बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर शनिवार को हुए हमले के बाद मुंबई पुलिस प्रोटेक्शन ब्रांच ने उन्हें सुरक्षा मुहैया कराई है, साथ ही स्थानीय पुलिस स्टेशन ने एक अधिकारी और अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की है. समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, इस मामले में राजस्थान के कोटा से तीन अभियुक्तों को गिरफ़्तार किया गया है और पूछताछ के लिए उन्हें ट्रांज़िट रिमांड पर मुंबई पुलिस को सौंप दिया गया है. मुंबई क्राइम ब्रांच के डीसीपी राज तिलक रौशन ने पत्रकारों को बताया, "तीनों अभियुक्तों की उम्र 18 और 22 साल है. इनमें से दो हरियाणा के सोनीपत और एक बिहार का रहने वाला है. तीनों में से दो ने 12वीं तक और एक ने 9वीं तक पढ़ाई की है. उनके आपराधिक रिकॉर्ड की जांच की जा रही है. तीनों अभियुक्तों में से कोई भी नाबालिग़ नहीं है." कोटा के एसीपी सुभाष चंद्र मिश्रा ने मंगलवार को बताया, "सोमवार गिरफ़्तार किए जाने के बाद उन्हें ट्रांजिट रिमांड के लिए सक्षम अदालत में पेश किया गया. अदालत ने ट्रांजिट रिमांड मंज़ूर कर दी, जिसके बाद उन्हें मुंबई पुलिस को सौंप दिया गया." कोटा के एसीपी ने बताया, "अभियुक्त सोमवार की रात कोटा पुलिस कस्टडी में थे, क्योंकि पुलिस टीम लंबे समय सफ़र के कारण थक गई थी. पुलिस ने अभियुक्तों से काफ़ी पूछताछ की और सुरक्षा कारणों से रात में रवाना न करना ज़रूरी समझा गया." शनिवार को हुई इस घटना के बाद मुंबई पुलिस ने बताया था कि एक्टर टाइगर श्रॉफ 'बिल्कुल सुरक्षित' हैं. डीसीपी मोहित गर्ग ने बताया था कि यह घटना शनिवार शाम सात बजे की है. टाइगर श्रॉफ एक निजी कार्यक्रम में गए थे और जैसे ही वहां से निकले उनकी कार पर गोली चलाई गई. उनके अनुसार, इस घटना में दो लोग घायल हुए थे, जिनमें एक टाइगर श्रॉफ के ड्राइवर फिरदौस हैं. उनके हाथ में गोली लगी थी. एक अन्य व्यक्ति घायल हुआ जिसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया. घटना के तत्काल बाद महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे टाइगर श्रॉफ से मिलने उनके घर पहुंचे और दोषियों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई और मशहूर हस्तियों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने का आश्वासन दिया था. सोमवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि इस घटना के साज़िशकर्ता महाराष्ट्र में नहीं हैं बल्कि राज्य से बाहर या देश से बाहर रहकर ऐसी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं. उन्होंने कहा, "हम उन साज़िशकर्ताओं का पता लगाएंगे, जो छिपकर दूर से निर्देश दे रहे हैं. इनमें से कोई भी महाराष्ट्र के भीतर रहकर काम नहीं कर रहा है. राज्य के भीतर से काम करने वालों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है." "ये लोग महाराष्ट्र के बाहर या यहां तक कि देश के बाहर से अपनी गतिविधियां चला रहे हैं. हम उन राज्यों के साथ समन्वय करके, जहां से ये लोग काम कर रहे हैं, और विदेश में मौजूद लोगों के मामले में केंद्र सरकार की मदद से उनका पता लगाएंगे और उनके ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई करेंगे." देश - दुनिया की बड़ी ख़बरें जिन्होंने बटोरी सुर्खियां. घटना के तुरंत बाद ही मुंबई पुलिस की 15 टीमें गठित की गई थीं. मौक़े पर फ़ॉरेंसिक टीमें भी पहुंचीं. मुंबई पुलिस ने बताया था कि आस पास के सभी सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और संदिग्धों का पता लगाने की कोशिश हो रही है. सोमवार को संदिग्धों के पकड़े जाने की ख़बर आई. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, कोटा रेलवे पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि अभियुक्तों के गुजरात के सूरत स्टेशन पर पुणे-जयपुर एक्सप्रेस ट्रेन में जल्दबाज़ी में चढ़ते हुए कथित तौर पर दिखाई देने वाला नया सीसीटीवी फुटेज सामने आया है. अधिकारी ने सोमवार को बताया कि अभियुक्तों मुंबई में एक्टर पर गोलीबारी की घटना के कुछ घंटे बाद टैक्सी से सड़क मार्ग के ज़रिए सूरत पहुंचे थे. मुंबई से सूरत की दूरी करीब 275 किलोमीटर है. इसके बाद वे सोमवार तड़के करीब 1.30 बजे जयपुर जाने वाली ट्रेन में सवार हुए. पश्चिम रेलवे