इमेज स्रोत, Genya SAVILOV / AFP via Getty Images) भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि भारत और रूस के संबंधों को लेकर कहा कि दोनों देशों के रिश्तों की नींव 1950 के दशक से ही मज़बूत रही है. 62वीं म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस में जयशंकर ने कहा कि बदलते समय के साथ भारत-रूस संबंधों का दायरा भी व्यापक हुआ. विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा, "भारत और रूस के ऐतिहासिक रूप से बहुत अच्छे रिश्ते रहे हैं, ख़ासकर 1950 के दशक से. उस इतिहास को भुलाया नहीं गया है... हमारे लिए सोवियत संघ, एक ऐसा देश था जो कई तरह से हमारे साथ खड़ा रहा, जब हमारी सुरक्षा और हमारी क्षेत्रीय अखंडता पर ख़तरा था." उन्होंने पाकिस्तान का नाम लिए बगैर कहा, "ऐसे समय में जब दुनिया के ज़्यादातर देश हमारे पड़ोस में एक सैन्य शासन का समर्थन करना पसंद कर रहे थे, रूस एक ऐसा देश था जिसके साथ हमारे बहुत अच्छे रिश्ते थे." उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध 'दुर्भाग्यपूर्ण संघर्ष' बताते हुए कहा, "इस संघर्ष पर हमारा रुख़ बिल्कुल साफ़ रहा है कि हम इसका अंत देखना चाहते हैं. इसके लिए बातचीत और कूटनीति की ज़रूरत होगी. इस मामले में बातचीत होनी ज़रूरी है." एस जयशंकर ने कहा कि भारत युद्ध को रुकवाने के लिए दोनों देशों से बातचीत कर चुका है. इमेज स्रोत, Julian Herbert/Getty Images ब्रिटेन के आरएएफ़ फ़ेयरफ़र्ड एयरबेस से अमेरिका ने अपने सभी बॉम्बर विमान हटा लिए हैं. यह वही ब्रिटिश सैन्य अड्डा है, जहां 27 सितंबर को हुई एक घटना की जांच काउंटर टेरर पुलिस कर रही है. अमेरिकी विभाग के एक अधिकारी ने रविवार को इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि एयरबेस पर तैनात सभी अमेरिकी बॉम्बर विमानों को वापस घरेलू ठिकानों पर भेज दिया है. हालांकि, अमेरिका ने विमानों को हटाने के पीछे कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया है. अमेरिका का यह फ़ैसला 27 सितंबर की उस घटना के बाद आया है, जब ग्लॉस्टरशायर स्थित आरएएफ़ फ़ेयरफ़र्ड एयरबेस के पास तीन संदिग्ध वाहनों की सूचना मिलने के बाद पुलिस को अलर्ट किया गया था. घटना के सिलसिले में शुरुआत में पांच लोगों को "आतंकवाद से जुड़े अपराधों" के संदेह में गिरफ़्तार किया गया था. हालांकि, बाद में उन्हें पुलिस ज़मानत पर रिहा कर दिया गया. इसके बाद ब्रिटिश-ईरानी नागरिक छठे व्यक्ति को भी गिरफ़्तार किया गया था, जिसे बाद में ज़मानत पर छोड़ दिया गया. व्हाइटहॉल के स्रोतों ने इस बात से इनकार नहीं किया है कि वॉशिंगटन का अपने बॉम्बर विमानों को हटाने का फ़ैसला फ़ेयरफ़र्ड एयरबेस की घटना के जवाब में लिया गया है. रिपोर्ट के मुताबिक़, यह फ़ैसला राजनीतिक स्तर पर नहीं बल्कि सैन्य और परिचालन स्तर पर लिया गया था. अमेरिकी सेना ने इस फ़ैसले की जानकारी अपने ब्रिटिश समकक्षों को दी थी. हालांकि, ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने इस मामले पर टिप्पणी नहीं की है. घटना के कुछ दिनों बाद प्रधानमंत्री एंडी बर्नम ने कहा था कि इस मामले में ईरान की भूमिका होने के "मज़बूत संकेत" मिले हैं. हालांकि, उन्होंने इसके समर्थन में कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की थी. दूसरी