इमेज स्रोत, HAZEM BADER / AFP via Getty Images इसराइली सेना ने बयान जारी किया कि वह हिज़्बुल्लाह से हुए प्रोजेक्टाइल फ़ायर के जवाब में लेबनान में लक्ष्यों पर हमला कर रही है. इस बीच हिज़्बुल्लाह ने भी पुष्टि की है कि उसने लेबनान से इसराइल की ओर मिसाइल और ड्रोन दागे हैं. समूह का कहना है कि यह कार्रवाई ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की हत्या के बदले में की गई है. इसराइली सेना के मुताबिक़, दागे गए प्रोजेक्टाइल इसराइल के खुले इलाक़ों में गिरे. हिज़्बुल्लाह एक शिया मुस्लिम राजनीतिक और सैन्य संगठन है, जिसे ईरान का मज़बूत समर्थन हासिल है और जो इसराइल के अस्तित्व के अधिकार का विरोध करता है. गल्फ़ कोऑपरेशन काउंसिल (जीसीसी) के सदस्य देशों की रविवार को एक बैठक हुई. इस बैठक में ईरानी हमलों से हुए नुक़सान पर चर्चा की गई. जीसीसी का कहना है कि नागरिक ठिकानों और रिहायशी इलाक़ों को निशाना बनाया गया. जीसीसी में यूनाइटेड अरब अमीरात (यूएई), बहरीन, सऊदी अरब, ओमान, क़तर और कुवैत शामिल हैं. इन सभी देशों ने ईरान के हमलों की निंदा की और ईरान पर उनकी संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय क़ानून के उल्लंघन का आरोप लगाया. जीसीसी की और से जारी बयान में ईरान से हमले रोकने की अपील की गई. हालांकि ग्रुप ने यह भी चेतावनी दी कि वह अपनी सुरक्षा की रक्षा के लिए 'सभी ज़रूरी क़दम' उठाएगा. अमेरिका और इसराइल के ईरान पर हमलों के बाद दुनियाभर में तेल की क़ीमतों में तेज़ बढ़ोतरी देखी गई है. एशिया में सोमवार सुबह जब बाज़ार खुले, तो ब्रेंट क्रूड और नायमेक्स लाइट स्वीट ऑयल दोनों में 10 फ़ीसदी से ज़्यादा की बढ़त दर्ज हुई, हालांकि बाद में इसमें कुछ कमी आई. सुबह 5 बजे तक ब्रेंट क्रूड की क़ीमत लगभग 9 फ़ीसदी बढ़कर 79.30 डॉलर प्रति बैरल के आसपास थी, जबकि नायमेक्स क़रीब 8.5 फ़ीसदी की बढ़त के साथ 72.70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहा. ईरान और इसराइल के बीच संघर्ष जारी है. दोनों देश एक दूसरे पर हमले कर रहे हैं. सबसे पहले इसराइल और अमेरिका ने शनिवार सुबह ईरान पर हमला किया था. अमेरिका और इसराइल के हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की मौत हो गई है. इसके साथ ही ईरानी सेना के चीफ़ ऑफ स्टाफ़ अब्दुल रहीम मौसवी और रक्षा मंत्री मेजर जनरल अज़ीज नासिरज़ादेह भी मारे गए हैं. ईरान की राजधानी तेहरान के एक निवासी ने बीबीसी को बताया कि उन्हें विस्फोटों की आवाज़ें सुनाई दे रही थीं. उन्होंने कहा कि उनका 'सबसे बड़ा डर' यह है कि कहीं अमेरिका मौजूदा ईरानी नेतृत्व के साथ कोई समझौता ना कर ले. उनका कहना था, "ख़ामेनेई की मौत काफ़ी नहीं है, उन्हें (अधिकारियों को) सभी को जाना होगा." उन्होंने यह भी बताया कि तेहरान की सड़कों पर सुरक्षा बलों की मौजूदगी देखी जा रही है, लेकिन ज़्यादातर जगहों पर सड़कें खाली हैं. इंटरनेट पर पाबंदियों की वजह से फिलहाल देश के अंदर क्या हो रहा है, इसकी साफ़ तस्वीर मिल पाना बहुत मुश्किल है. भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार देर रात इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू से फ़ोन पर बात की. दोनों नेताओं ने मौजूदा स्थिति पर चर्चा की. प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा कि उन्होंने हाल के घटनाक्रम पर भारत की चिंता ज़ाहिर की और कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए. पीएम मोदी ने भी दोहराया कि जल्द से जल्द संघर्ष रोकना ज़रूरी है. इससे पहले प्रधानमंत्री ने रविवार रात संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन ज़ायेद अल नाहयान से भी बात की. पीएम मोदी ने यूएई पर हुए हमलों की निंदा की है और यूएई में रह रहे भारतीय समुदाय का ख्याल रखने के लिए शेख मोहम्मद बिन ज़ायेद अल नाहयान का धन्यवाद किया है. अमेरिका और इसराइल ने शनिवार को ईरान पर बड़े हमले किए थे, जिसमें ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की मौत हो गई. बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता इफ़्तेख़ार अली अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा. कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. हमारे पेज पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें. - आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई के मारे जाने के बाद अब ईरान का अगला क़दम क्या हो सकता है? - अमेरिका और इसराइल के हमले में ख़ामेनेई, रक्षा मंत्री और रिवोल्यूशनरी गार्ड के प्रमुख मारे गए, ट्रंप ने दी ये चेतावनी - ईरान के सुप्रीम लीडर की क्या है अहमियत, कैसे होता है चुनाव और ख़ामेनेई के बाद किसके हाथ में हो सकती है कमान? - पश्चिम बंगाल में एसआईआर: आख़िरी वोटर लिस्ट के बाद भी क्यों आएगी और लिस्ट
स्रोत: BBC Hindi