कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने एलान किया है कि यदि पुलिस उन्हें 24 घंटे के भीतर प्रदर्शन करने की इजाज़त नहीं देती है, तो वे एक और प्रोटेस्ट का कॉल देंगे. सीजेपी के आधिकारिक एक्स हैंडल से बताया गया है कि आज यानी सोमवार को पार्टी के सह-संयोजक आशुतोष रांका, सौरव दास और लीगल हेड रत्ना सिंह 10 बजे पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने जाएंगे. सीजेपी ने बताया, "हम जंतर-मंतर पर अपने शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन के लिए तारीख़ तय करने की मांग को लेकर थाने जाएंगे. दिल्ली पुलिस हमें 24 घंटे के भीतर तारीख़ दे सकती है, वरना हम खुद अपने विरोध-प्रदर्शन का एलान करेंगे." इससे एक दिन पहले यानी रविवार को ही सीजेपी के फ़ाउंडर अभिजीत दीपके और उनके बाकी दो साथी पुलिस हिरासत से रिहा हुए हैं. इसके बाद सीजेपी की ओर से कहा गया था कि सारे 'कॉकरोच' पीछे हट जाएं, जल्द ही अगला आह्वान किया जाएगा. इमेज स्रोत, Abdul MAJEED / AFP via Getty Image पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नक़वी ने कहा है कि ख़ैबर पख़्तूनख़्वा में आपातकाल और गवर्नर शासन लागू करना 'कोई राजनीतिक फ़ैसला नहीं, बल्कि एक कठिन संवैधानिक क़दम' था. दरअसल, पाकिस्तान के ख़ैबर पख़्तूनख़्वा प्रांत में 11 अक्तूबर 2026 को राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी ने इमरजेंसी और गवर्नर शासन की घोषणा कर दी थी. पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ (पीटीआई) पार्टी की प्रांतीय सरकार को भी निलंबित कर दिया गया है. सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर जारी बयान में गृह मंत्री मोहसिन नक़वी ने कहा, "सरकार ने संसदीय संपर्कों, प्रत्यक्ष बातचीत और पर्दे के पीछे कूटनीतिक प्रयासों सहित सभी माध्यमों से सहयोग स्थापित करने की कोशिश की. हालांकि, इन प्रयासों का कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकला." उन्होंने कहा, "ख़ैबर पख़्तूनख़्वा उन प्रांतों में शामिल है, जो आतंकवाद का भारी बोझ झेल रहे हैं. यहां शांति स्थापित करने के लिए सुरक्षा बलों और आम नागरिकों ने बड़ी क़ुर्बानियां दी हैं. ऐसे हालात में टकराव के बजाय सहयोग को प्राथमिकता दी जानी चाहिए थी." मोहसिन नक़वी ने कहा कि प्रांत में आपातकाल और गवर्नर शासन लागू करना न तो कोई राजनीतिक फ़ैसला था और न ही आसान क़दम. उन्होंने इसे ज़मीनी परिस्थितियों को देखते हुए उठाया गया एक कठिन संवैधानिक क़दम बताया. गृह मंत्री के मुताबिक़, जब सहयोग के सभी रास्ते बंद हो जाते हैं, तो संविधान और पाकिस्तान के व्यापक हितों को प्राथमिकता देना ज़रूरी हो जाता है. मोहसिन नक़वी ने अपने बयान में पाकिस्तान में शांति और स्थिरता के लिए दुआ की. दूसरी ओर, पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति आरिफ़ अलवी ने ख़ैबर पख़्तूनख़्वा में आपातकाल लागू करने और प्रांतीय सरकार को निलंबित किए जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने इस क़दम को ‘लोकतंत्र के ताबूत में आख़िरी कील’ क़रार दिया. दिल्ली मेट्रो में वरिष्ठ नागरिकों के लिए आरक्षित सीट पर बैठने को लेकर हुए विवाद में 48 वर्षीय एक शख़्स की मौत हो गई. पुलिस के मुताबिक़, विवाद के दौरान पवन शर्मा को कथित तौर पर थप्पड़ मारा गया और धक्का दिया, जिससे वह गिर पड़े और उनके सिर में गंभीर चोटें आईं. मामले में पुलिस ने पूर्व आईएएस अधिकारी संजय प्रताप सिंह और उनके बेटे सिद्धार्थ सिंह को गिरफ़्तार किया है. पुलिस के अनुसार, घटना 8 अक्तूबर को सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन पर हुई थी. न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के अनुसार, घटना के बाद मेट्रो कर्मचारियों ने पवन शर्मा को एंबुलेंस से लोक नायक जय प्रकाश अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. पुलिस ने पवन शर्मा की मां दुर्गा शर्मा की शिकायत पर 9 अक्तूबर को मामला दर्ज किया था. पुलिस सूत्रों के मुताबिक़, एफ़आईआर दर्ज होने के बाद दोनों अभियुक्तों को गिरफ़्तार कर लिया गया. पुलिस सूत्रों ने बताया कि संजय प्रताप सिंह पूर्व आईएएस अधिकारी हैं और उन्हें इससे पहले केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने कथित रिश्वतखोरी के एक मामले में गिरफ़्तार किया