कमता बस स्टेशन पर रोडवेज कर्मियों का प्रदर्शन टैक्सी चालकों से मारपीट एवं चाभी छीनने का आरोप
लखनऊ। यूपी की राजधानी लखनऊ के अवध बस स्टेशन कमता पर अवैध वाहनों के संचालन के विरोध में परिवहन निगम के चालक-परिचालकों ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान टैक्सी चालकों के साथ कथित मारपीट वाहन की चाबी छीनने और गर्दन पर चाबी से वार करने के आरोप लगाए गए हैं। मामले को लेकर पुलिस प्रशासन और परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
प्रदर्शन कर रहे रोडवेज कर्मचारियों की प्रमुख मांग निजी बसों, टैक्सी और अन्य वाहनों के कथित अवैध संचालन पर रोक लगाने की है। कर्मचारियों का आरोप है कि निजी वाहनों के संचालन और बस स्टेशन के सामने यातायात डायवर्जन के कारण परिवहन निगम की आय प्रभावित हो रही है। वेतन से कटौती रोकने और 50 प्रतिशत आय की बाध्यता समाप्त करने की मांग भी उठाई जा रही है।
दूसरी ओर टैक्सी चालकों की तरफ से आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शन के दौरान कुछ रोडवेज कर्मचारियों ने उनके साथ अभद्रता की, गाड़ियों की चाबियां छीन लीं और मारपीट की। उनका सवाल है कि यदि अवैध वाहन संचालन के खिलाफ विरोध करना है, तो किसी व्यक्ति के साथ मारपीट या जबरन चाबी छीनने का अधिकार किसे है?
टैक्सी चालकों का कहना है कि कार्रवाई केवल अर्टिगा गाड़ियों को निशाना बनाकर नहीं, बल्कि नियमों का उल्लंघन करने वाले सभी वाहनों के खिलाफ समान रूप से होनी चाहिए। उनका दावा है कि कुछ सफेद नंबर प्लेट वाले निजी वाहन भी व्यावसायिक रूप से संचालित हो रहे हैं।
इस संबंध में टैक्सी चालकों ने पुलिस प्रशासन और आरटीओ से निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है। एक शिकायतकर्ता का दावा है कि घटनास्थल पर हुई कथित मारपीट का वीडियो उसके पास मौजूद है। वीडियो की जांच और संबंधित पक्षों के बयान सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मांग की है कि व्यावसायिक वाहनों के संचालन को लेकर स्पष्ट नियम लागू किए जाएं और किसी भी वाहन चालक के साथ कथित मारपीट या दुर्व्यवहार की निष्पक्ष जांच हो।