ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उसके तेल और ऊर्जा ढांचे पर हमला किया गया तो वह क्षेत्र में अमेरिका के साथ सहयोग करने वाली तेल कंपनियों के ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाएगा. रॉयटर्स के मुताबिक़, यह जानकारी ईरानी मीडिया के हवाले से दी गई है. ईरानी सेनाओं की यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिकी बलों ने ईरान के तेल निर्यात के लिए काफ़ी अहम 'खार्ग द्वीप' पर मौजूद सभी सैन्य ठिकानों को 'पूरी तरह तबाह' कर दिया है. खार्ग द्वीप ईरान के तेल निर्यात का प्रमुख केंद्र माना जाता है और यहां से बड़ी मात्रा में कच्चे तेल की सप्लाई होती है. इमेज स्रोत, Volodymyr Zelensky/X ईरान के दिवंगत शाह के निर्वासित बेटे रज़ा पहलवी ने पेरिस में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की से मुलाक़ात की है. 65 वर्षीय पहलवी ने कहा था कि वह ईरान में एक अंतरिम सरकार का नेतृत्व करने के लिए 'काफ़ी' हैं. हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उनके इस दावे पर संदेह जताया है. ईरान और रूस कई दशकों से सहयोगी रहे हैं. हाल के दिनों में अमेरिका ने रूस पर आरोप लगाया है कि वह ईरान के युद्ध में मदद कर रहा है. वहीं रूस की ओर से यूक्रेन पर किए गए आक्रमण में ईरान में डिज़ाइन किए गए ड्रोन का भी बड़े स्तर पर इस्तेमाल हुआ है. पहलवी से मुलाक़ात के बाद ज़ेलेंस्की ने कहा, "यूक्रेन सचमुच एक ऐसा स्वतंत्र ईरान देखना चाहता है जो रूस के साथ सहयोग न करे और मध्य पूर्व, यूरोप और पूरी दुनिया को अस्थिर न बनाए." वहीं एक अलग पोस्ट में रज़ा पहलवी ने कहा, "देश की संप्रभुता की रक्षा की क़ीमत को यूक्रेन से बेहतर बहुत कम देश समझते हैं." अमेरिका ने ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) के 'मुख्य नेताओं' के बारे में जानकारी देने वालों के लिए 1 करोड़ डॉलर तक के इनाम की घोषणा की है. अमेरिकी विदेश विभाग की ओर से जारी नोटिस में कुल 10 लोगों का ज़िक्र किया गया है, हालांकि इनमें से केवल छह के नाम और तस्वीरें सार्वजनिक की गई हैं. इनमें ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा ख़ामेनेई और सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी अली लारीजानी भी शामिल हैं. अली लारीजानी को इससे पहले ईरान में आयोजित एक सरकार समर्थक रैली में देखा गया था. अमेरिका का कहना है कि ये लोग आईआरजीसी की सैन्य इकाइयों के विभिन्न हिस्सों का नेतृत्व और संचालन करते हैं. इमेज स्रोत, US State Department अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एयर फ़ोर्स वन में सवार होने से पहले पत्रकारों से बातचीत की. जब उनसे पूछा गया कि यह युद्ध कितने समय तक चलेगा, तो उन्होंने कहा, "मैं आपको यह नहीं बता सकता." उन्होंने कहा, "मेरे पास अपना एक अंदाज़ा है, लेकिन उससे क्या फ़ायदा? यह उतने समय तक चलेगा जितना ज़रूरी होगा. उन्हें (ईरान को) बुरी तरह तबाह कर दिया गया है." इससे पहले ट्रंप कह चुके हैं कि युद्ध तब ख़त्म होगा जब ईरान बिना शर्त आत्मसमर्पण करेगा. जब उनसे पूछा गया कि इसका मतलब क्या है, तो उन्होंने कहा कि इसका मतलब है कि ईरान की नौसेना, वायुसेना और उसकी ज़्यादातर सैन्य क्षमता अब लगभग ख़त्म हो चुकी है. उन्होंने कहा, "इसका सीधा मतलब है कि हम ऐसी स्थिति में हैं जैसी पहले कभी नहीं देखी गई." पत्रकारों ने उनसे यह भी पूछा कि 'ईरान के ख़िलाफ़ युद्ध को लेकर उनके लक्ष्य और इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू के लक्ष्य क्या एक जैसे हैं?' इस पर ट्रंप ने कहा, "मुझे लगता है कि वे थोड़े अलग हो सकते हैं. लेकिन वह (नेतन्याहू) भी आपको बताएंगे कि दुनिया ने अमेरिका जैसी ताक़त कभी नहीं देखी." बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता इफ़्तेख़ार अली अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा. कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. हमारे पेज पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें. - सरकार ने कहा पेट्रोल-डीज़ल की कमी नहीं लेकिन एलपीजी पर दबाव, केरोसीन-कोयले का इंतज़ाम - अमेरिका अपने एंटी-मिसाइल सिस्टम को दक्षिण कोरिया से मध्य-पूर्व क्यों ले जा रहा है? - ईरान युद्ध ने बता दिया कि दुनिया खाड़ी के तेल और गैस पर किस हद तक निर्भर है - ईरान के साथ भारत की गर्मजोशी में क्या अब देर हो चुकी है?
स्रोत: BBC Hindi