इमेज स्रोत, Instagram/boy.throb कोल्हापुर के गडहिंग्लज के रहने वाले दर्शन मगदूम ने हाल ही में अपने 'बॉय थ्रॉब' बैंड के साथियों के साथ न्यूयॉर्क के मेयर ज़ोहरान ममदानी से मुलाक़ात की. इस दौरान दर्शन और ममदानी ने हिंदी में बातचीत की. बैंड ने इस मुलाक़ात का वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, जिसकी काफ़ी चर्चा हो रही है. पोस्ट के मुताबिक़, ममदानी ने कहा कि न्यूयॉर्क के मेयर कार्यालय में आने वाला यह पहला बैंड है. वीडियो में दर्शन कहते हैं, "मुझे कितनी ख़ुशी हो रही है, यह मैं बता नहीं सकता." "जब मैंने अपने दोस्तों को बताया कि मैं न्यूयॉर्क शहर के मेयर ज़ोहरान ममदानी से मिलने जा रहा हूं, तो उन्होंने मुझसे कहा कि मैं आपको बताऊं, हम आपसे बहुत प्यार करते हैं." वीडियो में ममदानी, दर्शन से यह पूछते हुए भी दिखाई देते हैं कि वह भारत के किस हिस्से से आए हैं. इस मुलाक़ात के बाद दर्शन मगदूम एक बार फिर चर्चा में हैं. ऐसे में जानते हैं कि कोल्हापुर के दर्शन मगदूम कौन हैं, वह अमेरिका के 'बॉय थ्रॉब' बैंड का हिस्सा कैसे बने और उन्हें अमेरिका का आर्टिस्ट वीज़ा कैसे मिला? इमेज स्रोत, Team Thinking out loud digital दर्शन का बचपन भी दूसरे बच्चों की तरह बेहद साधारण था. स्कूल जाना, घर लौटने के बाद शास्त्रीय संगीत का रियाज़ करना, पढ़ाई करना और समय पर सो जाना. यही उनकी रोज़ की दिनचर्या थी. अपने बचपन के बारे में दर्शन ने बीबीसी मराठी से कहा, "सच कहूं तो आज भी मेरी जीवनशैली काफ़ी हद तक वैसी ही है. मैं हमेशा से जल्दी सोने और जल्दी उठने में विश्वास करता रहा हूं." दर्शन के माता-पिता दोनों शिक्षक हैं. इसलिए उनके परिवार में पढ़ाई को हमेशा काफ़ी अहमियत दी गई. दर्शन ने ग्रेजुएशन किया है. उनके माता-पिता चाहते थे कि वह पोस्ट ग्रेजुएशन भी पूरा करें, लेकिन वह उनकी यह उम्मीद पूरी नहीं कर सके. दर्शन बताते हैं, "मैंने कंटेंट बनाना शुरू किया और उससे मेरी ज़िंदगी में अच्छे बदलाव आने लगे. इसके बाद मैंने आगे पढ़ाई करने के बजाय इसी क्षेत्र में आगे बढ़ने का फ़ैसला किया." वह कहते हैं, "मुझे बचपन से ही संगीत पसंद था. मैंने और मेरे भाई ने शास्त्रीय संगीत सीखा. हमारी लगभग हर दिन क्लास होती थी." "बचपन से लगातार रियाज़ करने की वजह से संगीत में मेरी दिलचस्पी और बढ़ती गई. मुझे लगता है कि संगीत का मेरा असली सफ़र वहीं से शुरू हुआ." देश - दुनिया की बड़ी ख़बरें जिन्होंने बटोरी सुर्खियां. इस क्षेत्र में अपनी जगह बनाते समय उन्हें कितनी मुश्किलों का सामना करना पड़ा? इस सवाल पर दर्शन कहते हैं कि वह यह नहीं कहेंगे कि उन्हें बहुत ज़्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ा. वह बताते हैं, "इसकी सबसे बड़ी वजह यह थी कि मैंने इस बात की बहुत परवाह किए बिना कंटेंट बनाना शुरू किया कि लोग क्या कहेंगे. मैंने ख़ुद पर भी ज़्यादा दबाव नहीं डाला." "इस सफ़र में मुझे कई मज़ेदार प्रतिक्रियाएं मिलीं. हालांकि नकारात्मक कमेंट्स के मुक़ाबले सकारात्मक प्रतिक्रियाएं कहीं ज़्यादा थीं." दर्शन कहते हैं, "मुझे मालूम है कि शुरुआत में