इमेज स्रोत, Morteza Nikoubazl/NurPhoto via Getty Images ईरान ने आरोप लगाया है अमेरिका के साथ हुए सीज़फ़ायर की तीन शर्तों का उल्लंघन हो चुका है. उसने लेबनान पर हो रहे हमलों का भी ज़िक्र किया है. ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाग़र ग़ालिबाफ़ ने एक बयान जारी किया है. इसमें कहा है, "बातचीत शुरू होने से पहले ही 10 बिंदुओं वाले प्रस्ताव की तीन शर्तों का उल्लंघन हो गया है. हमारा अमेरिका पर भरोसा न होने की वजह उसकी पुरानी आदत है, वो बार-बार अपने वादे तोड़ता आया है. अफ़सोस की बात है कि उसने फिर वही पैटर्न दोहराया है." उन्होंने कहा, "अमेरिका के राष्ट्रपति ने साफ़ कहा था कि ईरान का 10 बिंदुओं वाला प्रस्ताव बातचीत के लिए एक ‘आधार’ है. लेकिन अब तक इस प्रस्ताव के 3 हिस्सों का उल्लंघन हुआ है: ग़ालिबाफ़ ने कहा, "अब जिस प्रस्ताव पर बातचीत होनी थी, उसे बातचीत शुरू होने से पहले ही तोड़ा गया है. ऐसी स्थिति में दोतरफ़ा युद्धविराम या बातचीत करना तर्कसंगत नहीं है." गौरतलब है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने दोनों देशों के प्रतिनिधियों को आगे की बातचीत के लिए 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में आमंत्रित किया है. असम विधानसभा की 126 सीटों के लिए आज सुबह 7 बजे से वोट डाले जा रहे हैं. राज्य की सभी सीटों के लिए एक चरण में ही मतदान हो रहा है. इस बीच चुनाव आयोग ने राज्यभर में मतदान के लिए सुरक्षा व्यवस्था के पुख़्ता इंतज़ाम किए हैं. असम के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनुराग गोयल ने सभी संबंधित पक्षों से दिशानिर्देशों का पालन करने का आग्रह किया और चेतावनी दी कि उल्लंघन करने पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी. असम में इस साल हुए स्पेशल रिवीजन के बाद जो फ़ाइनल वोटर लिस्ट जारी की गई है, जिसमें 2 करोड़ 49 लाख से ज़्यादा वोटर हैं. इस फ़ाइनल वोटर लिस्ट में 1 करोड़ 24 लाख 82 हज़ार 213 पुरुष मतदाता हैं, जबकि 1 करोड़ 24 लाख 75 हज़ार 583 महिला वोटर हैं. इसके अलावा राज्य में 343 थर्ड-जेंडर वोटर भी हैं. राज्य में इस बार का चुनावी मुक़ाबला पार्टी चिन्हों के अलावा मौजूदा मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और कांग्रेस नेता गौरव गोगोई के चेहरे पर लड़ा जा रहा है. सीएम हिमंत बिस्वा सरमा अपनी पुरानी सीट जालुकबाड़ी से चुनाव लड़ रहे हैं, गौरव गोगोई जोरहाट सीट से उम्मीदवार हैं. राज्य में वोटों की गिनती 4 मई 2026 को होगी. ईरान और अमेरिका के बीच हुए युद्धविराम की मध्यस्थता पाकिस्तान ने की. लेकिन इसराइल का कहना है कि पाकिस्तान एक भरोसेमंद प्लेयर नहीं है. भारत में इसराइल के राजदूत रूवेन अज़ार ने एएनआई से बात करते हुए कहा, "हम पाकिस्तान को विश्वसनीय प्लेयर नहीं मानते. मेरा मानना है कि अमेरिका ने अपने कारणों से पाकिस्तान की मदद लेने का फ़ैसला किया है." अज़ार ने कहा, "हमने पहले भी देखा है कि अमेरिका ने कैसे क़तर और तुर्की जैसे देशों को इस्तेमाल करके हमास के साथ समझौता करने में फ़ायदा उठाया है. हमारे लिए यह बहुत ज़रूरी है कि जिस नतीजे पर पहुँचना चाहते हैं, उसमें हम अमेरिका के साथ तालमेल बनाए रखें." दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और फ़ील्ड मार्शल को युद्धविराम के प्रयासों के लिए धन्यवाद दिया था. अमेरिका ने भी पाकिस्तान की ओर से हुई मध्यस्थता की बात स्वीकारी थी. