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अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका के बारे में सीजेपी ने दिया ये अपडेट

नेपाल में बूढ़ी गंडकी नदी में अचानक भारी बाढ़ आने की आशंका जताई गई है. नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोख़िम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण ने लोगों को सतर्क रहने की अपील की है. प्राधिकरण ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर चेतावनी जारी करते हुए लिखा, "बूढ़ी गंडकी नदी में चुमानुवमी ग्रामीण नगरपालिका-6 की तरफ़ से भारी बाढ़ आ रही है." इसमें आगे लिखा, "जब तक बाढ़ गुज़र न जाए, त्रिशूली दोभान तक नदी के पास न जाएं. ऊंची जगहों पर रहें." राष्ट्रीय आपदा जोख़िम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण ने बूढ़ी गंडक नदी में बाढ़ से प्रभावित कुछ इलाक़ों की हेलीकॉप्टर से ली गई तस्वीरें भी जारी की हैं. इमेज स्रोत, Ashish Vaishnav/SOPA Images/LightRocket via Getty Images कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने दावा किया है कि हिरासत में लिए गए उसके नेताओं को रविवार सुबह 9 बजे दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन में एग्ज़ीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा. दरअसल, शनिवार सुबह मुंबई से दिल्ली आए सीजेपी के फ़ाउंडर अभिजीत दीपके, सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रांका को पुलिस ने फ़्लाइट से ही हिरासत में ले लिया था. सीजेपी की लीगल हेड रत्ना सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "अभिजीत, आशुतोष और सौरव को आज सुबह 9 बजे दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन में एग्ज़ीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा." उन्होंने बताया, "दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने मुझे सुबह इस बारे में जानकारी दी. सीजेपी के लीगल हेड के तौर पर, मैं हमारी तरफ़ से पेश होने वाले दूसरे वकीलों के साथ पुलिस स्टेशन में मौजूद रहूँगी." ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने भी तीनों की हिरासत का मामला उठाते हुए सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने शनिवार को एक्स पर लिखा, "मोदी शाह इतने डरे हुए हैं कि आज वे बच्चों का अपहरण कर रहे हैं. आपको परिणाम भुगतना पड़ेगा." इमेज स्रोत, Pradeep Gaur/SOPA Images/LightRocket via Getty Images कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के दौरान बड़े पैमाने पर हुई पुलिस की कार्रवाई पर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार संगठन ने चिंता जताई, जिसके बाद भारत का जवाब आया है. जिनेवा में भारतीय मिशन ने यूएन मानवाधिकार आयोग की तरफ़ से जारी बयान का जवाब देते हुए कहा कि यह चिंताएं बेबुनियाद हैं. जिनेवा में भारतीय मिशन ने आधिकारिक बयान में कहा, “भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, जहां शांति से इकट्ठा होने का अधिकार हमारे संविधान से मिलता है और मज़बूत संस्थाओं, एक स्वतंत्र न्यायपालिका और एक स्वतंत्र मीडिया से सुरक्षित है." "हर लोकतंत्र की तरह, भारतीय नागरिक पब्लिक ऑर्डर के हित में उचित पाबंदियों के तहत इस अधिकार का इस्तेमाल करते हैं. अधिकारी क़ानून के अनुसार काम करते हैं और हमारी अदालतें किसी भी शिकायत के समाधान के लिए सभी के लिए उपलब्ध रहती हैं." बयान में कहा गया, "इसलिए मानवाधिकार आयोग की चिंताएं ग़लत हैं और भारत के अंदरूनी मामलों में बेवजह दख़ल देती हैं. इस संदर्भ में, मानवाधिकार आयोग को अपने निष्पक्षता और बिना किसी भेदभाव के काम करने के अपने अधिकार के अनुसार, दूसरी जगहों पर भी बड़े पैमाने पर हो रहे विरोध प्रदर्शनों पर उतना ही ध्यान देना