और शायद आज भी कुछ लोग मुझे कंटेंट क्रिएटर के बजाय एक मीम के रूप में ज़्यादा जानते हैं. लेकिन मुझे लगता है कि समय के साथ मेरा काम ही मेरी पहचान बन गया." वह कहते हैं, "यह मेरी ख़ुशक़िस्मती है कि मुझे जो मौक़े मिले, मैं उनका फ़ायदा उठा सका." "ब्रूनो मार्स और एडम लेविन जैसे अंतरराष्ट्रीय कलाकारों का मेरे काम का ज़िक्र करना, भारतीय कलाकारों के साथ शूटिंग करना, बड़े ओटीटी प्लेटफ़ॉर्म और प्रीमियम ब्रांड के साथ काम करना या अमेरिका के बॉय बैंड 'बॉय थ्रॉब' का सदस्य बनना. मुझे ऐसे कई मौक़े मिले." पीछे मुड़कर देखने पर दर्शन बेहद विनम्रता से कहते हैं कि हर अच्छे और बुरे अनुभव ने उन्हें आज इस मुकाम तक पहुंचाने में मदद की. दर्शन की 'बॉय थ्रॉब' से मुलाक़ात की कहानी भी दिलचस्प है. उन्हें सबसे पहले लॉस एंजिलिस की एक टीम से ईमेल आया. उसी समय उन्हें पहली बार इस बैंड के बारे में पता चला. यह टीम अमेरिका में एक बॉय बैंड बनाने की सोच रही थी. दर्शन और उनकी टीम को 'बॉय थ्रॉब' का विचार पसंद आया. इसके बाद उन्होंने बैंड की टीम से फ़ोन पर बात करने का फ़ैसला किया. हालांकि तब दर्शन ने यह नहीं सोचा था कि इससे उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम करने का मौक़ा मिलेगा और दुनिया भर के लोगों से इतना प्यार मिलेगा. 'बॉय थ्रॉब' की टीम ने दर्शन के कुछ कवर गाने देखे थे. उन्होंने यह भी देखा था कि कुछ अंतरराष्ट्रीय कलाकारों ने दर्शन के काम का ज़िक्र किया है. दर्शन बताते हैं, "उस समय मेरे कई वीडियो अमेरिका में वायरल हो रहे थे और वहां मेरे फ़ॉलोअर्स भी बढ़ रहे थे." "लोग मेरे कंटेंट के मज़ेदार एडिट बनाकर शेयर कर रहे थे. ये वीडियो इंस्टाग्राम रील्स और टिकटॉक पर घूम रहे थे." वह कहते हैं, "वहां के दर्शकों की प्रतिक्रियाएं और आंकड़े देखने के बाद हमें लगा कि इस मौक़े को आज़माकर देखना चाहिए. इसलिए हमने इसे स्वीकार करने का फ़ैसला किया." सभी बातें तय होने के बाद दर्शन की बैंड के दूसरे सदस्यों से मुलाक़ात हुई. 'बॉय थ्रॉब' बैंड ने सोशल मीडिया पर लोगों को हैरान कर दिया. इस बैंड ने केवल एक साल में अपने फ़ॉलोअर्स का लक्ष्य पूरा कर लिया. बैंड में दर्शन के अलावा इवान पापिए, एंथनी की और ज़ैकरी सोबानिया शामिल हैं. इन सभी की पहचान ऑनलाइन हुई थी. हालांकि इवान और एंथनी पहली बार अमेरिकी गायन प्रतियोगिता 'अमेरिकन आइडल' में नाकाम ऑडिशन के बाद एक-दूसरे के संपर्क में आए. साल 2021 में शो के 19वें सीज़न के दौरान एंथनी ने के-पॉप बैंड बीटीएस के गाने 'डायनामाइट' का कवर पेश किया था. हालांकि वह इसमें कामयाब नहीं हो सके. इसके एक साल बाद इवान ने भी ऑडिशन दिया, लेकिन उन्हें भी कामयाबी नहीं मिली. उन्होंने जो गाना गाया था, उसका प्रसारण तक नहीं किया गया. इसके बाद इवान ने टिकटॉक पर अपने प्रशंसक बनाए और आगे चलकर यह बैंड तैयार हुआ. तीन अगस्त को दर्शन ने वीडियो कॉल करके अपने बैंड के बाक़ी सदस्यों को बताया कि उन्हें वीज़ा मिल गया है. वीडियो में वह कहते हैं, "हमने कर दिखाया." 