अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि वह ईरान युद्ध की वजह से मार्च के आख़िर में होने वाली चीन यात्रा को क़रीब एक महीने के लिए टालने की योजना बना रहे हैं. उन्होंने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से कहा, "हमने इसे क़रीब एक महीने के लिए टालने का अनुरोध किया है." ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान युद्ध की वजह से उनका मौजूद रहना ज़रूरी है. ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच यह मुलाक़ात अभी 31 मार्च से 2 अप्रैल के बीच तय है. इससे पहले दोनों नेताओं की आमने-सामने आख़िरी मुलाक़ात पिछले साल अक्तूबर में हुई थी. ईरान युद्ध ने ट्रंप की विदेश नीति से जुड़ी दूसरी प्राथमिकताओं को पीछे छोड़ दिया है. संघर्ष के तेज़ होने और वैश्विक तेल सप्लाई में रुकावट के कारण अमेरिका में तेल की क़ीमतें बढ़ने का ख़तरा पैदा हो गया है. बीबीसी ने इस मामले पर प्रतिक्रिया के लिए वॉशिंगटन में चीनी दूतावास से संपर्क किया है. समाचार एजेंसियों रॉयटर्स और एएफ़पी की रिपोर्ट्स के मुताबिक़, इराक़ के बग़दाद में अमेरिकी दूतावास पर कई ड्रोन और रॉकेट हमले हुए हैं. इराक़ के सुरक्षा सूत्रों ने एएफ़पी को बताया कि "पिछले कुछ दिनों में यह सबसे बड़ा हमला था." हमले से लगभग छह घंटे पहले दूतावास ने इराक़ में मौजूद अमेरिकी नागरिकों के लिए नया सुरक्षा अलर्ट जारी किया था. इसमें चेतावनी दी गई थी कि "ईरान से जुड़े आतंकवादी मिलिशिया बार-बार मध्य बग़दाद के इंटरनेशनल ज़ोन पर हमले कर चुके हैं." इससे पहले पिछले हफ़्ते भी बग़दाद स्थित अमेरिकी दूतावास पर हमला हुआ था. इसराइली सेना का कहना है कि ईरान से दागी गई मिसाइलें उसके देश की ओर बढ़ रही हैं और लोगों से सुरक्षित ठिकानों में जाने की अपील की गई है. टेलीग्राम पर जारी आपात अलर्ट में कहा गया, "ख़तरे को रोकने के लिए डिफ़ेंस सिस्टम सक्रिय हैं." उधर, रॉयटर्स ने कहा है कि ईरान से मिसाइल और ड्रोन हमलों के ख़तरे के बीच संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने अपना हवाई क्षेत्र अस्थायी तौर पर बंद कर दिया है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक़, यूएई का एयर डिफ़ेंस सिस्टम ईरान से आने वाली मिसाइल और ड्रोन ख़तरे का जवाब दे रहा है. रॉयटर्स के मुताबिक़, यूएई की सरकारी न्यूज़ एजेंसी ने मंगलवार को बताया कि एविएशन अधिकारियों ने "असाधारण एहतियाती क़दम" के तौर पर देश के हवाई क्षेत्र को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है. इमेज स्रोत, Aaron Schwartz/UPI/Bloomberg via Getty अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ अमेरिका की जंग जल्द ही समाप्त होने वाली है. व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने यह बात कही है. ट्रंप से पूछा गया कि क्या इस हफ़्ते जंग ख़त्म हो सकती है, इस पर उन्होंने कहा, "हां, बिल्कुल." लेकिन जब उनसे पूछा गया कि क्या वास्तव में इस हफ़्ते जंग ख़त्म हो जाएगी, तो उन्होंने कहा, "मुझे ऐसा नहीं लगता, लेकिन यह जल्द होगा. ज़्यादा समय नहीं लगेगा." अमेरिकी राष्ट्रपति ने पत्रकारों से बातचीत में यह भी कहा कि ईरान की मिसाइल सप्लाई काफ़ी हद तक तबाह हो चुकी है और अब यह युद्ध से पहले के मुक़ाबले बहुत कम रह गई है. उन्होंने ब्रिटेन और नेटो सदस्य देशों के सहयोगियों की फिर आलोचना की. ट्रंप का कहना है कि ये देश युद्ध के दौरान अमेरिका का साथ देने में हिचकिचा रहे हैं. हालांकि ट्रंप ने दावा किया कि कुछ देश होर्मुज़ स्ट्रेट की सुरक्षा से जुड़ी अमेरिका की योजना में मदद के लिए आगे आ रहे हैं. ट्रंप ने इन देशों के नाम नहीं बताए, लेकिन कहा कि दक्षिण कोरिया, जापान और चीन जैसे देशों को भी अमेरिका की मदद करनी चाहिए. बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता सुमंत सिंह अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा. कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. हमारे पेज पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें. - ईरान पर अमेरिका और इसराइल के हमलों के बाद तुर्की को क्या डर सता रहा है? - तेहरान के लोगों ने बताया सरकार विरोधी प्रदर्शनों को रोकने के लिए क्या क़दम उठा रहा है ईरान? - मध्य पूर्व के कई देशों में एयरस्पेस बंद होने के बावजूद वापस कैसे लौट रहे हैं भारतीय? - जंग के बारे में ईरानी लोगों को क्या बताया जा रहा है - होर्मुज़ को लेकर ट्रंप क्यों दे रहे नेटो को धमकी, यूरोप और बाकी देशों ने आने से क्यों मना किया
स्रोत: BBC Hindi