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बांग्लादेश में चुनाव पर शेख़ हसीना का आया बयान

हरियाणा के मंत्री अनिल विज और एक महिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) के बीच बहस का मामला सामने आने के बाद अब मंत्री विज ने सफाई दी है. अनिल विज ने कहा कि उन्होंने एसपी से यह करने को कहा है कि जिसके पास अधिकार है, उसको वह पत्र लिखें. पत्रकारों से बातचीत के दौरान मंत्री विज ने कहा, "चाहे मैं हूं या कोई अधिकारी हो, हम सब जनता के लिए हैं. और जनता को इंसाफ़ मिले, उसके लिए हैं. इसलिए हमें उसी ढंग से (काम) करना चाहिए." उन्होंने कहा, "मैं एसपी से सस्पेंड करने को नहीं कह रहा हूं. जब मैं कह रहा हूं कि जिसके पास पावर है, उसको लिखिए आप कि मैंने ये आदेश दिए हैं." हरियाणा के कैथल में शुक्रवार को एक बैठक के दौरान अनिल विज और महिला एसपी के बीच बहस हुई. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो में अनिल विज एसपी को निर्देश देते दिख रहे हैं कि वह एक कथित लैंड फ़्रॉड के मामले में एक पुलिस अधिकारी को निलंबित करें. वहीं, महिला एसपी का तर्क है कि उनके पास निलंबित करने का अधिकार नहीं है. इस मुद्दे पर दोनों के बीच काफ़ी देर तक बहस चलती रही. संबंधित कहानी: हरियाणा सरकार में मंत्री अनिल विज और महिला एसपी के बीच बहस, जानिए क्या हुआ इमेज स्रोत, Peerapon Boonyakiat/SOPA Images/LightRocket via Getty बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना ने देश में हुए आम चुनाव को 'धोखे और स्वांग का चुनाव' कहा है. शेख़ हसीना की पार्टी अवामी लीग ने सोशल मीडिया पर एक लंबा बयान जारी किया है. बयान के मुताबिक़, शेख़ हसीना ने चुनाव को लेकर कहा, "मतदान केंद्रों पर मतदाता नहीं थे, फिर भी मतगणना की मेजों पर वोट मौजूद थे." उन्होंने कहा, "12 फ़रवरी को देश ने एक पहले से तय धोखे और स्वांग वाले चुनाव को देखा. यह चुनाव बांग्लादेश के लोकतांत्रिक इतिहास में एक शर्मनाक अध्याय के रूप में दर्ज होगा." शेख़ हसीना ने चुनावी आंकड़ों पर सवाल उठाए और 'गंभीर अनियमितताओं' के आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि कई आंकड़े 'असंगत और झूठे' लगे. उन्होंने कहा, "मतदान की रफ़्तार आम तौर पर सुबह, ख़ासकर 11 बजे से पहले सबसे तेज़ होती है. फिर भी उस दौरान केवल 14.96% मतदान दर्ज हुआ और दोपहर तक यह अचानक बढ़कर 32.88% हो गया. एक ही घंटे में यह उछाल असामान्य है." उन्होंने कहा, "चुनाव आयोग की ओर से बताए गए कुल वोटों का आंकड़ा देशभर से मिली ज़मीनी तस्वीर से मेल नहीं खाता. खाली मतदान केंद्र, निष्क्रिय बूथ और मतदाताओं की ग़ैर-मौजूदगी देखी गई." इसके अलावा पूर्व प्रधानमंत्री ने जनमत संग्रह की प्रक्रिया और इसके नतीजे देरी से जारी किए जाने पर भी सवाल उठाए. इमेज स्रोत, Parvez Ahmad Rony/Drik/Getty बांग्लादेश के आम चुनाव में दो-तिहाई से अधिक सीटें जीतने के बाद बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) इस बात पर चर्चा कर रही है कि नई सरकार कैसे और किससे शपथ लेगी. बीबीसी बांग्ला सेवा के मुताबिक़, पार्टी के नेता क़ानूनी