'बॉय थ्रॉब' ने यह वीडियो अपने इंस्टाग्राम पेज पर पोस्ट किया था. बैंड ने अपना पहला वीडियो 28 अक्तूबर 2025 को पोस्ट किया था और वह सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था. इस वीडियो में सदस्यों ने अपना परिचय देते हुए कहा था कि वे 'ग्रैमी पुरस्कार' जीतना चाहते हैं. पत्रिका और डिजिटल मीडिया संस्थान 'कॉस्मोपॉलिटन' को दिए इंटरव्यू में इवान ने बताया कि बैंड के सभी सदस्य एक साथ कैसे आए. उन्होंने कहा, "मैं 'अमेरिकन आइडल' में शामिल हुआ था. मैंने देखा कि एंथनी भी इस कार्यक्रम में आए थे." "मुझे बहुत ग़ुस्सा और निराशा थी कि 'अमेरिकन आइडल' ने मेरा ऑडिशन कभी प्रसारित नहीं किया. मैं केवल किसी से अपनी निराशा के बारे में बात करना चाहता था. इसी वजह से मैंने और एंथनी ने बातचीत शुरू की. उसके बाद हमें दर्शन और ज़ैकरी ऑनलाइन मिले." इसी इंटरव्यू में एंथनी ने कहा, "मैं और इवान कुछ समय से अलग-अलग गायक के रूप में काम कर रहे थे. हमें लगा कि अगर हमें बड़ा बनना है, तो हमें एक ग्रुप तैयार करना चाहिए." "हम कुछ अलग करना चाहते थे. हम एक बॉय बैंड बनाना चाहते थे, लेकिन हमारी इच्छा थी कि वह पहले के सभी बॉय बैंड से अलग हो." एंथनी ने बताया, "इसी दौरान हमें दर्शन मिले. वह भारत में शानदार काम कर रहे थे. हमने सोचा कि इस लड़के को अपने बैंड में शामिल कर लेते हैं." "लेकिन परेशानी यह थी कि उनके पास अमेरिका आने का वीज़ा नहीं था. हमें एक बास सिंगर की भी तलाश थी और वह ज़ैकरी थे. इस तरह एक के बाद एक सारी चीज़ें होती गईं और यह ग्रुप बन गया." दर्शन के लिए अमेरिका का आर्टिस्ट वीज़ा यानी ओ-1 वीज़ा हासिल करने का सफ़र भी उतार-चढ़ाव से भरा रहा. उन्हें यह साबित करने के लिए काफ़ी सबूत देने पड़े कि अमेरिका में बैंड का यह प्रोजेक्ट असली है. उन्हें बैंड के काम और संगीत बनाने की दिशा में हुई प्रगति के सबूत भी पेश करने पड़े. इसके लिए बैंड ने अपने कुछ मूल गाने जारी किए. दर्शन के मुताबिक़, इन गानों को बेहद उत्साह बढ़ाने वाली प्रतिक्रिया मिली. इमेज स्रोत, Team Thinking out loud digital अपने पहले वीडियो में बैंड ने अपना परिचय देते हुए बताया था कि दर्शन मगदूम अपने बैंड से दूर भारत में फंसे हुए हैं. बैंड के इमिग्रेशन वकील के मुताबिक़, दर्शन को अमेरिका का वीज़ा दिलाने के लिए बैंड के इंस्टाग्राम पेज पर 10 लाख फ़ॉलोअर्स होने ज़रूरी थे. इस वीडियो के ज़रिए बैंड ने लोगों से अपील की कि वे 10 लाख फ़ॉलोअर्स का लक्ष्य पूरा करने में उनकी मदद करें, ताकि दर्शन को अमेरिका का वीज़ा मिल सके. दर्शन बताते हैं, "इस सफ़र की शुरुआत लोगों के लिए मुफ़्त कार्यक्रम करने से हुई. हमारा पहला कार्यक्रम एक वृद्धाश्रम में हुआ था. उस समय मैं ज़ूम के ज़रिए इन कार्यक्रमों में शामिल होता था." "वृद्धाश्रम में हुए कार्यक्रम के बाद इंस्टाग्राम और टिकटॉक पर हमारे कंटेंट को बड़ी प्रतिक्रिया मिलने लगी. हमारे फ़ॉलोअर्स तेज़ी से बढ़े और केवल दो महीनों में उनकी संख्या पांच लाख के क़रीब पहुंच गई." वह कहते हैं, "10 लाख फ़ॉलोअर्स का आंकड़ा छूना एक लंबे सफ़र का हिस्सा था. यह केवल आंकड़ों की बात नहीं थी." "हर कार्यक्रम, कंटेंट, मूल गाने और दर्शकों