ओर, ईरान ने इस घटना में किसी भी तरह की संलिप्तता से स्पष्ट रूप से इनकार किया है. इमेज स्रोत, Sonu Mehta/Hindustan Times via Getty Images कांग्रेस के स्टूडेंट संगठन नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग को लेकर सोमवार को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है. एनएसयूआई के मुताबिक़, प्रदर्शन सुबह 10 बजे शुरू होगा. एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने कहा कि संगठन वोट के अधिकार और संविधान की रक्षा के लिए यह प्रदर्शन कर रहा है. ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग को लेकर पिछले तीन दिनों से दिल्ली में प्रदर्शन हो रहे हैं. दो अक्टूबर यानी गांधी जयंती के दिन शुरू हुआ यह प्रदर्शन शनिवार और रविवार को भी जारी रहा. रविवार को दिल्ली में आम लोगों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और छात्र संगठनों ने इंडिया गेट से जंतर-मंतर तक 'सिटिज़ंस मार्च' निकाला. मार्च के दौरान आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया गया. नेहा बोरा ने आरोप लगाया कि जिस पुलिस वाहन में उन्हें ले जाया गया, उसमें कोई महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थी. इमेज स्रोत, Mauro PIMENTEL and Sergio LIMA / AFP via Getty Images ब्राज़ील के राष्ट्रपति चुनाव के पहले राउंड में दक्षिणपंथी उम्मीदवार फ़्लावियो बोलसोनारो ने मौजूदा राष्ट्रपति और वामपंथी नेता लुईस इनासियो लूला डा सिल्वा को पीछे छोड़ दिया है. हालांकि, बोलसोनारो को 50 प्रतिशत से अधिक वोट नहीं मिले, जिसके चलते राष्ट्रपति चुनाव का फ़ैसला अब दूसरे राउंड में होगा. चुनाव के दूसरे राउंड में फ़्लावियो बोलसोनारो और लूला डा सिल्वा के बीच सीधा मुक़ाबला होगा. दोनों उम्मीदवार 25 अक्तूबर को होने वाले मतदान में आमने-सामने होंगे. ब्राज़ील के चुनावी नियमों के मुताबिक़, पहले राउंड में किसी उम्मीदवार को वैध मतों का 50 प्रतिशत से अधिक नहीं मिलने पर शीर्ष दो उम्मीदवारों के बीच दूसरे राउंड का चुनाव कराया जाता है. क़रीब 98.8 प्रतिशत मतों की गिनती तक फ़्लावियो बोलसोनारो को लगभग 47.2 प्रतिशत, जबकि लूला को क़रीब 44.9 प्रतिशत वोट मिले. फ़्लावियो बोलसोनारो पूर्व राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो के बेटे हैं. जायर बोलसोनारो को पिछले राष्ट्रपति चुनाव में हार के बाद तख़्तापलट की कोशिश से जुड़े मामले में 27 साल की जेल की सज़ा सुनाई गई है. पहले राउंड के चुनाव से पहले मुक़ाबला बेहद क़रीबी माना जा रहा था. चुनाव से ठीक पहले सामने आए कुछ सर्वेक्षणों में लूला को बढ़त दिखाई गई थी, लेकिन मतदान के बाद फ़्लावियो बोलसोनारो पहले स्थान पर रहे. पहले राउंड में कई अन्य उम्मीदवार भी मैदान में थे, जिनमें दक्षिणपंथी दलों से जुड़े उम्मीदवार शामिल थे. अब दूसरे राउंड में इन उम्मीदवारों को मिले वोट और उनके समर्थकों का रुख़ चुनावी मुक़ाबले में अहम भूमिका निभा सकता है. मतदान के बाद लूला ने कहा कि चुनाव में देश के सामने लोकतंत्र और 'बर्बरता' के बीच चुनाव का सवाल है. वहीं, 45 वर्षीय फ़्लावियो बोलसोनारो ने कहा कि उनका लक्ष्य 'ब्राज़ील की जनता को मुक्त करना' है. दोनों उम्मीदवारों के पास दूसरे राउंड से पहले क़रीब तीन सप्ताह का समय है. 