ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर का एक बयान सामने आया है, जिसमें उसने चेतावनी दी है कि वो अमेरिकी अड्डों और इसराइल पर हमला करेगा. इस बयान में कहा गया है, "इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान की आर्म्ड फ़ोर्स के इतिहास का सबसे ख़तरनाक हमला कुछ ही पलों में कब्ज़े वाले इलाक़ों और अमेरिकी आतंकवादी अड्डों की ओर शुरू होगा." यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान के सरकारी मीडिया चैनल ने कहा है कि ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की मौत हो चुकी है. ईरान के सरकारी टीवी के प्रेज़ेंटर ने रोते हुए ख़ामेनेई की मौत की घोषणा की और बताया देश में 40 दिनों का शोक रहेगा. ईरान के सरकारी मीडिया ने बताया, आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई मारे गए आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई: जेल की कोठरी से ईरान के सर्वोच्च नेता तक का सफ़र वॉशिंगटन स्थित नेशनल सोलिडिटरी ग्रुप ऑफ़ ईरान लंबे समय से मृतकों की याद में वॉशिंगटन में रैली आयोजित करने की योजना बना रहा था. लेकिन ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की मौत की ख़बर आने के बाद रैली का माहौल उत्सव में बदल गया. रैली में मौजूद कई लोग ख़ुशी से नाच रहे थे. कुछ लोग मिठाई बांट रहे थे, कुछ लोगों को फूल दे रहे थे और कई लोग एक-दूसरे को गले लगा रहे थे. रैली में शामिल लोगों ने "अमेरिका" के नारे लगाकर सरकार को धन्यवाद दिया. संगीतकार और मशहूर ईरानी गायक मोहम्मद रज़ा शाजेरियन की बेटी मोज़गन शाजेरियन ने समारोह में भाषण दिया और दिवंगत लोगों को याद करते हुए कहा कि आज के दिन उनकी जगह ख़ाली है. चीन के दूत फू कोंग ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की इमरजेंसी बैठक में कहा कि अमेरिका और इसराइल की ओर से ईरान पर हमलों से उनका देश गहरी चिंता में है. उन्होंने नागरिकों की मौत की रिपोर्टों पर चिंता ज़ाहिर की है. उन्होंने क्षेत्र में शांति और बढ़ती हिंसा को रोकने के लिए तत्काल सैन्य कार्रवाई बंद करने का आह्वान किया. फू कोंग ने कहा, "सशस्त्र संघर्ष में नागरिकों की सुरक्षा के लिए हमेशा सीमा रेखा का उल्लंघन नहीं होना चाहिए और अंधाधुंध बल का प्रयोग अस्वीकार्य है." उन्होंने सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय क़ानून और मानवीय क़ानून के तहत अपने दायित्व निभाने को कहा. उन्होंने यह भी कहा कि चीन अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ मिलकर जल्द से जल्द मध्य पूर्व में शांति और स्थिरता स्थापित करने के प्रयासों में काम करने के लिए तैयार है. इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर से जुड़ी फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की बेटी, दामाद और नाती इन हमलों में मारे गए हैं. फ़ार्स ने यह भी बताया है, "कहा जा रहा है कि इन हमलों में ख़ामेनेई की एक बहू की भी मौत हो गई है." पहले कुछ ख़बरें आई थीं कि उनकी बहू और दामाद की मौत हो गई है, लेकिन बाद में इसे ख़ारिज कर दिया गया था. ईरानी अधिकारियों ने अभी तक आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की मौत से जुड़े दावे की पुष्टि नहीं की है. ईरान के आख़िरी शाह (राजा) के निर्वासित बेटे रज़ा पहलवी ने सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की मौत के दावे का स्वागत किया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "खामेनेई, जिन्होंने हज़ारों ईरानियों को मारा, अब इतिहास का हिस्सा बन गए हैं." पहलवी ने कहा कि "उनकी मौत के साथ इस्लामिक रिपब्लिक का प्रभाव ख़त्म हो गया है." उन्होंने ईरानी अधिकारियों से किसी नए नेता को न चुनने की अपील की और कहा कि सेना और पुलिस के पास अब जनता के साथ जुड़ने का 'आखिरी मौक़ा' है. उन्होंने लिखा, "यह हमारे बड़े राष्ट्रीय जश्न की शुरुआत है, लेकिन यह अंत नहीं है." रज़ा पहलवी 1979 की क्रांति के बाद अपने परिवार के साथ देश छोड़कर अमेरिका में बस गए थे और तब से वह वहीं रह रहे हैं. बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता इफ़्तेख़ार अली अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा. कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. हमारे पेज पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें. - ईरान मध्य-पूर्व के मुस्लिम देशों पर क्यों कर रहा है हमले - ईरान और इसराइल-अमेरिका के टकराव पर भारत, पाकिस्तान समेत इन देशों ने क्या कहा - ईरान पर अमेरिका-इसराइल के हमले ने कैसे बढ़ाई भारत की मुश्किलें - अरविंद केजरीवाल के क्या पुराने तेवर लौट आए हैं, राष्ट्रीय राजनीति पर इसका कोई असर होगा?
स्रोत: BBC Hindi