के साथ हुई बातचीत से हमें यह दिखाने में मदद मिली कि 'बॉय थ्रॉब' अंतरराष्ट्रीय दर्शक वर्ग वाला असली संगीत प्रोजेक्ट है, जो तेज़ी से आगे बढ़ रहा है." "इस पूरी प्रक्रिया में हमें लगातार सबूत जुटाने और अपना पक्ष मज़बूत करने की ज़रूरत पड़ी." शुरुआती दिनों में दर्शन ने ग्रीन स्क्रीन का इस्तेमाल करके कई वीडियो बनाए. इससे वह अमेरिका में बैंड के साथ मौजूद न होने के बावजूद दर्शकों के सामने ख़ुद को पेश कर सके और वहां के लोगों से जुड़ पाए. दर्शन कहते हैं, "इस अनुभव से मैंने सीखा कि उपलब्ध साधनों का रचनात्मक तरीक़े से कैसे इस्तेमाल किया जाए, काम में लगातार बने कैसे रहा जाए और किसी भी स्थिति में लोगों को पसंद आने वाला कंटेंट कैसे बनाया जाए." 'बॉय थ्रॉब' के कई कार्यक्रमों, मूल गानों और बढ़ते दर्शक वर्ग के बाद आख़िरकार जून 2026 में दर्शन को अमेरिका का ओ-1 वीज़ा मिल गया. दर्शन ने अचानक मिले इस मौक़े को स्वीकार किया, कंटेंट और संगीत बनाने का काम जारी रखा और एक फ़ोन कॉल से शुरू हुआ उनका सफ़र उन्हें अंतरराष्ट्रीय बॉय बैंड का सदस्य बनने तक ले गया. दर्शन इस पूरे सफ़र के लिए आभार जताते हैं. बैंड के दौरे की तारीख़ों की घोषणा अभी बाक़ी है. 28 अक्तूबर 2026 को बैंड ने अपना एक साल पूरा किया. इमेज स्रोत, Team Thinking out loud digital दर्शन का परिवार साधारण पृष्ठभूमि से आता है. इसलिए कंटेंट बनाने के क्षेत्र में किस तरह के मौक़े मिल सकते हैं, इसे समझने में उनके परिवार को कुछ समय लगा. दर्शन बताते हैं, "जब मैंने कंटेंट से पैसे कमाना शुरू किया, तब भी वे मेरी कमाई से बहुत प्रभावित नहीं हुए." "वे मुझे पोस्ट ग्रेजुएशन करने और कोई स्थायी नौकरी तलाशने की सलाह देते रहे. मैं इसके लिए उन्हें दोष नहीं देता." "वे ऐसी पीढ़ी और माहौल में बड़े हुए हैं, जहां इंटरनेट पर किए जाने वाले काम को करियर के रूप में नहीं देखा जाता था." दर्शन बताते हैं, "जब लोग मुझे सार्वजनिक जगहों पर पहचानने लगे और मेरे साथ तस्वीरें खिंचवाने की गुज़ारिश करने लगे, तब हालात बदलने लगे." "मेरे परिवार को यह एहसास होने लगा कि लोग मुझे पहचानते हैं, मेरा काम बहुत से लोगों तक पहुंच चुका है और कंटेंट बनाना भी ऐसा करियर हो सकता है, जिससे असली मौक़े मिलते हैं." जब दर्शन को 'बॉय थ्रॉब' में शामिल होने का मौक़ा मिला, तो स्वाभाविक रूप से उनके परिवार को चिंता हुई. ख़ासकर उनके अमेरिका जाने को लेकर परिवार परेशान था. लेकिन साथ ही उन्हें इस बात पर बहुत गर्व भी था कि उनका बेटा कुछ अलग कर रहा है. अपने परिवार में इस तरह का काम करने वाले दर्शन पहले व्यक्ति थे. इसलिए उनका यह सफ़र उनके माता-पिता के लिए और भी ख़ास बन गया. दर्शन ने अमेरिका जाने से पहले का एक ऐसा वाकया भी बताया, जिसे वह हमेशा याद रखेंगे. जब उन्हें यह मौक़ा मिला, तो उनके गांव और स्कूल में कई जगह होर्डिंग लगाए गए. इन होर्डिंग में बताया गया था कि दर्शन 'बॉय थ्रॉब' का हिस्सा बनने जा रहे हैं. दर्शन कहते हैं, "जहां मैं पला-बढ़ा, उसी जगह इस तरह अपनी पहचान बनते देखना अविश्वसनीय था. उसी समय मेरे परिवार को सही मायने