जंतर-मंतर मारपीट मामले में गिरफ़्तार स्वतंत्र भारद्वाज बेल के बाद तिहाड़ से बाहर
भारत में आज से एप्पल के आईफ़ोन 18 प्रो और आईफ़ोन 18 प्रो मैक्स की आधिकारिक बिक्री शुरू हो गई है. इस फ़ोन को ख़रीदने के लिए दिल्ली, नोएडा, मुंबई और बेंगलुरू जैसे शहरों में रात से ही ग्राहक मोबाइल स्टोरों के बाहर ग्राहक जमा होने लगे. नोएडा के डीएलएफ़ मॉल ऑफ इंडिया में बने आधिकारिक एप्पल स्टोर के बाहर रात से ही लोगों की लंबी लाइनें देखी गईं. नए आईफ़ोन को सबसे पहले खरीदने की होड़ में लोग कल रात 2 बजे से ही मॉल और स्टोर के बाहर कतारों में लग गए थे. इस फ़ोन को ख़रीदने के लिए देश के अलग-अलग राज्यों से भी आए लोग सुबह 6 बजे से ही लाइन में लग गए थे ताकि उन्हें फ़ोन की पहली डिलीवरी मिल सके. डीएलएफ़ मॉल में कुछ लोग पंजाब से फ़ोन खरीदने आए थे. आईफ़ोन 18 प्रो के 256जीबी मॉडल की कीमत ₹1,65,000 हजार है जबकि इसका 512 जीबी का मॉडल1,89,900 रुपये का है. 1 टीबी क्षमता के मॉडल की कीमत 2,39,900 रुपये और 2 टीबी क्षमता वाले मॉडल की कीमत 3,14,900 रुपये है. इमेज स्रोत, Swatantra Bhardwaj/X जंतर-मंतर पर जुलाई महीने में हुए स्टूडेंट प्रोटेस्ट के दौरान एक छात्रा-कार्यकर्ता के पिता पर कथित हमले के अभियुक्त स्वतंत्र भारद्वाज को गुरुवार रात तीन हफ़्ते की अंतरिम ज़मानत पर तिहाड़ जेल से रिहा कर दिया गया. जंतर-मंतर पर जुलाई में हुए स्टूडेंट प्रोटेस्ट के दौरान एक छात्रा-कार्यकर्ता के पिता पर कथित हमले के अभियुक्त स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने तीन हफ़्ते की अंतरिम ज़मानत दी थी. दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने 15 सितंबर को स्वतंत्र भारद्वाज को तीन हफ़्ते की अंतरिम जमानत दी थी. स्वतंत्र भारद्वाज के वकील उमेश शर्मा ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया था उन्होंने अपने मुवक्किल के लिए रेगुलर बेल मांगी थी. वो इस फ़ैसले का अध्ययन करेंगे और फिर नियमित ज़मानत के लिए कोशिश करेंगे. स्वतंत्र भारद्वाज के एक वायरल वीडियो में उन्हें कहते देखा गया था कि 'उन्होंने एक स्टूडेंट कार्यकर्ता के पिता का सिर फोड़ दिया था लेकिन वो गिरफ़्तार नहीं हुए क्योंकि उनके ऊंचे राजनीतिक संपर्क थे.' इस वायरल वीडियो के बाद कॉकरोच जनता पार्टी और आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के चीफ़ चंद्रशेखर ने स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ़्तारी की मांग की थी. अमेरिकी सरकार ने ईरान के अधिकारियों को अगले हफ़्ते न्यूयॉर्क में होने वाली यूएन की जनरल असेंबली में हिस्सा लेने के लिए वीज़ा दे दिया है. दोनों देशों के बीच युद्ध अब सातवें महीने में प्रवेश कर रहा है. बीबीसी को पता चला है कि अमेरिका की ओर से जिस प्रतिनिधिमंडल को मंजूरी मिली है, उसमें राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान और विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची शामिल हैं. अमेरिकी विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने गुरुवार को इस फैसले की पुष्टि की. उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल पर यात्रा संबंधी पाबंदियां लागू होंगी और उसके सदस्य कुछ अमेरिकी प्रोडक्ट नहीं खरीद सकेंगे. यह फ़ैसला ऐसे समय में आया है जब युद्ध खत्म होने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं. फ़रवरी में शुरू हुए इस युद्ध के कारण दुनिया भर में तेल और गैस की कीमतें बढ़ी हैं और संघर्ष पड़ोसी देशों तक फैल गया है. अमेरिकी विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बीबीसी से कहा, "मेज़बान देश के रूप में हमारी जिम्मेदारियों के तहत, ईरानी शासन का मुख्य प्रतिनिधिमंडल संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्चस्तरीय सप्ताह में हिस्सा ले सकेगा." प्रवक्ता ने कहा, "प्रतिनिधिमंडल पर यात्रा संबंधी पाबंदियां लागू होंगी और हमारी नीति के तहत लग्जरी और दूसरी वस्तुओं की खरीद पर रोक होगी. यह प्रतिनिधिमंडल पिछले साल के मुकाबले छोटा है." पिछले साल ईरान से आए राजनयिकों को कॉस्टको जैसे होलसेल स्टोर से खरीदारी करने पर रोक थी. भारत ने अफ़ग़ानिस्तान को तीसरे टी-20 मुकाबले में 127 रन के बड़े अंतर से हरा दिया. गुरुवार को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए मैच में अफ़ग़ानिस्तान के ख़िलाफ़ जीत हासिल कर भारत ने तीन मैचों की सिरीज़ में 3-0 से क्लीन स्वीप कर लिया. भारत की ओर से सलामी बल्लेबाज़ अभिषेक शर्मा ने धुआंधार बल्लेबाज़ी करते हुए 30 गेंदों में शतक जड़ा. वो 34 गेंदों पर 108 रन बनाकर आउट हुए. उन्होंने अपनी पारी में 11 छक्के और 9 चौके लगाए. यानी उन्होंने 108 में से 102 रन तो अकेले बाउंड्रीज़ के सहारे बनाए. वो टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे तेज़ शतक लगाने वाले भारतीय बल्लेबाज़ बन गए हैं. भारत ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 20 ओवर में सात विकेट पर 221 रन बनाए.जवाब में अफ़ग़ानिस्तान की टीम 14.1 ओवर में 94 रन पर ऑलआउट हो गई. लक्ष्य का पीछा करते हुए अफ़ग़ानिस्तान की टीम जल्दी बिखर गई. अफ़ग़ानिस्तान के लिए सिर्फ चार बल्लेबाज़ ही दहाई अंक तक पहुंच सके. अफ़ग़ानिस्तान के लिए कप्तान इब्राहिम जादरान ने सबसे ज़्यादा 25 रन बनाए. भारत की ओर से नीतीश कुमार रेड्डी और रवि बिश्नोई ने तीन-तीन विकेट चटकाए. संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार विशेषज्ञों का कहना है कि इस बात के पर्याप्त आधार हैं कि अमेरिका ने ईरान में किए गए दो हमलों में युद्ध अपराध किए. इन हमलों में कम से कम 177 आम नागरिक मारे गए. ईरान पर स्वतंत्र इंटरनेशनल फ़ैक्ट फाइंडिंग मिशन की नई रिपोर्ट में कहा गया है कि फ़रवरी में मिनाब के एक प्राइमरी स्कूल और लामेर्द के एक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स पर हुए मिसाइल हमले अंधाधुंध हमले थे. इन हमलों में आम नागरिक मारे गए और सिविलियन इन्फ़्रास्ट्रक्चर को नुक़सान पहुंचा. अमेरिका ने पहले लामेर्द पर हमला करने से इनकार किया था और कहा था कि वह मिनाब में हुई घटना की जांच कर रहा है. अमेरिकी विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि अमेरिका रिपोर्ट में दिए गए निष्कर्षों को विश्वसनीय नहीं मानता. विशेषज्ञों ने यह भी पाया कि जनवरी में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान बड़े पैमाने पर हुई कार्रवाई में ईरानी अधिकारियों ने भी मानवता के ख़िलाफ़ अपराध किए. उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों की ओर से हुई हत्याएं सभी 31 प्रांतों में "चौंकाने वाले और अभूतपूर्व पैमाने" पर हुईं. ईरान ने अभी तक इन निष्कर्षों पर कोई टिप्पणी नहीं की है. हालांकि, वह पहले मानवाधिकारों के व्यवस्थित उल्लंघन के आरोपों को ख़ारिज करता रहा है बीबीसी हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता दीपक मंडल अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा. कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए आप यहां क्लिक करें. मोहम्मद रिज़वान का फ़ोन क्यों किया गया ज़ब्त, लाहौर हाई कोर्ट से क्या लगाई थी गुहार गुरुग्राम के बाद अब लखनऊ का वीडियो वायरल, युवती ने लगाया कार से कुचलने की कोशिश का आरोप नेपाल में हुई तबाही के पीछे क्या थी असली वजह? इस स्टडी से चला पता ईरान के हमलों से अमेरिकी अड्डे हुए तबाह, सामने आईं तस्वीरों से और क्या पता चला
स्रोत: BBC Hindi