बिहार के बेगूसराय शहर में एक मामूली सा दिखने वाला घर आजकल ख़बरों में है. शहर के डुमरी मोहल्ले में स्थित ये घर तक़रीबन 600 वर्ग फ़ीट में है. इस घर के पास से गुज़रने वाले लोग इसे जिज्ञासा की नज़रों से देखते हैं. दरअसल, ये घर ऋतिक कुमार उर्फ़ रौशन का है. ऋतिक कुमार, अभिनेता टाइगर श्रॉफ़ पर हुई फ़ायरिंग के मामले में राजस्थान के कोटा से गिरफ़्तार किए गए तीन अभियुक्तों में से एक है. इस मामले में अदालत ने इन तीनों अभियुक्तों को 31 अक्तूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है. 19 अक्तूबर को जब ऋतिक कुमार की गिरफ़्तारी हुई तो उनकी मां संयुक्ता देवी ने उन्हें अपना बेटा मानने से इनकार कर दिया था. लेकिन बाद में उन्होंने इस बात की पुष्टि की कि गिरफ़्तार हुआ ऋतिक कुमार उनका बेटा है. ऋतिक कुमार मूल रूप से बेगूसराय के मटिहानी थाना क्षेत्र के बदलपुरा गांव का रहने वाला है. ऋतिक का परिवार मटिहानी से तक़रीबन 15 साल पहले बेगूसराय शहर आ गया और यहां उन्होंने पिपरा नाम की जगह पर लिट्टी-समोसे की छोटी सी रेहड़ीनुमा दुकान खोल ली. साथ ही उन्होंने एक अन्य छोटी सी दुकान खोली, जिसमें साड़ियां और हिंदू देवी-देवताओं की पूजा में इस्तेमाल होने वाले कपड़े बिकते हैं. ऋतिक के पिता का नाम रामू महतो और माता का नाम संयुक्ता देवी है. इस दंपति के तीन बच्चे हैं, जिनमें ऋतिक, उसका छोटा भाई और एक बहन है. बहन की शादी हो चुकी है. रामू महतो लिट्टी-समोसे की दुकान चलाते हैं, वहीं उनकी पत्नी संयुक्ता देवी कपड़े की दुकान चलाती हैं. इस दंपति ने तक़रीबन दो साल पहले बेगूसराय शहर के डुमरी मोहल्ले में एक मकान बनवाया. इस मकान में पुताई नहीं हुई है. रामू महतो के एक पड़ोसी बीबीसी से नाम नहीं छापने की शर्त पर बताते हैं, "ऋतिक तक़रीबन 22 साल का लड़का है और वो दो साल पहले ही यहां से दिल्ली गया था. उसको स्टाइल में रहना पसंद है. वो बाल बढ़ाता था, जिम जाता था और उसको शौक था शरीर पर टैटू बनवाने का. कुछ दिन वो अपने पापा की दुकान पर काम किया, लेकिन फिर पता चला कि वो दिल्ली में कहीं खाना बनाने का काम करने लगा है." ऋतिक की गिरफ़्तारी के बाद जब स्थानीय पत्रकारों ने उसकी मां संयुक्ता देवी से बात की तो उन्होंने ऋतिक को पहचानने से इनकार कर दिया था. स्थानीय पत्रकार सुरेंद्र किशोरी बीबीसी को बताते हैं, "पहले तो उन्होंने इनकार किया था. लेकिन बाद में उन्होंने कहा कि कोटा और मुंबई पुलिस ने उन्हें फ़ोन किया, जिसके बाद उन्हें यक़ीन हुआ कि गिरफ़्तार लड़का उनका ऋतिक ही है. वो अपने बयान लगातार बदल रही हैं. गिरफ़्तारी के बाद जब पहली बार हम लोग उनकी दुकान पर गए तो आधे घंटे तक तो रामू महतो वहां रहे, लेकिन उसके बाद से वो ग़ायब हो गए. ऋतिक की मां ही मीडिया के सामने आ रही हैं." संयुक्ता देवी यानी ऋतिक की मां से बीबीसी का संपर्क नहीं हो पाया है. लेकिन उन्होंने स्थानीय पत्रकारों से बात की है. संयुक्ता ने स्थानीय पत्रकारों को बताया है, "ऋतिक दिल्ली से कुछ महीने पहले मुंबई आया था और वहां भी कुक का काम करता था. उसने कुछ दिनों पहले घर से ही एक सेकेंड हैंड बाइक खरीदने के लिए 40,000 रुपये लिए थे. वो अगस्त महीने में बेगूसराय आया