केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार को संसद में बजट पेश करेंगी. उनका यह लगातार नौवां आम बजट है. इसके साथ ही वह, मोरारजी देसाई के 10 बजट पेश करने के रिकॉर्ड के क़रीब पहुंच गई हैं. मोरारजी देसाई ने वित्त मंत्री के रूप में 1959 से 1964 के बीच छह बजट और 1967 से 1969 के बीच चार बजट पेश किए थे. इसके बाद सबसे अधिक बजट पेश करने वाले वित्त मंत्रियों की सूची में पी चिदंबरम और प्रबण मुखर्जी के नाम शामिल हैं. हालांकि लगातार एक साथ नौ बजट पेश करने का रिकॉर्ड निर्मला सीतारमण के नाम होने जा रहा है. उन्हें 2019 में पीएम मोदी के दूसरे कार्यकाल में पूर्णकालिक वित्त मंत्री बनाया गया और जब 2024 में तीसरी बार एनडीए की सरकार बनी तो ये मंत्रालय सीतारमण के ही पास रखा गया. बीबीसी हिन्दी के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें देश के दो बार के प्रधानमंत्री रहे मनमोहन सिंह को, वित्त मंत्री के रूप में वर्तमान भारत के आर्थिक स्वरूप को बदलने का श्रेय दिया जाता है. पीवी नरसिम्हा राव के कार्यकाल में 1991 से 1995 के बीच उन्होंने पांच बजट पेश किए थे. बजट में शामिल प्रस्तावों को संसद के अनुमोदन की ज़रूरत होती है. संसद की मंज़ूरी मिल जाने के बाद ये प्रस्ताव नए वित्त वर्ष यानी एक अप्रैल से लागू हो जाते हैं. आइए जानते हैं, लोगों की ज़िंदगी पर असर डालने वाले केंद्रीय बजट से जुड़ी दिलचस्प बातें और ये भी कि आज़ादी के बाद से इसमें अब तक क्या-क्या बदला है. स्वतंत्र भारत का पहला बजट षणमुगम चेट्टि ने 26 नवंबर 1947 को पेश किया था. हालांकि इसमें सिर्फ़ अर्थव्यवस्था की समीक्षा की गई थी और कोई टैक्स नहीं लगाया गया था. षणमुगम शेट्टी के बाद वित्त मंत्री जॉन मथाई ने पहला संयुक्त-भारत बजट पेश किया था, इसमें रजवाड़ों के तहत आने वाले विभिन्न राज्यों का वित्तीय ब्योरा भी पेश किया गया था. बजट की छपाई की शुरुआत हर साल नॉर्थ ब्लॉक में हलवा सेरेमनी से होती है. वित्त मंत्रालय में एक बड़ी कढ़ाही में हलवा बनाया जाता है. वित्त मंत्री और वित्त मंत्रालय के सभी अधिकारी इस कार्यक्रम में शामिल होते हैं. वहां मौजूद लोगों में हलवा बांटा जाता है. कोविड महामारी के दौरान हलवा सेरेमनी नहीं हुई थी. साल 2016 तक भारत में फ़रवरी महीने के आख़िरी दिन आम बजट पेश किया जाता था. लेकिन 2017 में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बजट पेश करने का दिन बदलकर 1 फ़रवरी कर दिया. 2017 से पहले रेल बजट अलग से पेश किया जाता था लेकिन 2017 में इसे आम बजट में मिला दिया गया. इंदिरा गांधी पहली महिला वित्त मंत्री थीं, जिन्होंने बजट पेश किया. उन्होंने वित्त मंत्री के तौर पर 1970 में बजट पेश किया था. पीएम के अलावा उनके पास वित्त मंत्रालय का भी प्रभार था. 1955 तक बजट सिर्फ़ अंग्रेज़ी में छपता था लेकिन इसके बाद कांग्रेस सरकार ने इसे हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में छापने की परंपरा शुरू की. मौजूदा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का 2020 का बजट भाषण सबसे लंबा बजट भाषण था. यह बजट भाषण दो घंटे 40 मिनट का था. हीरूभाई मूलजीभाई पटेल ने 1977 में अंतरिम बजट पेश किया था. उनका बजट भाषण सिर्फ 800 शब्दों का था. 1950 में वित्त मंत्री थे जॉन मथाई. छपाई के दौरान केंद्रीय बजट पेश होने से पहले लीक हो गया. इसके बाद प्रिटिंग प्रक्रिया को राष्ट्रपति भवन से मिंटो रोड स्थित सरकारी प्रिंटिंग प्रेस में स्थानांतरित कर दिया गया. बाद में इसे नॉर्थ ब्लॉक के बेसमेंट में स्थानांतरित कर दिया गया. इस बजट के बाद जॉन मथाई ने इस्तीफ़ा दे दिया था. 1999 से पहले तक आम बजट फ़रवरी के आख़िरी कार्य दिवस को शाम 5 बजे पेश होता था लेकिन 1999 में जसवंत सिंह ने यह परंपरा बदलते हुए सुबह 11 बजे इसे पेश करने की परंपरा रखी. लेकिन 2017 में पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बजट का दिन फ़रवरी के पहले दिन कर दिया. इसके पीछे तर्क था कि बजट प्रस्तावों को मंज़ूरी के बाद 1 अप्रैल से लागू किया जा सके. क्योंकि फ़रवरी के अंत में बजट पेश करने से मंज़ूरी की प्रक्रियाओं में एक दो महीने लग जाते थे और इसे लागू करने में मई-जून तक का समय लग जाता था. पहले वित्त मंत्री बजट दस्तावेज़ों को ब्रीफ़केस में लेकर आते थे. लेकिन निर्मला सीतारमण 2019 में एक फ़ाइल में बजट के दस्तावेज़ लेकर आईं. उस फ़ाइल पर राष्ट्रीय प्रतीक छपा था. इसे बही खाता कहा गया. दरअसल बजट फ्रेंच शब्द bougette से निकला है, जिसका मतलब होता है ब्रीफ़केस. 2021 में निर्मला सीतारमण ने एक टैबलेट से बजट भाषण पढ़ा था. हालांकि 2018 में यह परंपरा आंध्र प्रदेश और असम में शुरू हो गई थी लेकिन केंद्र में टेक्नोलॉजी को अहमियत देते हुए 2021 में ही पेपरलेस बजट की शुरुआत हुई. बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित (बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और व्हॉट्सऐप पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)
स्रोत: BBC Hindi