में एहसास हुआ कि मैंने कितनी तरक़्क़ी की है." सोशल मीडिया पर हुई ट्रोलिंग के बारे में दर्शन कहते हैं, "लोग जितना समझते हैं, मुझे उतनी नफ़रत भरी टिप्पणियों का सामना नहीं करना पड़ा." "अगर ऐसी टिप्पणियां आती भी हैं, तो मैं आम तौर पर उनका जवाब नहीं देता. सच कहूं तो उनसे मुझे ज़्यादा परेशानी नहीं होती और न ही उनका मुझ पर निजी तौर पर कोई असर पड़ता है." वह कहते हैं, "मैंने सीखा है कि इंटरनेट पर लिखी हर बात को दिल पर नहीं लेना चाहिए. हर किसी को अपनी राय रखने का अधिकार है." "मुझे हर नकारात्मक टिप्पणी का जवाब देने या सबके सामने ख़ुद को साबित करने की ज़रूरत महसूस नहीं होती." दर्शन कहते हैं, "अगर कंटेंट क्रिएटर के नज़रिए से देखें, तो नकारात्मक टिप्पणियों से भी वीडियो पर लोगों की भागीदारी बढ़ सकती है." "इसलिए उनका अपनी मानसिक शांति पर असर पड़ने देने के बजाय मैं उन्हें इस नज़रिए से देखता हूं." "आख़िरकार, मैं अपनी ऊर्जा उसी काम पर लगाना चाहता हूं जो मुझे पसंद है. कंटेंट बनाना और उन लोगों से जुड़े रहना, जिन्हें मेरा काम सच में पसंद है." इमेज स्रोत, Team Thinking out loud digital फ़िलहाल दर्शन का पूरा ध्यान 'बॉय थ्रॉब' और अमेरिका में 2027 तक चलने वाले उसके दौरे पर है. अभी उनकी सारी ऊर्जा इसी काम पर लगी है. वह कहते हैं, "हमारे कई कार्यक्रम हाउसफुल हो रहे हैं. दर्शकों की प्रतिक्रिया बेहद उत्साह बढ़ाने वाली है और इससे हमें और बेहतर काम करने की प्रेरणा मिलती है." दर्शन कहते हैं, "आने वाले समय में हम दूसरे देशों में भी कार्यक्रम करना और अपने संगीत को और बड़े दर्शक वर्ग तक पहुंचाना चाहेंगे." "लेकिन अमेरिका का दौरा पूरा होने के बाद ही हम इस बारे में कोई फ़ैसला करेंगे." 'बॉय थ्रॉब' ने 28 अक्तूबर 2026 को अपना एक साल पूरा किया. एक साल के इस सफ़र के बारे में दर्शन कहते हैं कि सच में यह सब अविश्वसनीय लगता है. उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि इंटरनेट पर रील बनाने से शुरू हुआ सफ़र उन्हें एक बॉय बैंड का हिस्सा बनने और पूरे अमेरिका में दर्शकों के सामने कार्यक्रम करने तक ले जाएगा. दर्शन के लिए कोल्हापुर से अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने का अनुभव किसी सपने जैसा है. वह कहते हैं, "कोल्हापुर में बड़े होते समय मैंने कभी नहीं सोचा था कि इंटरनेट पर रील बनाने से मुझे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचने और अमेरिका के एक बॉय बैंड का हिस्सा बनने का मौक़ा मिलेगा." "मैं अपनी पसंद का काम करता रहा और सामने आने वाले मौक़ों के लिए ख़ुद को तैयार रखा. इसलिए यह सफ़र स्वाभाविक रूप से आगे बढ़ता गया." "अपने गांव में कंटेंट बनाने से लेकर अमेरिका में कार्यक्रम करने तक का सफ़र अविश्वसनीय है. कभी-कभी आज भी मुझे यक़ीन नहीं होता कि यह सब सच में हो रहा है." इमेज स्रोत, Team Thinking out loud digital 'अमुक तमुक' के प्रमुख और सोशल मीडिया इन्फ़्लुएंसर ओंकार जाधव कहते हैं कि दर्शन इस बात का बेहतरीन उदाहरण हैं कि सोशल मीडिया किस तरह किसी की ज़िंदगी बदल सकता है. वह कहते