के कारण इसका जवाब तलाशना बेहद मुश्किल था. फ्रांस में केवल कोई रिसर्च साइंटिस्ट, डॉक्टर या जज ही जेनेटिक टेस्ट का आदेश दे सकता है और उसकी निगरानी कर सकता है, और घर पर इस्तेमाल होने वाली टेस्टिंग किट रखने पर लोगों पर 3,500 यूरो से ज़्यादा का ज़ुर्माना लगाया जा सकता है. इस वजह से 23एंडमी, एनसेस्ट्री और मायहेरिटेज जैसी कंपनियां फ्रांस में अपनी टेस्टिंग किट उपलब्ध नहीं कराती हैं. साल 1994 से लागू इस क़ानून के समर्थकों का कहना है कि यह संवेदनशील जेनेटिक डेटा को व्यावसायिक कंपनियों के हाथों में जाने से रोकता है और अगर कोई नतीजा उम्मीद के विपरीत आए तो इससे पारिवारिक विवाद शुरू न हो. लेकिन आर्थर बताते हैं कि फ्रांस यूरोप का एकमात्र देश है जहां इस तरह के टेस्ट के इस्तेमाल को अपराध माना जाता है. वयस्क होने पर अपने माता-पिता से यह बताने से पहले भी कि वह डोनर से पैदा हुई थीं, ऑड्री वकील बन चुकी थीं और बायोएथिक्स क़ानून में की एक्सपर्ट थीं. इस वजह से वह पूरी तरह समझती थीं कि फ्रांस के क़ानून ने डोनर की पहचान गुप्त रखने की गारंटी दी थी, यहां तक कि डोनर की मौत के बाद भी. लेकिन ऑड्री साल 1979 में गर्भ में आई थीं, जब इस तरह का कोई क़ानून नहीं था. इमेज स्रोत, Courtesy of Audrey and Arthur Kermalvezen साल 1994 से पहले डोनर की मदद से जन्मे लोगों की खोज करते समय, ऑड्री की मुलाक़ात आर्थर से हुई. उन्होंने एक किताब लिखी थी जिसमें उन्होंने अपनी बायोलॉजिकल जन्मदाता के बारे में अधिक जानने की अपनी इच्छा का विस्तार से ज़िक्र किया. ऑड्री कहती हैं कि वह इस बात से बेहद प्रभावित हुईं कि उन्होंने कितनी सटीकता से उन भावनाओं को व्यक्त किया जिन्हें वह ख़ुद व्यक्त करने में संघर्ष कर रही थीं. दोनों के परिवार प्यार करने वाले थे, फिर भी दोनों उन अज्ञात लोगों के बारे में जानने के लिए उत्सुक थे जिन्होंने उनके परिवार को बनाने (आगे बढ़ाने) में मदद की थी. जब वे आमने-सामने मिले तो उनके बीच तुरंत ही आकर्षण पैदा हो गया और समस्या भी वहीं से शुरू हो गई. अपनी निस्वार्थ (प्लेटोनिक) दोस्ती से रोमांटिक रिश्ते की ओर बढ़ने और यहां तक कि साथ में ज़िंदगी बनाने से पहले उन्हें अपने पिताओं के बारे में सच्चाई जाननी थी. लेकिन कोई भी ज़िम्मेदार अधिकारी उन्हें यह बताने को तैयार नहीं था. देश - दुनिया की बड़ी ख़बरें जिन्होंने बटोरी सुर्खियां. कई महीनों की तलाश के बाद उन्हें दक्षिणी फ्रांस में एक डॉक्टर मिला, जिसने 900 यूरो (1,028 डॉलर) की नक़द रकम लेकर जेनेटिक टेस्ट किया और पाया कि वे आपस में रिश्तेदार नहीं हैं. लेकिन उनकी बेचैनी बनी रही क्योंकि डॉक्टर उन्हें यह नतीजा बताकर क़ानून तोड़ रहा था. ऑड्री कहती हैं, "हमें चिंता थी कि कहीं वह कोई ठग तो नहीं है." उन्होंने नतीजे की पुष्टि करने के लिए घर पर इस्तेमाल होने वाली टेस्टिंग किट का इस्तेमाल करने पर विचार किया, लेकिन वकील होने के नाते ऑड्री क़ानून के दायरे में रहकर काम करने के लिए दृढ़ थीं. इसलिए 2010 से उन्होंने फ्रांस की व्यवस्था को चुनौती देने के लिए क़ानूनी लड़ाइयों की एक श्रृंखला शुरू की. जीवित है या नहीं और अगर जीवित है, तो क्या वह अब भी अपनी पहचान गुप्त रखना चाहता है. क्या वह इस बारे में ऐसी जानकारी हासिल कर सकती थीं, जिससे उसकी पहचान सामने न आए, जैसे उसने कितनी बार डोनेशन किया था और क्या आर्थर उनके सौतेले भाई-बहनों में से एक हो सकते थे? तीन साल की क़ानूनी लड़ाइयों के बाद इस जोड़े ने 'जोखिम भरा कदम' उठाया और शादी कर ली. साल 2015 में फ्रांस की सर्वोच्च प्रशासनिक अदालत ने ऑड्री की अंतिम अपील ख़ारिज कर दी. इमेज स्रोत, Courtesy of Audrey Kermalvezen फ्रांस के क़ानून के तहत मेडिकल प्रोफे़शनल अपने मरीज़ों के बारे में जानकारी जुटा सकते हैं, लेकिन उन्हें यह जानकारी मरीज़ों के साथ साझा करने की अनुमति नहीं है. डॉक्टर ने पाया कि उनके डोनरों का जन्म अलग-अलग साल में हुआ था और इसलिए वे एक ही व्यक्ति नहीं हो सकते थे. यह उनकी ज़िंदगी बदल देने वाली जानकारी थी, लेकिन उन्हें यह जानकारी केवल इसलिए मिली क्योंकि एक डॉक्टर नियम तोड़ने के