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने भी युद्धविराम का एलान होने पर अमेरिका और ईरान का शुक्रिया अदा किया था. इमेज स्रोत, Morteza Nikoubazl/NurPhoto via Getty Images ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने दक्षिणी ईरान की लावान तेल रिफ़ाइनरी पर हुए हमले की निंदा की है. यह जानकारी सरकारी इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज़ एजेंसी (आईआरएनए) ने दी. सरकारी न्यूज़ एजेंसी ने इसे 'युद्धविराम के कई उल्लंघनों में से एक' बताया. एजेंसी ने आगे कहा, "ईरान हर हमले का सख़्त जवाब देगा." दूसरी तरफ़, लेबनान पर भी हमले जारी हैं. इसराइल ने बुधवार को लेबनान में 10 मिनट के अंदर 100 ठिकानों पर हमला करने का दावा किया. ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर हमले नहीं रुके तो वह जवाबी कार्रवाई करेगा. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि इसराइल उसके ईरान समझौते की शर्तें नहीं तोड़ रहा है. उन्होंने लेबनान की स्थिति को 'अलग झड़प' बताया. गौरतलब है कि पिछले छह हफ़्तों में लेबनान में 1,500 लोग मारे गए हैं, जिनमें 130 बच्चे शामिल हैं. इसके अलावा 10 लाख से ज़्यादा लोग बेघर हो गए हैं. इमेज स्रोत, Sedat Suna/Getty Images ईरान के विदेश मंत्री ने कहा है कि अमेरिका को चुनना होगा कि वह युद्धविराम चाहता है या युद्ध, क्योंकि दोनों एक साथ नहीं हो सकते हैं. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "ईरान-अमेरिका युद्धविराम की शर्तें साफ़ हैं- अमेरिका को चुनना होगा, या तो युद्धविराम या फिर इसराइल के ज़रिए जारी युद्ध. दोनों चीज़ें एक साथ नहीं हो सकतीं." उन्होंने आगे लिखा कि "दुनिया लेबनान में हो रहे क़त्लेआम को देख रही है. अब गेंद अमेरिका के पाले में है, दुनिया देख रही है कि वह अपने वादों पर चलता है या नहीं." गौरतलब है कि सीज़फ़ायर के एलान के बाद इसराइल ने इसका समर्थन किया था. हालांकि, उसने कहा कि युद्धविराम 'लेबनान पर लागू नहीं होता'. वह अब भी लेबनान पर हमलावर है. जबकि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने कहा था कि 'लेबनान में भी युद्धविराम' लागू होगा. इमेज स्रोत, Aaron Schwartz/CNP/Bloomberg via Getty Images अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में नेटो प्रमुख मार्क रुट से मुलाक़ात के बाद नेटो पर निशाना साधा है. ट्रंप ने कहा है कि नेटो ने न तो पहले साथ दिया और न ही आगे देगा. डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए लिखा, "नेटो हमारे साथ तब नहीं था जब हमें उनकी ज़रूरत थी, और अगर हमें फिर ज़रूरत पड़ी तो भी वो हमारे साथ नहीं होंगे. याद रखो ग्रीनलैंड को, वो बड़ा सा, ख़राब तरीक़े से चलाया गया बर्फ़ का टुकड़ा." ट्रंप यहां अपने पुराने बयान का ज़िक्र कर रहे हैं, जिसमें उन्होंने डेनमार्क के इलाक़े ग्रीनलैंड को अमेरिका में शामिल करने की इच्छा जताई थी. इस क़दम का नेटो के कई सहयोगियों ने विरोध किया था. वहीं नेटो प्रमुख मार्क रुट ने सीएनएन को बताया कि उनकी मुलाक़ात खुलकर फ़्रैंक तरीक़े से हुई. उन्होंने कहा कि उन्हें पूरी तरह यक़ीन है कि अमेरिका और इसराइल के ईरान पर हमलों के बाद दुनिया अब ज़्यादा सुरक्षित है. बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा. कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. हमारे पेज पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें. - पश्चिम बंगाल की वोटर लिस्ट से क़रीब 91 लाख नाम हटाए गए, इसका क्या है मतलब - बिहार: तीन साल की बच्ची से रेप के आरोप में दो गिरफ़्तार, 'सूखे नशे' पर भी छिड़ी बहस - ईरान-अमेरिका युद्धविराम में पाकिस्तान की भूमिका पर दुनिया क्या कह रही है? - ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम में क्या चीन का भी रोल है?
स्रोत: BBC Hindi