25 अक्तूबर को होने वाले मतदान में ब्राज़ील के मतदाता देश के अगले राष्ट्रपति का फ़ैसला करेंगे. इमेज स्रोत, Pradeep Gaur/SOPA Images/LightRocket via Getty Images कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के सह-संयोजक सौरव दास ने कहा कि सरकार उन्हें, अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका, रत्ना सिंह और पार्टी के अन्य नेताओं को गिरफ़्तार करने की योजना बना रही है. सौरव दास ने ये आशंका रविवार देर रात सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर जाहिर की है. सौरव दास ने लिखा, "सरकार मुझे, अभिजीत, आशुतोष, रत्ना और कॉकरोच जनता पार्टी के दूसरे नेताओं को गिरफ़्तार करने की योजना बना रही है." "अगर सरकार को लगता है कि इस तरह की तानाशाही कार्रवाई काम करेगी, तो वह ग़लत सोच रही है! युवाओं की पीढ़ी जाग चुकी है. हम सभी से अपील करते हैं कि हम हों या न हों, अपने अधिकारों और भविष्य के लिए लड़ाई जारी रखें." उन्होंने लिखा, "हम हमेशा जेल जाने या इससे भी बुरा कुछ झेलने के लिए तैयार रहे हैं. लेकिन यह एक बड़ी ग़लती होगी. युवा इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे. प्रदर्शन जारी रहने चाहिए. भारत के लोगों को 10 अक्टूबर से सबसे बड़ा आंदोलन शुरू करना चाहिए." सीजेपी के फ़ाउंडर अभिजीत दीपके ने इस पोस्ट को कोट करते हुए लिखा, "कितनो को अरेस्ट करेंगे अमित शाह? 10 अक्तूबर को पूरा देश आ रहा है." ख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग को लेकर सीजेपी ने 10 अक्तूबर के लिए दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है. हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इसको लेकर अनुमति नहीं दी है. आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने भी कुछ ऐसी ही आशंका ज़ाहिर करते हुए एक्स पर लिखा, "केंद्र सरकार कुछ बड़ा प्लान कर रही है." उन्होंने सोमवार को दोपहर 12 बजे आप के सभी जिला अध्यक्षों, विधानसभा क्षेत्र के अध्यक्षों और वार्ड प्रभारियों की मीटिंग बुलाई है. शाम तीन बजे सभी विधायकों और पार्षदों की बैठक बुलाई है. संबंधित स्टोरी: ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ प्रोटेस्ट: हिरासत में ली गईं नेहा बोरा रिहा, महिला पत्रकारों के ख़िलाफ़ यौन हिंसा के आरोप को लेकर सीजेपी का प्रदर्शन बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा. कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. हमारे पेज पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें. ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ प्रोटेस्ट: हिरासत में ली गईं नेहा बोरा रिहा, महिला पत्रकारों के ख़िलाफ़ यौन हिंसा के आरोप को लेकर सीजेपी का प्रदर्शन संजय दत्त बोले- 'पीएम बनूंगा तो विदेश नहीं जाऊंगा', और 'भारत में अब शांति महसूस नहीं होती', सोशल मीडिया पर बहस 'यहां सरकार 5 साल भी नहीं चलती, मैडम नूर जहां का शासन 60 साल तक कायम रहा और अभी भी है' - मोहम्मद हनीफ़ का नज़रिया सुविधाएं बढ़ीं, खेलों का दायरा बढ़ा, लेकिन एशियाड में भारत के गोल्ड मेडल क्यों नहीं बढ़े - द लेंस केरल: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ 20 साल पुराने जिस मामले में जांच के आदेश दिए गए हैं, वह क्या है?
स्रोत: BBC Hindi