हैं, "मैंने दर्शन को एक-दो साल पहले देखा था, जब उन्हें ट्रोल किया जा रहा था. उस समय मैंने उनका इंस्टाग्राम पेज और ग्रीन स्क्रीन पर बनाए उनके सभी वीडियो देखे." "अमेरिकी गायक ब्रूनो मार्स ने उनके वीडियो शेयर किए, जिसके बाद वह लोगों की नज़र में आए." ओंकार कहते हैं, "दर्शन बहुत ईमानदार हैं और यह उनके कवर गानों में दिखाई देता रहा है." "जब उन्हें ट्रोल किया गया, तब उन्होंने इसे बहुत गंभीरता से नहीं लिया और अपना काम जारी रखा. वह अपना काम पसंद करते थे और ट्रोलिंग के बाद भी उन्होंने इसे करना बंद नहीं किया." "जब उन्होंने वीज़ा हासिल करने के लिए कंटेंट बनाना शुरू किया, तो मुझे यह देखकर बहुत अच्छा लगा कि आप अपनी भाषा में और जैसे बन पड़े, वैसे कंटेंट बनाते हैं और उससे सच में कुछ हो सकता है." डिजिटल क्रिएटर चिन्मय दामले कहते हैं, "शुरुआत में दर्शन की गायकी पर मज़ाक बनाए गए. कई लोगों को लगा कि वह किसी की खिल्ली उड़ा रहे हैं या कोई प्रैंक कर रहे हैं." "लेकिन उनके दर्शक लगातार बढ़ते गए. इंटरनेट की ख़ासियत यह है कि आम तौर पर जो चीज़ें हमें पसंद नहीं आतीं, उन्हें भी हम मज़े के लिए सुनते और देखते हैं." "हम उनके बारे में बात करते रहते हैं और उन्हें दोस्तों को भेजते हैं. इस पूरी प्रक्रिया में वह गायक और मशहूर होता जाता है." चिन्मय कहते हैं, "शुरुआत में कई दर्शक, जिनमें जेन ज़ी और सोशल मीडिया इस्तेमाल करने वाले युवा अधिक थे, इसे मज़ाक या मनोरंजन के रूप में देख रहे थे." "इन चारों का एक साथ आना, इसके लिए दुनिया भर के लोगों का कोशिश करना और बाक़ी तीन सदस्यों का अपने साथ दर्शन का कटआउट लेकर घूमना. इन सबने लोगों में उनके लिए अपनापन पैदा किया." दर्शन के इतने बड़े मंच तक पहुंचने पर ओंकार जाधव कहते हैं, "कई छोटे क्रिएटर जैसे बन पड़ता है, वैसे कंटेंट बनाकर पोस्ट करते हैं." "उन्हें यह समझ नहीं आता कि क्या उनका कंटेंट थोड़ा और पॉलिश होना चाहिए, क्या उन्हें मानक भाषा बोलनी चाहिए या उनका अंग्रेज़ी न बोल पाना कोई कमी है." "इतना आत्मविश्वास न होने के बावजूद भी चीज़ें हो सकती हैं. इसलिए कोल्हापुर के एक लड़के का अपने तरीक़े से कंटेंट बनाकर इतने बड़े मंच तक पहुंचना गर्व की बात है." वह कहते हैं, "हम सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह के कोलैबोरेशन देखते हैं. मुझे यह भी एक तरह का कोलैबोरेशन ही लगता है." "इसके कारण 'बॉय थ्रॉब' को दक्षिण एशियाई और भारतीय समुदायों के बीच दर्शक मिले, जो बाद में उनके प्रशंसक बन गए." "घर पर बनाए गए कंटेंट से इतना बड़ा बदलाव हो सकता है, यह देखना दर्शकों के लिए प्रेरणादायक भी है." चिन्मय दामले कहते हैं कि दर्शन के गानों को केवल सुर, ताल, आवाज़ पर नियंत्रण और पेश करने के तरीक़े से नहीं देखा जा सकता. वह कहते हैं, "हमारे यहां 'अच्छे' और 'बुरे' संगीत की बात करते हुए अक्सर यह माना जाता है कि शास्त्रीय संगीत अच्छा है और बाक़ी सब बेकार." "कई लोग फ़िल्मी संगीत को भी कमतर मानते हैं. लता, आशा, रफ़ी और किशोर के कई प्रशंसक पश्चिमी लोकप्रिय संगीत को पसंद नहीं करते." "इसलिए दर्शन इस पारंपरिक