लिए तैयार हो गया था. ऑड्री कहती हैं, "यह पूरी तरह अजीब है, क्योंकि इसका मतलब है कि डॉक्टर मेरे बारे में मुझसे ज़्यादा जान सकता है... मेरे बारे में." इस नई जानकारी के बावजूद आर्थर को अब भी चिंता थी कि कहीं वे आपस में रिश्तेदार तो नहीं हैं, इसलिए कई साल तक इसका विरोध करने के बाद आख़िरकार उन्होंने घर पर डीएनए टेस्ट कराया. कैंपेन चलाने वालों का कहना है कि फ्रांस में इस पर लगी रोक लोगों को घर पर टेस्ट कराने से रोकने में बहुत कारगर नहीं रही है, जबकि इन अधिकारों के लिए काम करने वाले समूह डीएनए पास का अनुमान है कि 10 लाख से कहीं ज़्यादा फ्रांसीसी लोगों ने ऐसा टेस्ट कराया है. कई लोग ऐसे देशों में रहने वाले दोस्तों के ज़रिए ये टेस्ट कराते हैं, जहां इस पर कोई क़ानूनी पाबंदी नहीं है या वे पड़ोसी देशों में फॉरवर्डिंग सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं. टेस्ट में बताया गया कि वे आपस में रिश्तेदार नहीं थे. डीएनए के नतीजों ने जल्द ही उनके लिए और रास्ते खोल दिए. 30 साल तक यह कल्पना करने के बाद कि उनके पिता कौन हो सकते हैं, आर्थर ने आख़िरकार साल 2017 में क्रिसमस के दिन अपने स्पर्म डोनर से संपर्क किया. लेकिन ऑड्री को सबसे बड़ा झटका लगा. उनके डीएनए मैचिंग में सोफ़ी नाम की एक महिला भी थीं, जिनका ऑड्री ने अदालत में केस लड़ा था. दोनों महिलाएं समान क़ानूनी अधिकारों के लिए लड़ रही थीं. ऑड्री कहती हैं, "मुझे पता चला कि सोफ़ी, एक ऐसी महिला जिसके मामले की मैंने अदालत में पैरवी की थी, मेरी बायोलॉजिकल बहन थी." इमेज स्रोत, Courtesy of Audrey Kermalvezen ऑड्री और आर्थर ने अपने डीएनए टेस्ट आठ अन्य डोनर से पैदा हुए कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर कराया था, जो अपनी जैविक उत्पत्ति के बारे में जानकारी हासिल करने के अधिकार के लिए अभियान चला रहे थे. इन 10 लोगों में से चार के बारे में पता चला कि उनका एक ही डोनर था. ऑड्री, उनके भाई पीटर, सोफी और सोफी के भाई डेविड. इससे यह तो स्पष्ट हो गया कि एक ही डोनर से पैदा होने का शुरुआती ख़तरा एक हक़ीक़त थी. इमेज स्रोत, Courtesy of Audrey and Arthur कई साल बाद एक अमेरिकी व्यक्ति के साथ हुए जेनेटिक मैच ने ऑड्री को उनके डोनर तक पहुंचाया, लेकिन फ़िलिप नाम के उस व्यक्ति की पहले ही मौत हो चुकी थी. ऑड्री की मां ने फिलिप के परिवार को एक पत्र लिखा और उनके "उपहार" के लिए धन्यवाद दिया, जिसे उन्होंने "अमूल्य" बताया. उनके परिवार ने ऑड्री का स्वागत किया और उन्हें मिलने के लिए बुलाया. ऑड्री याद करते हुए कहती हैं, "हर किसी की आंखों में आंसू थे." फिलिप की बहन को कभी पता नहीं था कि वह डोनर थे. इस खोज से ऑड्री को उन सवालों के जवाब मिले, जिनकी वह दशकों से तलाश कर रही थीं. उन्हें अपने जैविक परिवार के मेडिकल इतिहास के बारे में जानकारी मिली. उन्होंने फिलिप की तस्वीरें और वीडियो फुटेज देखे. वह कहती हैं, "मैं उन्हें देख सकती हूं, देख सकती हूं कि वह कैसे चलते थे और उनकी आवाज़ सुन सकती हूं." ऑड्री के कानूनी अभियान और आर्थर की किताब ने मिलकर फ्रांस के डोनर से पैदा होने से जुड़े कानूनों में बदलाव लाने में मदद की, जिसके तहत अप्रैल 2025 के बाद डोनर से पैदा हुए लोगों को वयस्क होने पर अपने डोनरों के बारे में पहचान संबंधी जानकारी हासिल करने की अनुमति दी गई. हालांकि, फिलहाल फ्रांस यूरोप के उन कुछ देशों में शामिल है जहां घर पर डीएनए टेस्ट करना अब भी प्रतिबंधित है. इसका मतलब है कि ऑड्री के लिए यह बड़ी लड़ाई जारी है. वह कहती हैं, "हर व्यक्ति को अपने जन्म के बारे में जानने का अधिकार है और अपने इतिहास को जानने का अधिकार है." (बीबीसी रेडियो 4 पर प्रसारित 'द गिफ्ट' के एक एपिसोड पर आधारित.) बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित. BBC World Service के नए ऐप को डाउनलोड करें BBC News हिन्दी को चुनें और पाइए न्यूज़ अलर्ट, लाइव टीवी, पॉडकास्ट... सब एक जगह कृपया नोट करें: नया ऐप ब्रिटेन और अमेरिका में उपलब्ध नहीं है.

स्रोत: BBC Hindi

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