हवाई हमले या युद्ध जैसी स्थिति हेतु नागरिकों को सुरक्षा उपायों के प्रति किया गया जागरूक
गोण्डा 23 जनवरी,2026*।
शहीद ए आजम सरदार भगत इंटर कॉलेज, टामसन में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, गोण्डा द्वारा ब्लैक आउट कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों, विशेषकर हवाई हमले अथवा युद्ध जैसी स्थिति में नागरिकों को सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक करना तथा प्रशासनिक तैयारियों का परीक्षण करना रहा।
कार्यक्रम में जिलाधिकारी गोण्डा प्रियंका निरंजन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उनके साथ पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल, अपर जिलाधिकारी आलोक कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार रावत, जनपद के समस्त उप जिलाधिकारीगण, जिला आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव सहित अन्य सभी संबंधित विभागों के अधिकारीगण, स्वयंसेवी संस्थाओं के पदाधिकारी तथा एनसीसी के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
ब्लैक आउट कार्यक्रम के दौरान पूर्व निर्धारित समय पर परिसर की सभी विद्युत लाइटों को बंद कर दिया गया तथा यह अभ्यास किया गया कि आपात स्थिति में किस प्रकार अंधकार बनाए रखते हुए जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है। इस अवसर पर जिला आपदा विशेषज्ञ द्वारा ब्लैक आउट के महत्व, सावधानियों तथा नागरिकों द्वारा अपनाए जाने वाले व्यवहारिक उपायों की विस्तार से जानकारी दी गई।
जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने अपने संबोधन में कहा कि आपदा प्रबंधन केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि आमजन की सक्रिय सहभागिता से ही आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटा जा सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे अभ्यास कार्यक्रमों से न केवल प्रशासनिक तंत्र की तैयारियों की समीक्षा होती है, बल्कि छात्र-छात्राओं एवं आम नागरिकों में भी जागरूकता बढ़ती है।
पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने कहा कि ब्लैक आउट जैसी स्थितियों में शांति एवं अनुशासन बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। अफवाहों से बचना, अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलना तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना सभी नागरिकों का दायित्व है।
कार्यक्रम के दौरान अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस विभाग, एनसीसी कैडेट्स ने विशेष उत्साह के साथ प्रतिभाग किया तथा आपदा प्रबंधन से संबंधित निर्देशों को गंभीरता से सुना। स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों द्वारा भी आपातकालीन परिस्थितियों में सहयोग प्रदान करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई।
कार्यक्रम में अधिकारियों द्वारा इस प्रकार के जागरूकता एवं अभ्यास कार्यक्रमों को भविष्य में भी निरंतर आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया, ताकि जनपद किसी भी आपदा अथवा आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रह सके।