मेंटीनेंस के अभाव में बालपुर पीएचसी की सालभर से टूटी चारदीवारी ढहने के कगार पर
हलधरमऊ सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बालपुर की पीछे की चारदीवारी सालभर पहले टूट गई और इसके बीच में बड़ा सा होल हो गया। अब इसकी चारदीवारी में जगह जगह सीलन एवं दरारों की वजह से ढहने की नौबत आ गई है। यहां बने डाक्टर, फार्मासिस्ट एवं एएनएम के रहने के लिए आवास मेंटीनेंस के अभाव में कम समय में कबाड़ हो चुके हैं। इसके खिड़की दरवाजे सब खराब हो चुके हैं। यहां लगी इकलौती पानी की टंकी निर्माण के समय से ही नहीं चल पाई है।
पीएचसी के बहुत बाद में बना डिलीवरी केन्द्र खस्ताहाल हो चुका है और निर्माण के समय से इसका ताला तक नहीं खुल पाया है। यहां खराबी की हालत में खड़ी दो एम्बुलेंस अपने अन्तिम दिन गिन रही हूं। नवनिर्मित कोरोना वार्ड का भवन निर्माण के समय से तालाबंदी का शिकार है और उसका कोई सही उपयोग नहीं हो पा रहा है। इस पीएचसी पर कार्यरत इकलौते डॉक्टर प्रभांश तिवारी लम्बे समय से एजुकेशन लीव पर चल रहे हैं।
यहां फार्मासिस्ट के रूप में काजी रिजवान अहमद, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक राम उजागर ओझा, स्टाफ नर्स अलका पाण्डेय,लैब तकनीशियन विकास, एएनएम शालिनी शुक्ला, वार्ड बॉय राज दत्त सिंह समेत साथ स्वास्थ्यकर्मी कार्यरत हैं। सीएचसी अधीक्षक डॉक्टर संत प्रताप वर्मा से बात करने का प्रयास किया गया लेकिन संपर्क नहीं हो पाया।