सूचना न देने पर करनैलगंज बीडीओ को सूचना आयोग ने 21 अक्टूबर किया तलब
करनैलगंज गोंडा। करनैलगंज विकास खण्ड के खंड विकास अधिकारी कार्यालय में आरटीआई के तहत सूचना न देने का मामला अब भारी पड़ता नजर आ रहा है। उत्तर प्रदेश सूचना आयोग, लखनऊ ने जन सूचना अधिकारी / खंड विकास अधिकारी करनैलगंज को नोटिस जारी कर 21 अक्टूबर 2026 को तलब किया है।
करनैलगंज क्षेत्र के कादीपुर निवासी जयप्रकाश सिंह पुत्र चंद्रकेश सिंह ने 24 जुलाई 2025 को सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 6(1) के तहत विकास खंड करनैलगंज से कुछ सूचनाएं मांगी थीं। आरोप है कि जन सूचना अधिकारी ने नियत समय में न तो सूचना दी और न ही कोई संतोषजनक जवाब दिया।
इसके बाद अपीलकर्ता ने 08 सितंबर 2025 को प्रथम अपीलीय अधिकारी के समक्ष प्रथम अपील दायर की, लेकिन वहां से भी सूचना नहीं मिली। थक हार कर जयप्रकाश सिंह ने 02 नवंबर 2025 को सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 19(3) व धारा 18 के तहत उत्तर प्रदेश सूचना आयोग में द्वितीय अपील / शिकायत दाखिल किया।
सूचना आयोग ने इस पर संज्ञान लेते हुए 31 मई 2026 को विपक्षी जन सूचना अधिकारी को नोटिस भेजा था, जिसकी ट्रैकिंग रिपोर्ट पत्रावली में उपलब्ध है। बावजूद इसके जन सूचना अधिकारी न तो आयोग के समक्ष उपस्थित हुए और न ही मांगी गई सूचना उपलब्ध कराई। इस रवैये को गंभीरता से लेते हुए आयोग ने अब कड़ा रुख अपनाया है।
उत्तर प्रदेश सूचना आयोग के सुनवाई कक्ष संख्या S-11 से 14 अक्टूबर 2026 को जारी नोटिस संख्या 202610S11N400178 में स्पष्ट कहा गया है कि -
ऐसा प्रतीत होता है कि आप सूचना देने में रुचिकर नहीं हैं। अतः दिनांक 21/10/2026 को मा. राज्य सूचना आयुक्त के समक्ष उपस्थित होकर लिखित अभिकथन प्रस्तुत करें कि क्यों न आपके विरुद्ध सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 20(1) व 20(2) के तहत दण्डात्मक कार्यवाही प्रारम्भ की जाए।"
धारा 20(1) के तहत 250 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से अधिकतम 25,000 रुपये तक का जुर्माना और धारा 20(2) के तहत विभागीय कार्रवाई का प्रावधान है।
आयोग के इस नोटिस के बाद विकास खंड कार्यालय में हड़कंप मचा हुआ है। अब देखना होगा कि 21 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई में बीडीओ कार्यालय क्या जवाब देता है।