था और एक अक्तूबर को वापस गया है. उसके बाल लंबे-लंबे थे, लेकिन एक मनौती के चलते उसने अपना मुंडन कराया था." संयुक्ता देवी ने स्थानीय मीडिया को ये भी बताया कि ऋतिक कुमार का एक लड़की से अफ़ेयर था और दोनों शादी करना चाहते थे. लेकिन लड़की के पिता इस रिश्ते से नाख़ुश थे. वो कहती हैं, "मेरे बेटे को फंसाया जा रहा है. मेरा बेटा पढ़ा-लिखा है. वो किसी को मार नहीं सकता और ना ही गोली चला सकता है." देश - दुनिया की बड़ी ख़बरें जिन्होंने बटोरी सुर्खियां. संयुक्ता देवी ऋतिक कुमार का पेशा कुक बता रही हैं, लेकिन ऋतिक रैपिडो बाइक भी चलाता था. ऋतिक की गिरफ़्तारी के बाद स्थानीय थाने रतनपुर की पुलिस की एक टीम भी ऋतिक के घर गई थी. रतनपुर थानाध्यक्ष गणेश शंकर ने बीबीसी से कहा, "संयुक्ता देवी को इस बात की जानकारी नहीं है कि उनका बेटा रैपिडो चलाता है." हालांकि, रैपिडो ने एक्स पर 19 अक्तूबर को एक बयान जारी करके ऋतिक के बारे में जानकारी दी है. बयान के मुताबिक़, "ऋतिक कैप्टन (रैपिडो बाइक चालक) के तौर पर 14 अक्तूबर से सक्रिय नहीं है, लेकिन घटना के दिन (18 अक्तूबर, टाइगर श्रॉफ़ पर हमले का दिन) ऋतिक ने बतौर ग्राहक रैपिडो सर्विस का इस्तेमाल किया था." स्थानीय मीडिया में ऋतिक कुमार का सोशल मीडिया अकाउंट भी रिपोर्ट किया जा रहा है. दैनिक अख़बार प्रभात ख़बर में छपी रिपोर्ट के मुताबिक़, "ऋतिक कुमार के दोस्तों के मुताबिक़ वो अपने लुक, पर्सनैलिटी और फ़िटनेस को लेकर सजग रहता था. उसके सोशल मीडिया पर उसके हेवी वर्कआउट, टैटू और बीएमडब्ल्यू के साथ वीडियो चर्चा में हैं. हालांकि, ये सब उसकी असल आर्थिक स्थिति से बिल्कुल अलग था." बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ़ की कार पर मुंबई में रविवार, 18 अक्तूबर शाम को अज्ञात हमलावरों ने फ़ायरिंग की थी. इस घटना में उनका ड्राइवर घायल हुआ. बीसीसी न्यूज़ मराठी के मुताबिक़, मुंबई के विले पार्ले पश्चिम में जुहू पुलिस थाने की सीमा के भीतर गोलीबारी की घटना हुई. मुंबई के वेस्ट ज़ोन-2 के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) मोहित गर्ग ने टाइगर श्रॉफ़ से जुड़ी गोलीबारी की घटना की पुष्टि की थी. मुंबई पुलिस के मुताबिक़, गोलीबारी में दो लोग घायल हुए थे, जिनमें टाइगर श्रॉफ के ड्राइवर फिरदौस भी शामिल थे. उनके बाएं हाथ में गोली लगी है. टाइगर श्रॉफ़ इस हमले में सुरक्षित थे. उन्हें गोली नहीं लगी थी. इसके बाद मुंबई पुलिस की निशानदेही के आधार पर पुलिस ने तीनों अभियुक्तों को राजस्थान के कोटा से हिरासत में लिया था. बाद में मुंबई पुलिस उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई ले आई थी. इन्हीं में से एक अभियुक्त ऋतिक कुमार है. गिरफ़्तार तीनों अभियुक्तों को 31 अक्तूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है. टाइगर श्रॉफ़ के वकील अजिंक्य मिरगल ने मीडिया को बताया कि तीन अभियुक्तों को अदालत में पेश किया गया. कोर्ट ने तीनों को 31 अक्तूबर तक पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया. बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित. 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स्रोत: BBC Hindi