पुलिस की घेराबंदी से बचकर विनोद साहनी के परिजनों से मिलकर कांग्रेस प्रतिनिधि मंडल ने जाना हालचाल
गोंडा। जिले के परसपुर थाना क्षेत्र के रेक्सडिया गांव में 9 सितंबर को बर्तन व्यापारी और विकासशील इंसान पार्टी के नेता विनोद साहनी की हत्या हुई थी। इस मामले में पुलिस 12 सितंबर से परिजनों से किसी भी राजनीतिक दल के नेताओं को मिलने नहीं दे रही थी। गोंडा- बाराबंकी बॉर्डर से लेकर मृतक के घर तक जगह- जगह बैरिकेडिंग कर पुलिस तैनात की गई थी। इसके बावजूद आज दिल्ली से आए कांग्रेस पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस घेरा से बचते हुए जंगल के रास्ते आज सोमवार देर शाम करीब 6:30 बजे विनोद साहनी के दूसरे अस्थाई घर पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने विनोद साहनी की पत्नी उषा और बेटे राजा साहनी से मुलाकात कर पूरी घटना की जानकारी ली।
इस प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रीय सहसंयोजक ओबीसी मोर्चा महिला प्रकोष्ठ चित्रा बाथम, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओबीसी मोर्चा व उत्तर प्रदेश प्रभारी ओमप्रकाश महतो, नेशनल कोऑर्डिनेटर ओबीसी मोर्चा व मध्य प्रदेश प्रभारी रमेश मौर्य और ऑब्जर्वर पूर्वी कांग्रेस उत्तर प्रदेश राधेश्याम जयसवाल शामिल थे।
प्रतिनिधिमंडल दिल्ली के लिए रवाना हो गया
इन्होंने कांग्रेस प्रदेश सचिव त्रिलोकी नाथ तिवारी के साथ परिजनों से मुलाकात की। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने विनोद साहनी की पत्नी और उनके बच्चों को हर संभव मदद का भरोसा और उनकी आवाज उठाने का आश्वासन दिया। करीब एक घंटे की मुलाकात के बाद शाम 7:30 बजे प्रतिनिधिमंडल दिल्ली के लिए रवाना हो गया।
राष्ट्रीय सहसंयोजक ओबीसी मोर्चा महिला प्रकोष्ठ चित्रा बाथम ने कहा कि विनोद साहनी की हत्या जातिवाद के चलते की गई थी। उनके परिवार को अभी तक न तो मुआवजा मिला है और न ही न्याय। चित्रा बाथम ने बताया कि परिवार बहुत मुश्किल हालात में है। डर के माहौल के कारण उन्हें पलायन करना पड़ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि वे किसी तरह जंगल के रास्ते विनोद साहनी के अस्थाई आवास पर पहुंचे, जहां पुलिसकर्मी भी आ गए थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि योगी आदित्यनाथ सरकार में जातिवाद अपने चरम पर है, इसीलिए पुलिस राजनीतिक दलों के लोगों को परिजनों से मुलाकात नहीं करने दे रही है। कांग्रेस प्रदेश सचिव त्रिलोकी नाथ तिवारी ने कहा कि हमारे प्रदेश अध्यक्ष को उस दिन बाराबंकी में रोक दिया था इसके बाद हम लोगों ने आज दूसरा तरीका अपनाया और परिवार से मिल लिए।