चाहिए.” इससे पहले संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार ने कहा था कि दिल्ली में प्रदर्शनकारियों, प्रदर्शन के नेताओं, नागरिक समाज संगठनों के सदस्यों, वकीलों और पत्रकारों को हिरासत में लिए जाने की ख़बरों से वे चिंतित हैं. साथ ही, उन्होंने अधिकारियों से मनमाने ढंग से हिरासत में लिए गए सभी लोगों को तुरंत और बिना शर्त रिहा करने की मांग की थी. इमेज स्रोत, AFP via Getty Images सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित किंग ख़ालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हमले में 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि 309 लोग घायल हुए हैं. स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक़, घायलों में कुछ की हालत गंभीर है. हमले के बाद एयरपोर्ट पर परिचालन निलंबित कर दिया गया है. वहीं, विमानन ट्रैकिंग वेबसाइट फ़्लाइटरडार के अनुसार, रियाद आने वाली सभी उड़ानों को या तो डायवर्ट कर दिया गया है या रद्द कर दिया गया है. सऊदी सिविल एविएशन अथॉरिटी मुताबिक़, मृतकों में चार सऊदी नागरिक, बांग्लादेश के दो नागरिक और अमेरिका, जॉर्डन, फ़लस्तीन, सीरिया, सूडान और मिस्र का एक-एक नागरिक शामिल है. अधिकारियों ने बताया कि एयरपोर्ट को हुए नुक़सान का आकलन किया जा रहा है. सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने हमले के लिए यमन के हूती विद्रोहियों को ज़िम्मेदार ठहराया है. गठबंधन ने इस हमले को 'वॉर क्राइम' क़रार देते हुए जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है. गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने कहा कि एयरपोर्ट के यात्री टर्मिनल पर हुए हमले में आम नागरिक यात्रियों और एयरपोर्ट कर्मचारियों की मौत हुई है तथा कई लोग घायल हुए हैं. उन्होंने हमले को गंभीर युद्ध अपराध बताया. इमेज स्रोत, Yousuf Sarfaraz/SOPA Images/LightRocket via Getty Images मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग को लेकर दिल्ली में हो रहे प्रदर्शन रविवार को भी जारी रहने की संभावना है. ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने रविवार को भी प्रोटेस्ट का कॉल दिया है. नेहा बोरा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर कहा कि शनिवार को दिल्ली हाट 'जंतर-मंतर' बना था और रविवार को किसी दूसरी जगह प्रदर्शन करेंगे. उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, "ये आप तय करें कि आम लोगों को जेल में डालेंगे या ज्ञानेश कुमार को. हम रविवार को भी निकलेंगे, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े और एसआईआर को रद्द करने की मांग के साथ प्रदर्शन करेंगे." दूसरी ओर, कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेता अजिंक्य शिंदे ने एक्स पर एक वीडियो पोस्ट कर रविवार को होने वाले प्रदर्शन के बारे में जानकारी दी है. उन्होंने कहा, "जब तक ज्ञानेश कुमार का इस्तीफ़ा नहीं लेंगे, तब तक घर वापस नहीं जाएंगे." अजिंक्य ने कहा कि वह कल फिर सुबह 10 बजे जंतर-मंतर कूच करेंगे. साथ ही उन्होंने लोगों से बड़ी संख्या में जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की. बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा. कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें - सीजेपी प्रोटेस्ट में प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर यूएन ह्यूमन राइट्स ने जताई चिंता - सीजेपी प्रोटेस्ट पर इतनी सख़्ती बरतकर मोदी सरकार आख़िर चाहती क्या है? - राहुल गांधी सीजेपी के आंदोलन के दिन दिल्ली से बाहर क्यों चले गए? - जंतर-मंतर प्रोटेस्ट: दीपके, नेहा बोरा समेत कई हिरासत में, लाठीचार्ज के आरोप और पुलिस से झड़प, तस्वीरों में देखें दिनभर का घटनाक्रम

स्रोत: BBC Hindi