पहलुओं की जांच कर रहे हैं कि संसद की ग़ैर-मौजूदगी में शपथ कैसे और किससे दिलाई जाएगी. चुनाव परिणाम आने के बाद शुक्रवार रात बीएनपी के कई शीर्ष नेताओं ने बीएनपी अध्यक्ष तारिक़ रहमान से मुलाक़ात की. इसके बाद, पार्टी की स्थायी समिति के सदस्य सलाहुद्दीन अहमद ने बीबीसी बांग्ला को बताया कि वे अब समझने की कोशिश कर रहे हैं कि शपथ कैसे और किससे ली जाएगी. उन्होंने कहा, "अगर राजपत्र जारी हो जाता है, तो अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की ग़ैर-मौजूदगी में मुख्य चुनाव आयुक्त को शपथ दिलाने की ज़िम्मेदारी तीन दिनों के भीतर दी जा सकती है. यानी शपथ 17 तारीख़ तक ली जा सकती है." बांग्लादेश में पारंपरिक तौर पर प्रधानमंत्री और मंत्रिमंडल के सदस्य उसी दिन राष्ट्रपति के समक्ष पद की शपथ लेते हैं, जिस दिन सांसद संसद के सदस्य पद की शपथ लेते हैं. वर्तमान क़ानून के मुताबिक़, अध्यक्ष या उपाध्यक्ष शपथ दिलाते हैं. अगर ऐसा संभव न हो, तो राष्ट्रपति की ओर से मनोनीत व्यक्ति शपथ दिला सकता है. लेकिन अगर अध्यक्ष या उपाध्यक्ष ऐसा करने में असमर्थ हों, तो तीन दिन बाद मुख्य चुनाव आयुक्त शपथ दिलाते हैं. इमेज स्रोत, Sajjad HUSSAIN / AFP via Getty बांग्लादेश में चुनाव हारने के बाद जमात-ए-इस्लामी के प्रमुख शफ़ीक़ुर रहमान ने आरोप लगाते हुए कहा कि मतदान भले ही निष्पक्ष रहा हो, लेकिन मतगणना के दौरान 'अनियमितताओं और हेरफेर' के ज़रिए नतीजों में बदलाव किया गया. 13वें संसदीय चुनाव के परिणाम आने के बाद शफ़ीक़ुर रहमान ने शुक्रवार रात ढाका के मोग़बाज़ार स्थित पार्टी के केंद्रीय दफ़्तर में 11 दलों के चुनावी गठबंधन की ओर से प्रेस कॉन्फ़्रेंस की, जहां उन्होंने कई आरोप लगाए. बांग्लादेशी अख़बार 'द डेली स्टार' के मुताबिक़, जमात प्रमुख ने देश के अलग-अलग हिस्सों में 11 दलों के गठबंधन के नेताओं, कार्यकर्ताओं, एजेंटों और मतदाताओं के घरों पर हमलों का भी आरोप लगाया. उन्होंने इन गतिविधियों को 'फासीवादी' कहा. जमात प्रमुख ने कहा, "चुनाव में जीत और हार होना स्वाभाविक है और अगर यह सामान्य रूप से हो तो लोग आम तौर पर उसे स्वीकार करते हैं. लेकिन अगर बड़े स्तर पर भेदभाव या अनियमितता हो तो स्वाभाविक रूप से सवाल उठते हैं." उन्होंने कहा, "जो लोग ऐसे ग़लत काम में शामिल हैं, उन्हें इसकी पूरी ज़िम्मेदारी उठानी होगी." शफ़ीक़ुर रहमान ने यह भी आरोप लगाया कि कई जगहों पर नतीजों की घोषणा अचानक रोक दी गई. उन्होंने कहा, "हमारे पास ऐसे दस्तावेज़ हैं जो दिखाते हैं कि कई जगहों पर रिज़ल्ट शीट के साथ छेड़छाड़ की गई. कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में दोहरे मापदंड अपनाए गए." बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता सुमंत सिंह अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा. कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. हमारे पेज पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें. - बांग्लादेश: बीएनपी की वापसी का भारत के साथ संबंधों पर क्या असर पड़ेगा? 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स्रोत: BBC Hindi