था. वहीं, उनके बेटे सिद्धार्थ सिंह सुप्रीम कोर्ट में वकालत करते हैं. पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है. इमेज स्रोत, Santosh Kumar/Hindustan Times via Getty Images केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को मध्य प्रदेश के वन विभाग और अन्य अधिकारियों पर अपने विदिशा लोकसभा क्षेत्र में आदिवासी परिवारों के घर गिराने, फ़सलों को नष्ट करने और एक कुएं को मिट्टी से भरने की बात कही है. दरअसल, शिवराज रविवार को बुधनी विधानसभा क्षेत्र के कोसमी गांव पहुंचे, जहां यह कार्रवाई की गई थी. उन्होंने न्यूज़ एजेंसी पीटीआई से बातचीत में कहा, "वन विभाग के अधिकारियों ने यहां जो किया है, वह ज़ुल्म की हद है. मैं उनसे पूछता हूं कि अगर उनके अपने बच्चों को इस तरह दुख में रोता-बिलखता छोड़ दिया जाए, तो क्या उन्हें अच्छा लगेगा? अगर उनकी अपनी मां और पत्नी को इस तरह रोना पड़े, तो क्या उन्हें अच्छा लगेगा? हम ये सभी बातें मुख्यमंत्री के सामने रखेंगे. मुझे तो लगता है कि मुख्यमंत्री की छवि ख़राब करने के लिए यह साज़िश है.” शिवराज सिंह चौहान के कार्यालय की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक़, प्रभावित परिवारों से मिलने के बाद उन्होंने इस कार्रवाई पर कड़ी नाराज़गी जताई. बयान के मुताबिक़, वन विभाग और ज़िला प्रशासन ने कुछ महीने पहले भी इसी तरह की कार्रवाई करने की कोशिश की थी, लेकिन शिवराज ने उन्हें आदिवासी परिवारों के घर नहीं गिराने का निर्देश दिया था. बयान में कहा गया कि ज़मीन पर क़ब्ज़े को लेकर रविवार को फिर से घर गिराने की कार्रवाई की गई, जबकि केंद्रीय कृषि मंत्री ने ऐसा न करने के निर्देश दिए थे. बयान में के मुताबिक़, "शिवराज ने मौके से ही मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल से बात की, उन्हें घटना की जानकारी दी और इस कार्रवाई पर अपनी आपत्ति जताई. उन्होंने प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से भी बात की और कहा कि वह जल्द ही इस मामले को मुख्यमंत्री मोहन यादव के सामने उठाएंगे." उन्होंने कहा कि ग़रीब परिवारों को बेघर करने के लिए ज़िम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने कहा, “जिन परिवारों के घर गिराए गए हैं, उनके लिए नए घर बनाए जाएंगे. जब तक उनके रहने के लिए स्थायी इंतज़ाम नहीं हो जाते, तब तक उनके रहने और खाने की अस्थायी व्यवस्था की जाएगी.” इस बीच, मध्य प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने घर गिराने का एक वीडियो एक्स पर साझा किया. उन्होंने लिखा, “मोहन-मामा की आपसी खींचतान में उजड़ रहे आदिवासी परिवार!” उन्होंने आरोप लगाया, “बीजेपी सरकार के भीतर चल रही खींचतान के कारण ग़रीब आदिवासी परिवारों के बेघर होने का ख़तरा पैदा हो गया है.” दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए सोमवार को क़रीब 10 घंटे के लिए 6 मेट्रो स्टेशन बंद किए हैं. डीएमआरसी ने कहा है कि इन स्टेशनों पर सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक यात्रियों की एंट्री और एग्ज़िट प्रतिबंधित रहेगी. डीएमआरसी ने आधिकारिक बयान में कहा, "सुरक्षा कारणों से 12 अक्तूबर, 2026 को सुबह 06:00 बजे से शाम 04:00 बजे तक इन मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश और बाहर निकलने के रास्ते बंद रहेंगे." "इसके बाद सुरक्षा एजेंसियां स्थिति की समीक्षा करेंगी और ज़रूरत के अनुसार नई जानकारी साझा की जाएगी. हालांकि, सभी संबंधित मेट्रो स्टेशनों पर मेट्रो बदलने की सुविधा उपलब्ध रहेगी." ये छह मेट्रो स्टेशन बंद: पटेल चौक, जनपथ, राजीव चौक, मंडी हाउस, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट और बाराखंबा रोड. गौरतलब है कि सोमवार को विपक्षी दलों के सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग को लेकर मार्च निकालने वाले हैं. बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा. कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. जंतर-मंतर पहुंचने से पहले ही हिरासत, कॉकरोच जनता पार्टी की रणनीति पर क्या बोले विशेषज्ञ क्या पुलिस किसी को विमान के अंदर पहुंचकर डिटेन कर सकती है सीजेपी के प्रदर्शन पर पाकिस्तान और बाकी विदेशी मीडिया में कैसी कवरेज सऊदी अरब हूती विद्रोहियों से राजधानी रियाद की हिफ़ाज़त क्यों नहीं कर पा रहा है?
स्रोत: BBC Hindi