खांचे में फ़िट नहीं बैठते. लेकिन उनके संगीत में उनका पेश करने का तरीक़ा, ईमानदारी, उनकी छवि, उनके आसपास बनाए जाने वाले मज़ाक और दर्शकों का उनकी ज़िंदगी से जुड़ना भी मायने रखता है." इमेज स्रोत, Team Thinking out loud digital 'बॉय थ्रॉब' ने अपनी जो छवि तैयार की है, उसमें सदस्यों के कपड़ों का चुनाव भी काफ़ी दिलचस्प है. बैंड के गुलाबी ट्रैकसूट और पीले स्नीकर्स के बारे में चिन्मय दामले कहते हैं, "मुझे लगता है कि इन्हें एक विज़ुअल पैरोडी के रूप में देखा जा सकता है." "1990 के दशक में बैकस्ट्रीट बॉयज़ और एनसिंक जैसे लोकप्रिय बॉय बैंड के सदस्य भी एक जैसे कपड़े पहनते थे. यहां भी उसी तरीक़े का इस्तेमाल होता दिखाई देता है." वह कहते हैं, "एक जैसे कपड़े पहनने से पूरे बैंड की एक साझा पहचान बनती है. दर्शकों को भले ही हर सदस्य का नाम मालूम न हो, लेकिन उनकी एक विज़ुअल पहचान बन जाती है." "कई दशकों से पुरुष गायकों की 'माचो' छवि जानबूझकर तैयार की गई है. ये कपड़े उस छवि को तोड़ते हैं." "गुलाबी रंग और आक्रामक मर्दानगी को एक-दूसरे के उलट देखा जाता है. इस तरह इन कपड़ों के ज़रिए मर्दानगी से जुड़ी पुरानी सोच को चुनौती दी गई है. हालांकि यह जानबूझकर किया गया है या नहीं, यह मालूम नहीं." पश्चिमी पॉप बैंड में आम तौर पर रूढ़ छवि वाले 'ख़ूबसूरत' चेहरे दिखाई देते हैं. दर्शन उस छवि में फ़िट नहीं बैठते. मशहूर होने से पहले जब दर्शन कवर गाने बनाते थे, तब उनके कपड़े और हावभाव भी उन आम पैमानों में फ़िट नहीं होते थे. इसी वजह से उनका मज़ाक भी उड़ाया गया. शुरुआत में दर्शन को सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा. चिन्मय दामले कहते हैं, "मैं इंस्टाग्राम पर आने वाली प्रतिक्रियाएं पढ़ता रहा हूं. कुछ लोगों का कहना था कि दर्शन के गाने और उनका व्यवहार भारतीयों का अपमान करते हैं." "लेकिन दर्शन को दुनिया भर से प्यार मिला. बैंड के बाक़ी सदस्यों ने उनके साथ कहीं भी कमतर व्यवहार किया हो, ऐसा दिखाई नहीं देता." "उन्हें अमेरिका का वीज़ा दिलाने के लिए कई देशों के लोगों ने कोशिश की. इसलिए यह केवल एक कमज़ोर समझे जाने वाले व्यक्ति या उसके शोषण की कहानी नहीं है." वह कहते हैं, "पॉप संगीत के इतिहास में एक जैसे कपड़ों, तय रंगों, नृत्य की ख़ास मुद्राओं और एक साथ किए जाने वाले प्रदर्शन से बैंड की विज़ुअल पहचान तैयार की जाती है." "'बॉय थ्रॉब' ने इसी परंपरा को हास्य, बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने के तरीक़े और सोशल मीडिया की भाषा से जोड़ दिया." चिन्मय कहते हैं, "पहले दर्शक गाना सुनते थे, कलाकार का कार्यक्रम देखते थे और घर लौट जाते थे. अब वे कलाकार को लोकप्रिय बनाने की प्रक्रिया में भी शामिल हो सकते हैं." "वीडियो शेयर करना, कमेंट करना, कलाकार की नक़ल करना, ऑनलाइन अभियान में शामिल होना और कार्यक्रम में पहुंचना. इन सभी तरीक़ों से दर्शक कलाकार की सार्वजनिक छवि बनाते हैं." " 'बॉय थ्रॉब' के प्रशंसकों ने भी यही किया." इंटरनेट की भाषा में 'क्रिंज' को बेहद कठोर भावना माना जाता है. किसी व्यक्ति का पेश करने