के वडोदरा डिवीजन के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अभय सोनी ने कहा कि संदिग्धों का पता लगाने के अभियान में गुजरात की सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने मुंबई पुलिस के साथ तालमेल कर सहयोग किया. कोटा के डीआरएम ने एक्स हैंडल पर संदिग्दों के पकड़े जाने का एक वीडियो साझा करते हुए लिखा कि आरपीएफ़ और कोटी सिटी पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई कर संदिग्धों को पकड़ा था. एक्स पर जारी बयान में कहा गया है, "मुंबई के जुहू क्षेत्र में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की गाड़ी को निशाना बनाकर की गई कथित फायरिंग के मामले में प्राप्त सूचना के आधार पर कोटा स्टेशन पर गाड़ी संख्या 12939 पुणे–जयपुर एक्सप्रेस से तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया गया. इनमें एक नाबालिग़ भी शामिल है. मुंबई पुलिस एवं संबंधित जांच एजेंसियों को सूचित कर दिया गया है. घटना में संदिग्धों की कथित संलिप्तता की जांच जारी है." कोटा रेलवे कॉलोनी पुलिस स्टेशन के एसएचओ रामस्वरूप मीणा ने पत्रकारों को बताया कि संदिग्धों के पास से कोई हथियार या पैसा बरामद नहीं हुआ है. उन्होंने मंगलवार को बताया, "महाराष्ट्र पुलिस के अधिकारी पहले से वहां मौजूद थे. उन्होंने संदिग्धों के पूछताछ की है. संदिग्धों को महाराष्ट्र पुलिस को सौंप दिया गया है." इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक़, सूरत के एक कैब ड्राइवर को संदिग्धों में से एक की फ़ोन कॉल ने मुंबई पुलिस को उनके मूवमेंट के बारे में सुराग दिया था. रिपोर्ट के अनुसार, ख़ुद को ट्रैक किए जाने से बचने के लिए संदिग्धों ने अपने फ़ोन स्विच ऑफ़ कर लिए थे और लगातार अपनी जगहें और परिवहन के साधन बदल रहे थे. लेकिन रविवार की रात एक संदिग्ध ने बोरीवली रेलवे स्टेशन के बाहर से एक कैब ड्राइवर को कॉल किया और मिलने की जगह बताई. इंडियन एक्सप्रेस ने घटना की जांच में शामिल एक पुलिस अधिकारी के हवाले से बताया कि सीसीटीवी कैमरों की मदद से संदिग्धों की पहचान कर ली गई थी और तकनीकी आधार पर उनके फ़ोन का पता लगा लिया गया था. कैब ड्राइवर को फ़ोन किए जाने के बाद उस ड्राइवर का भी नंबर पुलिस को मिल गया. हालांकि अभियुक्तों ने अपना फ़ोन बंद रखा था. रिपोर्ट में कहा गया है कि कैब ड्राइवर पुलिस को उस जगह ले गया, जहां उसने अभियुक्तों को उतारा था. पुलिस ने वहां आस पास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो पता चला कि बस का कुछ देर इंतज़ार करने के बाद वे सूरत से पुणे-जयपुर ट्रेन में सवार हुए. प्लेटफॉर्म के सीसीटीवी फुटेज से ये भी पता चला कि वे किस कोच में सवार हुए थे. इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि ट्रेन का अगला स्टॉप कोटा था, इसलिए कोटा पुलिस को ख़बर की गई जहाँ वे पकड़े गए. इससे पहले मुंबई पुलिस के एक अधिकारी ने बताया था कि तीनों अभियुक्त फूल सिंह, रेहान आर और ऋतिक महतो एक ही मोटरसाइकिल पर ट्रिपलिंग करते हुए जुहू से अंधेरी रेलवे स्टेशन पहुंचे थे. वहां से उन्होंने बोरीवली जाने वाली ट्रेन पकड़ी थी. एक अभियुक्त ऋतिक कुमार उर्फ़ रोशन बिहार के बेगूसराय का रहने वाला है. पटना से बीबीसी संवददाता सीटू तिवारी के अनुसार, अभियुक्त ऋतिक कुमार बेगूसराय के पिपराई ज़िला का रहने वाला है और मुंबई के अंधेरी वेस्ट में रहता था. रतनपुर थानाध्यक्ष गणेश शंकर ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी को बताया, "हमारी टीम पूछताछ के लिए गई थी. ऋतिक के पिता किराने की दुकान चलाते है. उनकी माँ का नाम संयुक्ता देवी है. संयुक्ता ने बताया कि उनका बेटा ऋतिक खाना बनाने का काम करता है. पहले वो दिल्ली रहता था लेकिन कुछ महीने पहले ही मुंबई गया. वो घूमता रहता था और सूरत, बड़ोदरा भी काम के लिए गया था." जब ये पूछा कि क्या ऋतिक रैपिडो चलाता था, तो रतनपुर थानाध्यक्ष ने इसकी जानकारी न होने की बात कही. बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित. BBC World Service के नए ऐप को डाउनलोड करें BBC News हिन्दी को चुनें और पाइए न्यूज़ अलर्ट, लाइव टीवी, पॉडकास्ट... सब एक जगह कृपया नोट करें: नया ऐप ब्रिटेन और अमेरिका में उपलब्ध नहीं है.
स्रोत: BBC Hindi