का तरीक़ा, उच्चारण या व्यवहार देखकर असहज होना और उसकी किरकिरी पर हंसना 'क्रिंज' कहा जाता है. जब दर्शन के शुरुआती कवर वीडियो वायरल हुए, तब लोगों ने उन्हें इसी 'क्रिंज' के नज़रिए से देखा. चिन्मय दामले कहते हैं, "लोग इन वीडियो को एक-दूसरे के साथ इसलिए शेयर कर रहे थे क्योंकि इससे उन्हें ख़ुद को बेहतर समझने का एक तरह का आनंद मिल रहा था." "लेकिन दर्शन की ईमानदारी इन सब पर भारी पड़ी. उन्होंने ट्रोलिंग का जवाब नहीं दिया, अपना अंदाज़ नहीं बदला और गाना जारी रखा." "इससे ट्रोलिंग पीछे छूट गई. आज ऑटोट्यून और एआई के दौर में दर्शकों को कलाकार का कच्चापन भी पसंद आता है." साल 1964 में सूज़न सॉन्टैग ने अपने निबंध 'नोट्स ऑन कैंप' में 'कैंप' नाम के सौंदर्यशास्त्र की परिभाषा दी थी. 'कैंप' का मतलब ऐसी चीज़ से है, जो इतनी हद तक ख़राब, बढ़ा-चढ़ाकर पेश की गई और बनावटी हो कि वह सुंदर लगने लगे. 'कैंप' गंभीरता की नक़ल या उसका मज़ाक होता है, लेकिन उसे पूरी गंभीरता के साथ पेश किया जाता है. 'बॉय थ्रॉब' की विज़ुअल शैली भी 'कैंप' है. उसने 1990 के दशक के बॉय बैंड के ख़ूबसूरत चेहरों और मर्दाना अंदाज़ से अलग रास्ता चुना. सदस्यों ने एक जैसे कपड़े पहनने का चलन बनाए रखा, लेकिन उनके कपड़ों का रंग गुलाबी है. जब दर्शन भी उतनी ही सहजता से इन गुलाबी कपड़ों में दिखाई देते हैं, तो वह 'कैंप' के इस सौंदर्यशास्त्र का अहम हिस्सा बन जाते हैं. कोल्हापुर के एक लड़के के पश्चिमी पॉप की दुनिया में पहुंचने पर चिन्मय दामले कहते हैं, "पश्चिमी संस्कृति में कई बार एशियाई और अफ़्रीकी लोगों को अजीब या मनोरंजन का साधन समझकर देखा जाता है." "शुरुआत में संदेह हुआ कि क्या अमेरिका और दूसरी जगहों पर दर्शन को भी किसी 'अनोखी' चीज़ की तरह देखा जा रहा है." "लेकिन दर्शन की बातचीत, व्यवहार और गायकी में उनकी अपनी आज़ादी दिखाई देती है. बैंड में उनकी जगह बाक़ी तीन सदस्यों जितनी ही अहम है." "कोल्हापुर के एक लड़के ने एल्गोरिदम पर पकड़ बनाकर पश्चिमी पॉप की दुनिया में जगह बनाई. इस कहानी में वह पीड़ित के रूप में दिखाई नहीं देते." चिन्मय कहते हैं, "शुरुआत में सवाल उठा कि क्या ये चारों लड़के किसी तरह की पैरोडी कर रहे हैं. लेकिन बाद में उन्हें दर्शकों का भावनात्मक समर्थन मिला." "इसमें पैरासोशल सॉलिडैरिटी दिखाई देती है. जब दर्शक स्थापित संगीत कंपनियों के नियमों से अलग जाकर अपने जैसे एक साधारण युवा को दुनिया भर में पहचान बनाने में मदद करते हैं, तो उन्हें लगता है कि वे भी उसकी कामयाबी का हिस्सा हैं." "इससे उन्हें लोगों की सामूहिक इच्छाशक्ति का अनुभव होता है." "आज जब अलग-अलग स्तर पर लोग ख़ुद को बेबस महसूस करते हैं, तब उन्हें इस बात से ख़ुशी मिलती है कि दर्शन जैसे किसी लड़के की कामयाबी में उनका भी हिस्सा है." बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित. BBC World Service के नए ऐप को डाउनलोड करें BBC News हिन्दी को चुनें और पाइए न्यूज़ अलर्ट, लाइव टीवी, पॉडकास्ट... सब एक जगह कृपया नोट करें: नया ऐप ब्रिटेन और अमेरिका में उपलब्ध नहीं है.
स्रोत: BBC Hindi